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बभनी के 11 गांवों में जमकर खेली गई होली
Updated Thu, 01 Mar 2018 08:36 PM IST
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बभनी (सोनभद्र)। ब्लॉक क्षेत्र के 11 गांवों में गुरुवार को जमकर होली खेली गई। इन गांवों में होली का त्योहार एक दिन पहले ही आदिवासी लोग मनाते हैं। यह परम्परा सदियों से चली आ रही है। बुधवार को होलिका दहन करने के बाद गुरुवार को जमकर लोगों ने रंगारंग होली खेली।
ब्लॉक क्षेत्र के सतबहनी, कनवा, अधौरा, सेवढ़ीटोला, जौराही, बैना, चौना, घघरा, चैनपुर, आसनडीह एवं मचबंधवा गांवों में बुधवार को एक दिन पहले ही आदिवासी भाइयों ने होलिका दहन किया। गुरुवार को सुबह से ही बच्चे रंग घोलकर लोगों को डालना शुरू कर दिया। यहां एक दिन पहले ही होली का त्योहार मना लिया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। जिसका निर्वहन आज भी लोग कर रहे हैं। गांव के रामबरन सिंह गोंड़, लक्ष्मी प्रसाद, गुलाब, विनोद कुमार ने बताया कि पहले हम लोगों के पूर्वज भी एक साथ होली का त्योहार मनाते थे, लेकिन अचानक होली के दिन ही कोई घटना घटित हो गई। तब से हम लोगों के यहां होली का त्योहार एक दिन पहले ही मना लिया जाता है। इस परंपरा का निर्वहन हमलोग करते चले आ रहे हैं। होलिका की धूल उड़ाने के लिए सभी लोग बाजा-गाजा के साथ मानर और घुंघरू के साथ नाचते गाते पहुंचे और होली गीत गाया। सौहार्द पूर्वक एक-दूसरे को रंग लगाते हुए होली का त्योहार मनाया।
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ब्लॉक क्षेत्र के सतबहनी, कनवा, अधौरा, सेवढ़ीटोला, जौराही, बैना, चौना, घघरा, चैनपुर, आसनडीह एवं मचबंधवा गांवों में बुधवार को एक दिन पहले ही आदिवासी भाइयों ने होलिका दहन किया। गुरुवार को सुबह से ही बच्चे रंग घोलकर लोगों को डालना शुरू कर दिया। यहां एक दिन पहले ही होली का त्योहार मना लिया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। जिसका निर्वहन आज भी लोग कर रहे हैं। गांव के रामबरन सिंह गोंड़, लक्ष्मी प्रसाद, गुलाब, विनोद कुमार ने बताया कि पहले हम लोगों के पूर्वज भी एक साथ होली का त्योहार मनाते थे, लेकिन अचानक होली के दिन ही कोई घटना घटित हो गई। तब से हम लोगों के यहां होली का त्योहार एक दिन पहले ही मना लिया जाता है। इस परंपरा का निर्वहन हमलोग करते चले आ रहे हैं। होलिका की धूल उड़ाने के लिए सभी लोग बाजा-गाजा के साथ मानर और घुंघरू के साथ नाचते गाते पहुंचे और होली गीत गाया। सौहार्द पूर्वक एक-दूसरे को रंग लगाते हुए होली का त्योहार मनाया।
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