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जलस्तर घटा पर समस्याएं जस की तस
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रेउसा क्षेत्र के पासिनपुरवा गांव में भरा बाढ़ का पानी। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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रेउसा/रामपुर मथुरा। सरयू का जलस्तर बृहस्पतिवार को 119.50 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में पानी 20 सेमी. घट गया है। सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेमी. ऊपर बह रही है। बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
इलाके में लगभग 60 गांव पहले से बाढ़ की चपेट में हैं। अब चौका नदी उफनाने से पानी रामपुर मथुरा कस्बे के चारों ओर तेजी से भरना शुरू हो गया है। इससे बांसुरा, मरौचा, सिरकुंडा, मुनेजरगंज, रायपुर अलायपुर, भागीपुर, जयरामपुर, बजेहरा समेत दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। सैकड़ों एकड़ धान की फसल में पानी भर जाने से काफी नुकसान की आशंका है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर मथुरा, जूनियर हाई स्कूल, प्राथमिक विद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों में पानी भर गया है। रेउसा इलाके में सरयू का जलस्तर घटने से रास्तों पर भरा पानी भी कम होने लगा है। इससे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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खतरे के निशान से अब भी जलस्तर ऊपर होने से बाढ़ की विनाशलीला जारी है। क्षेत्र के लगभग 150 गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में फिलहाल किसी तरह की राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। उधर, बैराजों से गुरुवार को 3 लाख 81 हजार 958 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया नदियों का जलस्तर कम होने से रास्ते खुलने लगे हैं, जिन गांवों में पानी पहुंच चुका है वहां अभी ठहरा है। बाढ़ पीड़ितों को अनवरत राशन किट, लंच पैकेट, तिरपाल आदि वितरित कराया जा रहा है। प्रभावित गांवों में स्वस्थ्य टीमें बीमारी से बचाव के लिए दवा का छिड़काव करा रही हैं।
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इलाके में लगभग 60 गांव पहले से बाढ़ की चपेट में हैं। अब चौका नदी उफनाने से पानी रामपुर मथुरा कस्बे के चारों ओर तेजी से भरना शुरू हो गया है। इससे बांसुरा, मरौचा, सिरकुंडा, मुनेजरगंज, रायपुर अलायपुर, भागीपुर, जयरामपुर, बजेहरा समेत दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। सैकड़ों एकड़ धान की फसल में पानी भर जाने से काफी नुकसान की आशंका है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर मथुरा, जूनियर हाई स्कूल, प्राथमिक विद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों में पानी भर गया है। रेउसा इलाके में सरयू का जलस्तर घटने से रास्तों पर भरा पानी भी कम होने लगा है। इससे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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खतरे के निशान से अब भी जलस्तर ऊपर होने से बाढ़ की विनाशलीला जारी है। क्षेत्र के लगभग 150 गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में फिलहाल किसी तरह की राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। उधर, बैराजों से गुरुवार को 3 लाख 81 हजार 958 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया नदियों का जलस्तर कम होने से रास्ते खुलने लगे हैं, जिन गांवों में पानी पहुंच चुका है वहां अभी ठहरा है। बाढ़ पीड़ितों को अनवरत राशन किट, लंच पैकेट, तिरपाल आदि वितरित कराया जा रहा है। प्रभावित गांवों में स्वस्थ्य टीमें बीमारी से बचाव के लिए दवा का छिड़काव करा रही हैं।