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कटान तेज होने से बहे दो मकान
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रामपुर मथुरा क्षेत्र के अखरी गांव में कटान करती सरयू नदी। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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रामपुर मथुरा/सीतापुर। शारदा व सरयू नदी के जलस्तर में भले कमी आ रही हो, लेकिन नदियों ने कटान तेज कर दी है। कटान की चपेट में आकर दो लोगों के घर कट गये। 10 से अधिक मकान कटान के मुहाने पर आ गये है। इससे यह लोग सहमे हुए है।
क्षेत्र में बहने वाली सरयू व शारदा नदी के विकराल रूप ने पिछले वर्ष सैकड़ों एकड़ भूमि व तमाम आशियानों का नामोनिशान मिटा दिया था। इस वर्ष नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद अब जलस्तर घटने लगा है। कटान तेज हो कई है। कटान में रामतीरथ व रमाशंकर का पक्का मकान पूर्ण रूप से नदी में समाहित हो गया है।
इसके साथ ही रामनरेश, ओम प्रकाश, शिव कुमार, गोबिंद, जुगुल किशोर, रमेश बाबू, नरेंद्र, राम शुहावन आदि के मकान कटान की कगार पर आ गए है। रामनरेश ने बताया कि दशकों पूर्व हम लोगों के मकान नदी में कट गए थे। वही मंजर आज फिर देखना पड़ रहा है। किसी तरह से जीवन यापन हो रहा था लेकिन आज फिर सब कुछ मिट गया है।
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अखरी गांव के गोबिंद ने बताया कि हम लोगों की कमाई का मुख्य जरिया खेती है, जो पहले ही नदी में समाहित हो चुकी है। किसी तरह से जीवन यापन करते थे। घर बचा था वह भी नदी में कट रहा है। इसी गांव के शिव कुमार ने बताया कि कटान में सरकार से कोई भी मदद नहीं मिल रही है। एसडीएम हरसंभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं पर मदद कुछ नहीं हो रही है।
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क्षेत्र में बहने वाली सरयू व शारदा नदी के विकराल रूप ने पिछले वर्ष सैकड़ों एकड़ भूमि व तमाम आशियानों का नामोनिशान मिटा दिया था। इस वर्ष नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद अब जलस्तर घटने लगा है। कटान तेज हो कई है। कटान में रामतीरथ व रमाशंकर का पक्का मकान पूर्ण रूप से नदी में समाहित हो गया है।
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इसके साथ ही रामनरेश, ओम प्रकाश, शिव कुमार, गोबिंद, जुगुल किशोर, रमेश बाबू, नरेंद्र, राम शुहावन आदि के मकान कटान की कगार पर आ गए है। रामनरेश ने बताया कि दशकों पूर्व हम लोगों के मकान नदी में कट गए थे। वही मंजर आज फिर देखना पड़ रहा है। किसी तरह से जीवन यापन हो रहा था लेकिन आज फिर सब कुछ मिट गया है।
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अखरी गांव के गोबिंद ने बताया कि हम लोगों की कमाई का मुख्य जरिया खेती है, जो पहले ही नदी में समाहित हो चुकी है। किसी तरह से जीवन यापन करते थे। घर बचा था वह भी नदी में कट रहा है। इसी गांव के शिव कुमार ने बताया कि कटान में सरकार से कोई भी मदद नहीं मिल रही है। एसडीएम हरसंभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं पर मदद कुछ नहीं हो रही है।