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47 हजार हेक्टेयर खेतों में रबी की नहीं हुई बुआई
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:29 PM IST
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सोनभद्र। शासन ने जिला प्रशासन को जिले में वर्ष 2017-18 में करीब 1.4 लाख हेक्टेयर खेतों में रबी फसल की बुआई कराने का लक्ष्य दिया था। लेकिन जरूरत के अनुसार बारिश न होने के कारण लक्ष्य के सापेक्ष महज 57 हजार हेक्टेयर खेतों की ही बुआई हो सकी है। लगभग 48 हजार हेक्टेयर खेत परती हैं।
जिला कृषि अधिकारी पियूष राय ने बताया कि शासन ने वर्ष 2017-18 में रबी खेती कराने के लिए करीब एक लाख चार हेक्टेयर का लक्ष्य दिया था। जिसमें लगभग 56 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बुआई करनी थी। शेष भूमि में मटर, मसूर, चना, सरसो, जौ आदि की बुआई करनी थी, लेकिन राबट्र्सगंज, घोरावल व घोरावल तहसील क्षेत्रं में आवश्यकतानुसार बरसात न होने के कारण अधिकांश किसान अपने पूरे खेतों की बुआई नहीं कर सकेें है। उन्होंने बताया कि 1.4 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष करीब 57 हजार हेक्टेयर खेतों में रबी के फसलों की बुआई हुई है। लगभग 47 हजार हेक्टेयर खेत परती पड़े हुए है। इसकी रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि जरूरत के अनुसार वर्षा न होने की वजह से लक्ष्य के अनुसार रबी की खेती नहीं हो सकी। कहा कि तीनों तहसीलों के एसडीएम और कृषि अधिकारी के रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद शासन को जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए रिपोर्ट भेज दिया गया है।
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जिला कृषि अधिकारी पियूष राय ने बताया कि शासन ने वर्ष 2017-18 में रबी खेती कराने के लिए करीब एक लाख चार हेक्टेयर का लक्ष्य दिया था। जिसमें लगभग 56 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बुआई करनी थी। शेष भूमि में मटर, मसूर, चना, सरसो, जौ आदि की बुआई करनी थी, लेकिन राबट्र्सगंज, घोरावल व घोरावल तहसील क्षेत्रं में आवश्यकतानुसार बरसात न होने के कारण अधिकांश किसान अपने पूरे खेतों की बुआई नहीं कर सकेें है। उन्होंने बताया कि 1.4 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष करीब 57 हजार हेक्टेयर खेतों में रबी के फसलों की बुआई हुई है। लगभग 47 हजार हेक्टेयर खेत परती पड़े हुए है। इसकी रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि जरूरत के अनुसार वर्षा न होने की वजह से लक्ष्य के अनुसार रबी की खेती नहीं हो सकी। कहा कि तीनों तहसीलों के एसडीएम और कृषि अधिकारी के रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद शासन को जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए रिपोर्ट भेज दिया गया है।
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