{"_id":"5d0fc4788ebc3e6cae649e9a","slug":"water-filled-in-land-due-to-cut-of-minor-sitapur-news-lko466904499","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर कटने से खेतों में भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर कटने से खेतों में भरा पानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लहरपुर (सीतापुर)। दर्जिनपुरवा पुल के पास तेंदुआ माइनर बीते 21 जून को कट गई थी। तीन दिन बीत चुके हैं। लेकिन जिम्मेदारों ने क्षतिग्रस्त माइनर की मरम्मत नहीं कराई। इसकी मरम्मत के लिए मजदूर आए थे पर पानी के दबाव के कारण उसे ठीक नहीं कर पाए थे। ऐसे में किसानों की मेंथा फसल व धान की पौध डूब गई है।
क्षेत्र में तेेदुआ माइनर निकली है। एकाएक यह माइनर दर्जिनपुरवा के पास पानी के दबाब के कारण बीते 21 जून को कट गई थी। इससे माइनर का पानी क्षेत्र के किसान गोकरन, इस्माइल, श्रीराम, हरिपाल, विजयपाल आदि के खेतों में पानी भर गया। इससे करीब 40 बीघा मेंथा फसल जलमग्न हो गई गई थी।
माइनर कटने से ग्राम दर्जिनपुरवा के साथ ही नौवाताल, ऊंचाखेरसरैयां आदि ग्रामों के खेतों में पानी भर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां के माइनर को क्षतिग्रस्त हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक नहर विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त माइनर की मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे किसानों के खेत व गांव जलमग्न हो रहे हैं।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि नहर पटरी ठीक करने के लिए लेबर आए थे। पर पानी के दवाब के कारण नहर की पटरी की मरम्मत नहीं कर सके। उधर, नहर विभाग के अवर अभियंता मयंक त्रिपाठी ने बताया कि पानी का स्तर कम करके नहर को सोमवार को बांध दिया जाएगा।
विज्ञापन
क्षेत्र में तेेदुआ माइनर निकली है। एकाएक यह माइनर दर्जिनपुरवा के पास पानी के दबाब के कारण बीते 21 जून को कट गई थी। इससे माइनर का पानी क्षेत्र के किसान गोकरन, इस्माइल, श्रीराम, हरिपाल, विजयपाल आदि के खेतों में पानी भर गया। इससे करीब 40 बीघा मेंथा फसल जलमग्न हो गई गई थी।
विज्ञापन
माइनर कटने से ग्राम दर्जिनपुरवा के साथ ही नौवाताल, ऊंचाखेरसरैयां आदि ग्रामों के खेतों में पानी भर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां के माइनर को क्षतिग्रस्त हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक नहर विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त माइनर की मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे किसानों के खेत व गांव जलमग्न हो रहे हैं।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि नहर पटरी ठीक करने के लिए लेबर आए थे। पर पानी के दवाब के कारण नहर की पटरी की मरम्मत नहीं कर सके। उधर, नहर विभाग के अवर अभियंता मयंक त्रिपाठी ने बताया कि पानी का स्तर कम करके नहर को सोमवार को बांध दिया जाएगा।