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जिले के 112 गांव में मॉडल के रूप में होंगे विकसित
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:33 PM IST
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जिले में मिशन अंत्योदय योजना के तहत चयनित 112 गांवों में विकास कार्य व योजनाओं को परवान चढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए शासन द्वारा दिशा निर्देंश जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने चयनित गांवों को 1000 दिन में सड़क, बिजली, पानी, आवास, शिक्षा आदि से आच्छादित करने का प्लान तैयार किया है।
सूबे के एक छोर पर बसे अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले में 1379 राजस्व गांव है। इनमें से अधिकांश गांवों में विकास कार्यों का अभाव है। नक्सल इलाकों में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि की समस्याएं मुंह बाए खड़ी है। स्कूलों में शिक्षिकों की होने के कारण बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी होने के कारण रोगियों को उपचार के लिए दूर-दूराज स्थित राजकीय अस्पतालों में जाना पड़ रहा। हालांकि वर्ष 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद योगी सरकार ने विकास कार्यों के अभाव का दंश झेल रहे गांवों को मिशन अंत्योदय योजना के तहत चयनित कर उनको मॉडल बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन ने जिला प्रशासन को निर्देशित कर दिया है, ताकि ग्रामीणों की समस्याएं से दूर हो सकें। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी रामश्रय ने कहा कि प्रथम चरण में मिशन अंत्योदय योजना के तहत राबर्ट्सगंज, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी, चतरा और नगवां ब्लॉक के 112 गांवों का चयन किया गया है। चयनित गांवों को एक हजार दिन में पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पात्रों को पीएम आवास, वृद्धा, विधवा पेंशन समेत अन्य योजनाओं को लागू कर मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। कहा कि गांवों में युद्घस्तर पर विकास कार्य कराने की रूपरेखा तैयार की गई है।
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सूबे के एक छोर पर बसे अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले में 1379 राजस्व गांव है। इनमें से अधिकांश गांवों में विकास कार्यों का अभाव है। नक्सल इलाकों में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि की समस्याएं मुंह बाए खड़ी है। स्कूलों में शिक्षिकों की होने के कारण बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी होने के कारण रोगियों को उपचार के लिए दूर-दूराज स्थित राजकीय अस्पतालों में जाना पड़ रहा। हालांकि वर्ष 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद योगी सरकार ने विकास कार्यों के अभाव का दंश झेल रहे गांवों को मिशन अंत्योदय योजना के तहत चयनित कर उनको मॉडल बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन ने जिला प्रशासन को निर्देशित कर दिया है, ताकि ग्रामीणों की समस्याएं से दूर हो सकें। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी रामश्रय ने कहा कि प्रथम चरण में मिशन अंत्योदय योजना के तहत राबर्ट्सगंज, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी, चतरा और नगवां ब्लॉक के 112 गांवों का चयन किया गया है। चयनित गांवों को एक हजार दिन में पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पात्रों को पीएम आवास, वृद्धा, विधवा पेंशन समेत अन्य योजनाओं को लागू कर मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। कहा कि गांवों में युद्घस्तर पर विकास कार्य कराने की रूपरेखा तैयार की गई है।
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