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बेकाबू बस पलटी, मां, बेटे व दामाद की मौत

Mon, 21 Feb 2022 12:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 12:35 AM IST
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Uncontrollable bus overturned, death of mother, son and son-in-law
खैराबाद थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के बाद क्षतिग्रस्त गिरी पड़ी बस। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। थाना खैराबाद इलाके में रविवार को हाईवे पर चुनावी ड्यूटी में जा रही परिवहन विभाग की बेकाबू बस की टक्कर से बाइक सवार मां, बेटे व दामाद की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद बस खड्ड में पलट गई। बस में कोई भी सवार नहीं था। चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम केे लिए भेज दिया है। हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
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कोतवाली लहरपुर के बेहटी निवासी विनीता शुक्ल (50) पत्नी विजय शंकर शुक्ल अपने बेटे कृष्ण शुक्ल के साथ रामकोट के जवाहरपुर गांव में अपने दामाद विभू दीक्षित के घर आई थी। रविवार शाम तीनों लोग एक ही बाइक पर सवार होकर रामकोट से कमलापुर जा रहे थे। यहां विनीता का मायका है। इसी बीच खैराबाद थाना क्षेत्र में रफातपुर मोड़ के पास एक तेज रफ्तार बेकाबू अनुबंधित बस ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी।
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बस तीनों को रौंदते हुए खड्ड में जा पलटी। चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर खैराबाद और कमलापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी। हालांकि, काफी प्रयास के बाद सभी की शिनाख्त हो गई थी।
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एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि बस चुनाव ड्यूटी के लिए जा रही थी। बस में कोई भी सवार नहीं था। वह खाली थी। एसओ खैराबाद अरविंद सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बस को निकाला जा रहा है। चालक का अभी कोई पता नहीं चल सका है। कार्रवाई की जा रही है।
दो परिवारों में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम पसर गया। जैसे ही विभू की पत्नी को जानकारी मिली मानों उसके पैरों से जमीन ही खिसक गई। एक ही झटके में उसके सिर से मां का साया हमेशा के लिए हट गया। सुहाग भी छिन गया। वो कलाई भी चली गई, जिस पर हमेशा राखी बांधती थी। विनीता की चार बेटियां हैं। बडे़ मानदान के बाद उसे एक बेटा हुआ था। एकलौता होने के चलते घर में सिर्फ उसी चलती थी। वह जो कहता था, एक इशारे पर उसकी हर इच्छा पूरी होती थी।

समाचार पत्र वितरक हैं विजय
जिनके घर की खुशियां पलक झपके मातम में बदल गई, वो विजय पेशे से समाचार पत्र वितरक हैं। जो सुबह उठते ही अपने काम पर लग जाते हैं। बड़ी मेहनत से उन्होंने अपनी बेटियों का विवाह किया था। अपने बेटे को बहुत चाहते थे।
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