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स्नातकोतर तक मुफ्त शिक्षा देने की उठाई मांग
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:11 AM IST
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सोनभद्र। स्नातकोत्तर तक मुफ्त शिक्षा देने समेत अन्य मांगों को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल बुधवार को डीएम से मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री के नाम संबोधित नौ सूत्री मांगपत्र सौंपा। मांगों को कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर पूर्ण करने की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष मनोज देव पांडेय ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करते हुए पिछड़ी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण में वर्गीकरण कर पिछड़ा, अति पिछड़ा सर्वाधिक पिछड़ा के नाम से अलग किया जाए। अनुसूचित जाति/जनजाति के आरक्षण में वर्गीकरण कर दलित, अति दलित, महादलित के नाम से वर्गीकरण कर राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का सुधार हो। कोर्ट के आदेशानुसार नौकरशाहों के बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए अनिवार्य किया जाए। कहा कि उत्तर प्रदेश को चार भागों में पूर्वांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमांचल किया जाए, ताकि विकास हो सकें। मांगपत्र देने में विंध्याचल मंडल प्रमुख राकेश सिंह, महासचिव रजनीश चौबे, सर्वेश सिंह, राम लखन शुक्ल, भूषण प्रताप सिंह, सुरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष मनोज देव पांडेय ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करते हुए पिछड़ी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण में वर्गीकरण कर पिछड़ा, अति पिछड़ा सर्वाधिक पिछड़ा के नाम से अलग किया जाए। अनुसूचित जाति/जनजाति के आरक्षण में वर्गीकरण कर दलित, अति दलित, महादलित के नाम से वर्गीकरण कर राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का सुधार हो। कोर्ट के आदेशानुसार नौकरशाहों के बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए अनिवार्य किया जाए। कहा कि उत्तर प्रदेश को चार भागों में पूर्वांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमांचल किया जाए, ताकि विकास हो सकें। मांगपत्र देने में विंध्याचल मंडल प्रमुख राकेश सिंह, महासचिव रजनीश चौबे, सर्वेश सिंह, राम लखन शुक्ल, भूषण प्रताप सिंह, सुरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।
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