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Sitapur News: मियांवाकी तकनीक से लगाए पौधे चर गए जानवर
Fri, 21 Aug 2026 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:31 AM IST
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मियावाकी तकनीक से लगे पौधे चर गए मवेशी। संवाद
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मछरेहटा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत बहोरनपुर में लगाए गए पौधों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। ग्राम पंचायत में 6.99 लाख रुपये की लागत से वित्तीय वर्ष 2024-25 में मियांवाकी तकनीक से पौधरोपण किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यहां लगे पौधे जानवर चर गए। पौधों की जगह घास उग आई है।
मियांवाकी तकनीक पौधरोपण की वह विधि है, जिसका उपयोग कम समय में घने जंगल तैयार करने के लिए किया जाता है। इसे जापानी वनस्पति शास्त्री प्रो. अकीरा मियांवाकी ने विकसित किया था। इसी पद्धति के तहत ग्राम पंचायत में 6.99 लाख रुपये की लागत से पौधरोपण कराया गया था।
ग्रामीण कमलेश, राहुल, विजय, रामलखन व अनुराग आदि ने बताया कि जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते जानवर पौधे चर गए। ग्रामीणों ने नए पौधे लगाने की मांग की है। मछरेहटा बीडीओ अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि अगर पौधे जानवर खा गए हैं तो यह गंभीर विषय है। संबंधित सचिव को निर्देशित कर फिर से पौधरोपण कराया जाएगा।
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मियांवाकी तकनीक पौधरोपण की वह विधि है, जिसका उपयोग कम समय में घने जंगल तैयार करने के लिए किया जाता है। इसे जापानी वनस्पति शास्त्री प्रो. अकीरा मियांवाकी ने विकसित किया था। इसी पद्धति के तहत ग्राम पंचायत में 6.99 लाख रुपये की लागत से पौधरोपण कराया गया था।
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ग्रामीण कमलेश, राहुल, विजय, रामलखन व अनुराग आदि ने बताया कि जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते जानवर पौधे चर गए। ग्रामीणों ने नए पौधे लगाने की मांग की है। मछरेहटा बीडीओ अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि अगर पौधे जानवर खा गए हैं तो यह गंभीर विषय है। संबंधित सचिव को निर्देशित कर फिर से पौधरोपण कराया जाएगा।
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