{"_id":"5f020f918ebc3e42c3175192","slug":"worship-lord-bholenath-at-home-sitapur-news-lko5293408128","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर पर ही करें भगवान भोलेनाथ की आराधना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर पर ही करें भगवान भोलेनाथ की आराधना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। पवित्र सावन माह का आज से शुभारंभ होगा। सावन के पहले दिन सोमवार होना भी अद्भुत संयोग है। मगर कोरोना काल में इस सावन में भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ ही सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी श्रद्धालुओं को करना है। अबकी बार सामूहिक आयोजनों तथा कांवड़ यात्रा पर रोक है। जिला प्रशासन व पुलिस ने घरों में ही रहकर पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने का आह्वान शिव भक्तों से किया है।
जिले के प्रमुख शिवालयों के प्रबंधक व पुजारियों ने भी कोविड-19 प्रोटोकाल का ख्याल रखते हुए पूजा-पाठ करने की बात कही है। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी और पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने संयुक्त अपील में कहा है कि वर्तमान समय में कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में कांवड़ यात्रा का आयोजन न करें।
कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए ये पावन पर्व अपने घरों में ही भगवान शिव की पूजा-अर्चना तथा जलाभिषेक करके मनाएं। हमें ध्यान रखना चाहिए कि जीवन रक्षा सर्वोपरि है। यदि आप स्वस्थ रहेंगे तो आपका परिवार व समाज स्वस्थ रहेगा। इस मुश्किल दौर में कोरोना से बचाव के लिए सावधानी व सतर्कता ही एकमात्र उपाय है।
विज्ञापन
यूं तो पूरे सावन माह आस्था की प्रमुख नगरी नैमिषारण्य में शिव भक्तों का तांता लगा रहता था। सावन के प्रथम सोमवार के दिन तो शिव भक्तों और कांवड़ियों के बम-बम भोले के जयकारों से पूरा तीर्थ निहाल रहता था। देवदेवेश्वर मंदिर का वातावरण सावन भर रामचरित मानस के अखंड पाठ, रुद्राभिषेक, शिव पुराण, भागवत एवं रामकथा से भक्तिमय बना रहता था। मगर इस बार कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते शासन-प्रशासन ने कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं दी है।
मंदिरों में मूर्ति व घंटे को स्पर्श करने, जलाभिषेक पर भी पाबंदी लगा दी गई है। मिश्रिख एसडीएम राजीव पांडेय ने बताया कि पूरे सावन माह कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं रहेगी। वहीं, सोमवार को तीर्थ के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं की भीड़ को रोका जाएगा। मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने की अनुमति नहीं रहेगी। ऐसे में श्रद्धालु अपने घर में ही भगवान को जलाभिषेक और पूजन करें। जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है।
देवदेवेश्वर मंदिर के प्रबंधक लालता प्रसाद सैनी ने शिवभक्तों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है। क्योंकि देशभर में कोरोना का संक्रमण दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। अत: इस बार श्रद्धालु अपने घरों में ही शिव आराधना कर पुण्य अर्जित करें।
भूतेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी राजनारायण पांडेय ने कहा कि, श्रद्धा पूर्वक भगवान का मानसिक स्मरण भी हमारा कल्याण करता है। जीवन अमूल्य है अत: इस सावन अपने घरों में रहकर ही भूत भावन भगवान शिव का ध्यान और पूजन करें। बाहर निकलें भी तो सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें।
सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के प्रधान आचार्य पंडित सदानंद द्विवेदी कहते हैं कि प्रतिवर्ष सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन व अभिषेक करने आते हैं। मगर इस बार कोरोना के प्रभाव के कारण प्रशासन द्वारा सावन मास में कांवड़ यात्रा और वृहद पूजापाठ पर प्रतिबंध लगाया गया है। हम सभी शिव भक्तों से अनुरोध करते हैं समाज, प्रदेश व देश को सुरक्षित रखने में सहयोग करते हुए अपने घरों में ही पूजापाठ करें।
काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रबंधक छक्कूलाल शास्त्री ने कहा कोरोना का दुष्प्रभाव इंसानी जिंदगियों के साथ ही सभी व्रत, त्योहार व सामाजिक अवसरों पर भी पड़ा है। इस सावन सभी भक्त शिव जी में पूर्ण आस्था व भक्ति रखते हुए घर में ही रहकर कोविड 19 गाइडलाइन का पालन करते हुए पूजापाठ, व्रत व अनुष्ठान करें और अपना देशधर्म निभाएं।
