{"_id":"5d24d9af8ebc3e6cfe43ab0e","slug":"water-suplly-plan-stopped-sitapur-news-lko4698029191","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में लोगों को ‘अमृत’ मिलना अभी मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में लोगों को ‘अमृत’ मिलना अभी मुश्किल
विज्ञापन
सीतापुर। शहर में लोगों को शुद्ध पेयजल मिलना अभी दूर की कौड़ी है। कारण, अमृत योजना के तहत शहर में 140 किलोमीटर नई व पुरानी पाइप लाइन बदली जानी है। नए नलकूप व टैंक बनाए जाने है। लेकिन शहर के पांच जोन में नलकूप के लिए जमीन ही नहीं मिल रही है।
इससे इस योजना काम अधर में लटका गया है। जल निगम ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। केंद्र सरकार की तरफ से अमृत योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत सीतापुर नगर पालिका का चयन हुआ था। इस योजना में पेयजल, सीवर व पार्कों की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
पेयजल योजना में पाइप लाइन का विस्तार कर पुरानी लाइन बदली जाएगी। इसमें 70 किलोमीटर नई लाइन बिछेगी व इतनी ही पुरानी व जर्जर बदली जाएगी। पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। शहर को दो फेज में बांटा गया है। प्रत्येक फेज में नए नलकूप लगाकर टैंक बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
इन नलकूपों के जरिये पानी की सप्लाई की जाएगी। शहर में जमीन इस योजना में रोड़ा अटका रही है। इससे नलकूप नहीं लग पा रहे है। इससे योजना का काम सुस्त पड़ गया है। जल निगम का कहना है कि जब पाइप लाइन पड़ रही है तो जमीन मिलने पर तत्काल नलकूप का काम शुरू कर दी जाए तो जल्द ही शहरवासियों को पेयजल मिलने लगेगा।
जमीन न मिलने के कारण नलकूप की कवायद ठप पड़ी है। इससे अमृत योजना के क्रियान्वयन में विलंब हो रहा है। इसके कारण शहरवासियों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
52 किलोमीटर बिछ गई पाइपलाइन
अमृत योजना के तहत पहले चरण में 10 करोड़ रुपये का बजट आया था। इससे पाइप लाइन बिछाने व नलकूप लगाने का काम चल रहा है।
जल निगम के मुताबिक अब तक 52 किलोमीटर नई लाइन बिछाई जा चुकी है। यह लाइन वहां पर बिछाई गई है, जहां पर कोई समस्या नहीं है। जहां पर अतिक्रमण है, वहां पर बाद में बिछाई जाएगी। लोहारबाग व मिरदही टोला में नलकूप लगाने का काम चल रहा है।
यहां नहीं मिल रही जमीन
पेयजल पुनर्गठन योजना के फेज प्रथम के जोन प्रथम में मुंशीगंज, जोन द्वितीय ए में धोबियाना, कोहना पुलिस चौकी, जोन द्वितीय में लक्ष्मनपुर व नवीन चौक शामिल है। इसी प्रकार फेज द्वितीय के जोन छह स्वरूप नगर, ग्वालमंडी, जोन आठ लोनियनपुरवा व हेमपुरवा शामिल है। इन जगहों पर नलकूप के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन
इससे इस योजना काम अधर में लटका गया है। जल निगम ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। केंद्र सरकार की तरफ से अमृत योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत सीतापुर नगर पालिका का चयन हुआ था। इस योजना में पेयजल, सीवर व पार्कों की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
विज्ञापन
पेयजल योजना में पाइप लाइन का विस्तार कर पुरानी लाइन बदली जाएगी। इसमें 70 किलोमीटर नई लाइन बिछेगी व इतनी ही पुरानी व जर्जर बदली जाएगी। पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। शहर को दो फेज में बांटा गया है। प्रत्येक फेज में नए नलकूप लगाकर टैंक बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
इन नलकूपों के जरिये पानी की सप्लाई की जाएगी। शहर में जमीन इस योजना में रोड़ा अटका रही है। इससे नलकूप नहीं लग पा रहे है। इससे योजना का काम सुस्त पड़ गया है। जल निगम का कहना है कि जब पाइप लाइन पड़ रही है तो जमीन मिलने पर तत्काल नलकूप का काम शुरू कर दी जाए तो जल्द ही शहरवासियों को पेयजल मिलने लगेगा।
जमीन न मिलने के कारण नलकूप की कवायद ठप पड़ी है। इससे अमृत योजना के क्रियान्वयन में विलंब हो रहा है। इसके कारण शहरवासियों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
52 किलोमीटर बिछ गई पाइपलाइन
अमृत योजना के तहत पहले चरण में 10 करोड़ रुपये का बजट आया था। इससे पाइप लाइन बिछाने व नलकूप लगाने का काम चल रहा है।
जल निगम के मुताबिक अब तक 52 किलोमीटर नई लाइन बिछाई जा चुकी है। यह लाइन वहां पर बिछाई गई है, जहां पर कोई समस्या नहीं है। जहां पर अतिक्रमण है, वहां पर बाद में बिछाई जाएगी। लोहारबाग व मिरदही टोला में नलकूप लगाने का काम चल रहा है।
यहां नहीं मिल रही जमीन
पेयजल पुनर्गठन योजना के फेज प्रथम के जोन प्रथम में मुंशीगंज, जोन द्वितीय ए में धोबियाना, कोहना पुलिस चौकी, जोन द्वितीय में लक्ष्मनपुर व नवीन चौक शामिल है। इसी प्रकार फेज द्वितीय के जोन छह स्वरूप नगर, ग्वालमंडी, जोन आठ लोनियनपुरवा व हेमपुरवा शामिल है। इन जगहों पर नलकूप के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है।