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कामगारों को रोजगार देने की मांग को लेकर प्रदर्शन
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:21 PM IST
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ओबरा (सोनभद्र)। भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के कार्यकताओं ने रविवार को गांधी मैदान में प्रदर्शन कर कामगारों को रोजगार न देने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। परियोजना प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेताया कि यदि रोजगार नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
इसके पूर्व गांधी मैदान में हुई बैठक में अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने कहा कि परियोजना के उच्च अधिकारी दोहरी नीति को बढ़ावा देकर जरुरतमंद कामगारों को काम नहीं मुहैया करा रहे हैं। बल्कि मनमाने तरीके से गैर मजदूर संगठनों के लोगों को किसी दबाव वश लेकर मजदूर संगठन से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। सुशील मिश्रा संग्राम ने कहा कि मजदूर अब जागरुक हो चुका है। अपने अधिकार के लिए संघर्ष करेगा चाहे आरपार की लड़ाई ही क्यों न लड़नी पड़े। परियोजना प्रशासन द्वारा दिए गए संभावित आश्वासन झूठे साबित हुए जिससे मजदूर उग्र प्रर्दशन कर रोजगार की मांग ऊर्जा मंत्रालय से करेगा। रणजीत तिवारी ने कहा कि परियोजना में विभिन्न खंडों में कार्यरत कामगारों को कई माह पूर्व कार्यमुक्त करने के बावजूद श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली आर्थिक व्यवस्थाएं लागू नहीं की गई हैं जिससे श्रमिक दरबदर भटकने को विवश हैं। इस दौरान सुनील जायसवाल, आसिफ खां, परवेज अहमद, गोपाल यादव, जय शुक्ला, रवि बग्गा, प्रशांत सोनी, जयशंकर पाठक, दीनानाथ चंद्रवंशी, सुरेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता मौजूद रहे। बैठक का संचालन ओमप्रकाश अंबर ने किया।
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इसके पूर्व गांधी मैदान में हुई बैठक में अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने कहा कि परियोजना के उच्च अधिकारी दोहरी नीति को बढ़ावा देकर जरुरतमंद कामगारों को काम नहीं मुहैया करा रहे हैं। बल्कि मनमाने तरीके से गैर मजदूर संगठनों के लोगों को किसी दबाव वश लेकर मजदूर संगठन से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। सुशील मिश्रा संग्राम ने कहा कि मजदूर अब जागरुक हो चुका है। अपने अधिकार के लिए संघर्ष करेगा चाहे आरपार की लड़ाई ही क्यों न लड़नी पड़े। परियोजना प्रशासन द्वारा दिए गए संभावित आश्वासन झूठे साबित हुए जिससे मजदूर उग्र प्रर्दशन कर रोजगार की मांग ऊर्जा मंत्रालय से करेगा। रणजीत तिवारी ने कहा कि परियोजना में विभिन्न खंडों में कार्यरत कामगारों को कई माह पूर्व कार्यमुक्त करने के बावजूद श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली आर्थिक व्यवस्थाएं लागू नहीं की गई हैं जिससे श्रमिक दरबदर भटकने को विवश हैं। इस दौरान सुनील जायसवाल, आसिफ खां, परवेज अहमद, गोपाल यादव, जय शुक्ला, रवि बग्गा, प्रशांत सोनी, जयशंकर पाठक, दीनानाथ चंद्रवंशी, सुरेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता मौजूद रहे। बैठक का संचालन ओमप्रकाश अंबर ने किया।
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