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निरस्त किए जाएंगे जिले के 1190 अंत्योदय कार्ड
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सोनभद्र। जिले में राशनकार्डों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। प्रथम चरण में अंत्योदय योजना के कार्ड का सत्यापन हुआ। जिसमें पता चला कि एक हजार एक सौ 90 कार्ड ऐसे है जो निरस्त करने योग्य है। उनमें अधिकांश मृतकों के कार्ड या फिर गरीबी रेखा के ऊपर के लोग शामिल है। उनके कार्ड निरस्त कर नए सिरे से पात्रों का कार्ड बनाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
आपूर्ति विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो राबट्र्सगंज, चतरा, नगवा, घोरावल, करमा, चोपन, दुद्वी, कोन, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक में वर्तमान में 790 कोटे की दुकानें संचालित हो रही है। इसमें 60 शहरी क्षेत्रों और 740 ग्रामीण इलाकों में वितरण प्रणाली की दुकानें है। जिले में 60 हजार पांच सौ 58 अंत्योदय और करीब तीन लाख 50 हजार पात्र गृहस्थी के कार्ड धारक हैं। कुछ माह पूर्व डीएम को शिकायत प्राप्त हुई थी कि हजारों की संख्या में अपात्रों का राशन कार्ड बनाया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों के राशन कार्डों और नगरीय क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारियों को राशन कार्डों का सत्यापन कराकर रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है। अभी तक अंत्योदय कार्डों के सत्यापन का कार्य पूर्ण हुआ है, जिसमें 1190 लोगों के कार्ड निरस्त करने की रिपोर्ट तैयार की गई है। इनमें अधिकांश मृ़तकों के कार्ड है। उन लोगों केे भी अंत्योदय कार्ड निरस्त होंगे जो गरीबी रेखा से ऊपर हो गए हैं। वहीं पात्र गृहस्थी के राशनकार्डों का सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। फरवरी के अंत तक सभी कार्डों का सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
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वर्जन
जिले में राशनकार्डों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। प्रथम चरण में अंत्योदय योजना के कार्ड का सत्यापन हुआ। जिसमें एक हजार एक सौ 90 कार्डो को निरस्त करने की रिपोर्ट प्राप्त हुुई है। जिसमें अधिकांश मृतकों या वर्तमान में गरीबी रेखा के ऊपर हो चुके लोगों के कार्ड है। उनके कार्ड निरस्त कर नए सिरे से पात्रों का चयन कर कार्ड बनाने की कार्यवाही शुरू करने की तैयारी है।
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डॉ. राकेश तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी, सोनभद्र।
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आपूर्ति विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो राबट्र्सगंज, चतरा, नगवा, घोरावल, करमा, चोपन, दुद्वी, कोन, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक में वर्तमान में 790 कोटे की दुकानें संचालित हो रही है। इसमें 60 शहरी क्षेत्रों और 740 ग्रामीण इलाकों में वितरण प्रणाली की दुकानें है। जिले में 60 हजार पांच सौ 58 अंत्योदय और करीब तीन लाख 50 हजार पात्र गृहस्थी के कार्ड धारक हैं। कुछ माह पूर्व डीएम को शिकायत प्राप्त हुई थी कि हजारों की संख्या में अपात्रों का राशन कार्ड बनाया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों के राशन कार्डों और नगरीय क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारियों को राशन कार्डों का सत्यापन कराकर रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है। अभी तक अंत्योदय कार्डों के सत्यापन का कार्य पूर्ण हुआ है, जिसमें 1190 लोगों के कार्ड निरस्त करने की रिपोर्ट तैयार की गई है। इनमें अधिकांश मृ़तकों के कार्ड है। उन लोगों केे भी अंत्योदय कार्ड निरस्त होंगे जो गरीबी रेखा से ऊपर हो गए हैं। वहीं पात्र गृहस्थी के राशनकार्डों का सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। फरवरी के अंत तक सभी कार्डों का सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
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वर्जन
जिले में राशनकार्डों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। प्रथम चरण में अंत्योदय योजना के कार्ड का सत्यापन हुआ। जिसमें एक हजार एक सौ 90 कार्डो को निरस्त करने की रिपोर्ट प्राप्त हुुई है। जिसमें अधिकांश मृतकों या वर्तमान में गरीबी रेखा के ऊपर हो चुके लोगों के कार्ड है। उनके कार्ड निरस्त कर नए सिरे से पात्रों का चयन कर कार्ड बनाने की कार्यवाही शुरू करने की तैयारी है।
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डॉ. राकेश तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी, सोनभद्र।