महामृत्युंजय पीठ के संस्थापक रमेश चंद्र शास्त्री कहते हैं शिव जी सभी विपत्तियों का नाश करने वाले भक्तवत्सल देव हैं। वो निश्चित ही इन कठिन घड़ी में हम सभी का कल्याण मंगल करेंगे। अत: उन पर पूर्ण विश्वास रखते हुए इस बार सावन मास में हम सभी प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का निर्वहन करना सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में नियम कानून न तोड़ें और स्वस्थ समाज व स्वस्थ देश की परिकल्पना को साकार करें।
विज्ञापन
जिले के प्रमुख शिवालयों के प्रबंधक व पुजारियों ने भी कोविड-19 प्रोटोकाल का ख्याल रखते हुए पूजा-पाठ करने की बात कही है। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी और पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने संयुक्त अपील में कहा है कि वर्तमान समय में कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में कांवड़ यात्रा का आयोजन न करें।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए ये पावन पर्व अपने घरों में ही भगवान शिव की पूजा-अर्चना तथा जलाभिषेक करके मनाएं। हमें ध्यान रखना चाहिए कि जीवन रक्षा सर्वोपरि है। यदि आप स्वस्थ रहेंगे तो आपका परिवार व समाज स्वस्थ रहेगा। इस मुश्किल दौर में कोरोना से बचाव के लिए सावधानी व सतर्कता ही एकमात्र उपाय है।
विज्ञापन
यूं तो पूरे सावन माह आस्था की प्रमुख नगरी नैमिषारण्य में शिव भक्तों का तांता लगा रहता था। सावन के प्रथम सोमवार के दिन तो शिव भक्तों और कांवड़ियों के बम-बम भोले के जयकारों से पूरा तीर्थ निहाल रहता था। देवदेवेश्वर मंदिर का वातावरण सावन भर रामचरित मानस के अखंड पाठ, रुद्राभिषेक, शिव पुराण, भागवत एवं रामकथा से भक्तिमय बना रहता था। मगर इस बार कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते शासन-प्रशासन ने कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं दी है।
मंदिरों में मूर्ति व घंटे को स्पर्श करने, जलाभिषेक पर भी पाबंदी लगा दी गई है। मिश्रिख एसडीएम राजीव पांडेय ने बताया कि पूरे सावन माह कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं रहेगी। वहीं, सोमवार को तीर्थ के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं की भीड़ को रोका जाएगा। मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने की अनुमति नहीं रहेगी। ऐसे में श्रद्धालु अपने घर में ही भगवान को जलाभिषेक और पूजन करें। जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है।
देवदेवेश्वर मंदिर के प्रबंधक लालता प्रसाद सैनी ने शिवभक्तों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है। क्योंकि देशभर में कोरोना का संक्रमण दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। अत: इस बार श्रद्धालु अपने घरों में ही शिव आराधना कर पुण्य अर्जित करें।
भूतेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी राजनारायण पांडेय ने कहा कि, श्रद्धा पूर्वक भगवान का मानसिक स्मरण भी हमारा कल्याण करता है। जीवन अमूल्य है अत: इस सावन अपने घरों में रहकर ही भूत भावन भगवान शिव का ध्यान और पूजन करें। बाहर निकलें भी तो सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें।
सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के प्रधान आचार्य पंडित सदानंद द्विवेदी कहते हैं कि प्रतिवर्ष सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन व अभिषेक करने आते हैं। मगर इस बार कोरोना के प्रभाव के कारण प्रशासन द्वारा सावन मास में कांवड़ यात्रा और वृहद पूजापाठ पर प्रतिबंध लगाया गया है। हम सभी शिव भक्तों से अनुरोध करते हैं समाज, प्रदेश व देश को सुरक्षित रखने में सहयोग करते हुए अपने घरों में ही पूजापाठ करें।
काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रबंधक छक्कूलाल शास्त्री ने कहा कोरोना का दुष्प्रभाव इंसानी जिंदगियों के साथ ही सभी व्रत, त्योहार व सामाजिक अवसरों पर भी पड़ा है। इस सावन सभी भक्त शिव जी में पूर्ण आस्था व भक्ति रखते हुए घर में ही रहकर कोविड 19 गाइडलाइन का पालन करते हुए पूजापाठ, व्रत व अनुष्ठान करें और अपना देशधर्म निभाएं।
महामृत्युंजय पीठ के संस्थापक रमेश चंद्र शास्त्री कहते हैं शिव जी सभी विपत्तियों का नाश करने वाले भक्तवत्सल देव हैं। वो निश्चित ही इन कठिन घड़ी में हम सभी का कल्याण मंगल करेंगे। अत: उन पर पूर्ण विश्वास रखते हुए इस बार सावन मास में हम सभी प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का निर्वहन करना सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में नियम कानून न तोड़ें और स्वस्थ समाज व स्वस्थ देश की परिकल्पना को साकार करें।