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श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का किया मानमर्दन
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अनपरा। हिंडालको रेणुसागर पावर डिवीजन आवासीय परिसर स्थित रामलीला मैदान में सोमवार की रात रासलीला का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक सुरक्षा (सेवानिवृत्त कर्नल) अमित कंसल ने सपत्नीक राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना और आरती उतारकर मंचन का शुभारंभ किया।
व्यास दीनदयाल और उनकी टीम ने कालिया नाग के मर्दन का मार्मिक और भाव विह्वल मंचन किया। यमुना नदी में कालिया नाग के रहने से उसका जल विषैला हो गया। ब्रज वासियों ने डर के मारे उधर जाना छोड़ दिया। उधर, कंस नंद के लाडले कृष्ण और बलराम के मारने की योजना बनाने में लगा हुआ था। उसने नंद के यहां यमुना नदी से कन्हैया के हाथों एक करोड़ कमल का फूल भिजवाने का संदेश भेजा। कन्हैया अपने बाल सखाओं के साथ यमुना के तट पर गए। वहां वह कुछ देर के लिए खेलने लगे। इसी दौरान गेंद यमुना में चला गया। जिसे लाने के लिए वह नदी में कूद पड़े। काफी देर बाद भी बाहर नहीं निकले तो सभी ग्वाल-बाल भागे-भागे नंद और यशोदा मैया के पास के पहुंचे और सारी बात बताई। मैया दौड़ी-दौड़ी नदी के तट पर पहुंची। उन्हें आते देख सारे ब्रजवासी भी तट की ओर दौड़ पड़े। इधर, भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का मानमर्दन कर उसे नाथ दिया और जीवन दान देते हुए यहां से चले जाने का आदेश दिया। यमुना नदी से कन्हैया को सकुशल बाहर आया देख व्रजवासी खुशी से झूम उठे। आयोजन में हेड औद्योगिक संबंध आकाश खत्री, उप प्रबंधक संतोष सिंह ने का सहयोग सराहनीय रहा।
व्यास दीनदयाल और उनकी टीम ने कालिया नाग के मर्दन का मार्मिक और भाव विह्वल मंचन किया। यमुना नदी में कालिया नाग के रहने से उसका जल विषैला हो गया। ब्रज वासियों ने डर के मारे उधर जाना छोड़ दिया। उधर, कंस नंद के लाडले कृष्ण और बलराम के मारने की योजना बनाने में लगा हुआ था। उसने नंद के यहां यमुना नदी से कन्हैया के हाथों एक करोड़ कमल का फूल भिजवाने का संदेश भेजा। कन्हैया अपने बाल सखाओं के साथ यमुना के तट पर गए। वहां वह कुछ देर के लिए खेलने लगे। इसी दौरान गेंद यमुना में चला गया। जिसे लाने के लिए वह नदी में कूद पड़े। काफी देर बाद भी बाहर नहीं निकले तो सभी ग्वाल-बाल भागे-भागे नंद और यशोदा मैया के पास के पहुंचे और सारी बात बताई। मैया दौड़ी-दौड़ी नदी के तट पर पहुंची। उन्हें आते देख सारे ब्रजवासी भी तट की ओर दौड़ पड़े। इधर, भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का मानमर्दन कर उसे नाथ दिया और जीवन दान देते हुए यहां से चले जाने का आदेश दिया। यमुना नदी से कन्हैया को सकुशल बाहर आया देख व्रजवासी खुशी से झूम उठे। आयोजन में हेड औद्योगिक संबंध आकाश खत्री, उप प्रबंधक संतोष सिंह ने का सहयोग सराहनीय रहा।
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