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Sonebhadra News: दो महीने में आग की 134 घटनाएं
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सोनभद्र। खेतों के ऊपर से गुजरे बिजली के जर्जर तार किसानों के लिए इस साल भी समस्या बने रहे। झूल रहे तारों के आपस में चिपक जाने और फॉल्ट से निकली चिंगारी फसल पर गिरने से सैकड़ों बीघा फसल राख हो चुकी है। इस साल सिर्फ अप्रैल में ही आग की 112 से ज्यादा घटनाएं हुईं। इसमें सबसे ज्यादा फसलों को ही क्षति पहुंची है। दो माह में आग की 134 घटनाएं हो चुकी हैं।
जिले के विभिन्न इलाकों में दशकों पुराने खंभों और जर्जर तारोंं के भरोसे बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिले में नगवां, चतरा, रामगढ़, केकराही, करमा, नई बाजार, घोरावल, शाहगंज, इमलीपुर, रानीतारा, सरंगा, शाहगंज सहित अन्य इलाकों में हाईटेंशन तार फसलों के लिए अभिशाप बने हुए हैं।
तार जर्जर हैं, जो अक्सर टूट जाते हैं। कई बार शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी फसलों को नष्ट कर रही है। हर साल की तरह इस बार भी बिजली के जर्जर तारों के कारण सैकड़ों बीघा गेहूं सहित अन्य फसल जलकर नष्ट हो गई। पिछले साल मार्च से अप्रैल के बीच आग की कुल 98 घटनाएं सामने आई थीं। इसमें लोगों ने फायर बिग्रेड की टीम की मदद ली। इस बार यह आंकड़ा बढ़ गया है। इस साल राॅबर्ट्सगंज व घोरावल तहसील क्षेत्र में मार्च में कुल 32 स्थानों पर आग लगी। वहीं, अप्रैल में राबर्ट्सगंज क्षेत्र में 56 और घोरावल में आग की 24 घटनाएं हुई। इनमें से करीब 100 घटनाएं फसलों में आग की रहीं। इसमें किसानों की फसलें राख हुईं। अप्रैल में चोपन में 22 घटनाएं हुई। आधी घटनाएं फसल जलने की रहीं। इसके अतिरिक्त कई ऐसी घटनाएं भी रहीं, जिसमें लोगों ने खुद से आग पर नियंत्रण किया। ये वे किसान हैं, जिनमें किसी को फसल के पैसे से बेटी की शादी तो किसी को इलाज की उम्मीद थी। किसी का मकान बनाना था। किसी को लाेन की किस्त देनी है। अब उनके लिए परेशानी खड़ी हो गई है। दुद्धी में अप्रैल में 38 घटनाएं हुईं। हालांकि ये घटनाएं जंगल में महुआ बीनने के लिए लगाई गई आग और अन्य से जुड़ी रहीं।
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अप्रैल में राॅबर्ट्सगंज क्षेत्र में 56 और घोरावल में आग की 24 घटनाएं हुईं। इनमें ज्यादातर शिकायतें फसलों के जलने की रहीं। कई मामलों में टीम ने समय पर कार्रवाई करते हुए नुकसान को कम किया है। - करन कुमार, प्रभारी अग्निशमन।
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जिले के विभिन्न इलाकों में दशकों पुराने खंभों और जर्जर तारोंं के भरोसे बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिले में नगवां, चतरा, रामगढ़, केकराही, करमा, नई बाजार, घोरावल, शाहगंज, इमलीपुर, रानीतारा, सरंगा, शाहगंज सहित अन्य इलाकों में हाईटेंशन तार फसलों के लिए अभिशाप बने हुए हैं।
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तार जर्जर हैं, जो अक्सर टूट जाते हैं। कई बार शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी फसलों को नष्ट कर रही है। हर साल की तरह इस बार भी बिजली के जर्जर तारों के कारण सैकड़ों बीघा गेहूं सहित अन्य फसल जलकर नष्ट हो गई। पिछले साल मार्च से अप्रैल के बीच आग की कुल 98 घटनाएं सामने आई थीं। इसमें लोगों ने फायर बिग्रेड की टीम की मदद ली। इस बार यह आंकड़ा बढ़ गया है। इस साल राॅबर्ट्सगंज व घोरावल तहसील क्षेत्र में मार्च में कुल 32 स्थानों पर आग लगी। वहीं, अप्रैल में राबर्ट्सगंज क्षेत्र में 56 और घोरावल में आग की 24 घटनाएं हुई। इनमें से करीब 100 घटनाएं फसलों में आग की रहीं। इसमें किसानों की फसलें राख हुईं। अप्रैल में चोपन में 22 घटनाएं हुई। आधी घटनाएं फसल जलने की रहीं। इसके अतिरिक्त कई ऐसी घटनाएं भी रहीं, जिसमें लोगों ने खुद से आग पर नियंत्रण किया। ये वे किसान हैं, जिनमें किसी को फसल के पैसे से बेटी की शादी तो किसी को इलाज की उम्मीद थी। किसी का मकान बनाना था। किसी को लाेन की किस्त देनी है। अब उनके लिए परेशानी खड़ी हो गई है। दुद्धी में अप्रैल में 38 घटनाएं हुईं। हालांकि ये घटनाएं जंगल में महुआ बीनने के लिए लगाई गई आग और अन्य से जुड़ी रहीं।
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अप्रैल में राॅबर्ट्सगंज क्षेत्र में 56 और घोरावल में आग की 24 घटनाएं हुईं। इनमें ज्यादातर शिकायतें फसलों के जलने की रहीं। कई मामलों में टीम ने समय पर कार्रवाई करते हुए नुकसान को कम किया है। - करन कुमार, प्रभारी अग्निशमन।