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एक बेड पर दो बच्चों का हो रहा इलाज
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में एक बेड पर भर्ती दो बच्चे। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। बदलते मौसम में बच्चे तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अधिकतर बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे है। इससे जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो गया है। एक बेड पर दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों को इलाज कराने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
जून में गर्मी बढ़ती जा रही है। दिन प्रतिदिन धूप के तेवर तल्ख होते जा रहे है। इस गर्मी का खास असर बच्चों पर पड़ रहा है। अधिकतर बच्चे डायरिया से संक्रमित हो रहे हैं। इसकी गवाही जिला अस्पताल के आंकड़े दे रहे है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड की क्षमता 27 बेड की है। इस समय 33 बच्चे भर्ती है। जब बेड कम पड़ रहे है तो एक बेड पर दो-दो बच्चों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
खैराबाद के राकिया उल्टी दस्त के चलते भर्ती है। इनके बेड पर हेमपुरवा निवासी आयुष को भी भर्ती कर दिया गया है। इनके परिजनों ने बताया कि एक ही बेड पर दो बच्चे भर्ती होने से इलाज में दिक्कत आती है। मंगलवार को अस्पताल में सात बच्चे भर्ती कराये गये है। चिकित्सकों ने बताया कि ये सभी बच्चे उल्टी दस्त से परेशान हैं।
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धूप में बाहर निकलने से बचें
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि इस समय बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे है। सावधानी बरतने की जरूरत है। बेवजह धूप में निकलने से बचें। अगर जरूरी काम से निकलते है तो सिर पर टोपी व गमछा जरूर डाल लें। घर पर खूब पानी पिएं। भूख से कम ही खाना खाएं। बच्चों को फल खिलाएं। भोजन हल्का लें। भारी भोजन लेने से परहेज करें। फास्ट फूड का भी सेवन न करें।
ओपीडी में बढ़ रही भीड़
चिल्ड्रेन वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो ओपीडी भी बच्चों की फुल जा रही है। चिकित्सकों के मुताबिक इस समय ओपीडी में करीब 150 बच्चे रोजाना आ रहे हैं। पहले इनकी संख्या 70 से 80 के करीब होती थी। जब संख्या बढ़ रही है तो बच्चों की ओपीडी में लाइनें लग रही है। इससे जांच करवाकर दवा लेने में बच्चों को काफी अधिक समय लगता है।
चिल्ड्रेन वार्ड में बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसी वजह से बेड कम पड़ रहे है। अधिकतर भर्ती बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे है। अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था है।
- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जून में गर्मी बढ़ती जा रही है। दिन प्रतिदिन धूप के तेवर तल्ख होते जा रहे है। इस गर्मी का खास असर बच्चों पर पड़ रहा है। अधिकतर बच्चे डायरिया से संक्रमित हो रहे हैं। इसकी गवाही जिला अस्पताल के आंकड़े दे रहे है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड की क्षमता 27 बेड की है। इस समय 33 बच्चे भर्ती है। जब बेड कम पड़ रहे है तो एक बेड पर दो-दो बच्चों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
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खैराबाद के राकिया उल्टी दस्त के चलते भर्ती है। इनके बेड पर हेमपुरवा निवासी आयुष को भी भर्ती कर दिया गया है। इनके परिजनों ने बताया कि एक ही बेड पर दो बच्चे भर्ती होने से इलाज में दिक्कत आती है। मंगलवार को अस्पताल में सात बच्चे भर्ती कराये गये है। चिकित्सकों ने बताया कि ये सभी बच्चे उल्टी दस्त से परेशान हैं।
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धूप में बाहर निकलने से बचें
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि इस समय बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे है। सावधानी बरतने की जरूरत है। बेवजह धूप में निकलने से बचें। अगर जरूरी काम से निकलते है तो सिर पर टोपी व गमछा जरूर डाल लें। घर पर खूब पानी पिएं। भूख से कम ही खाना खाएं। बच्चों को फल खिलाएं। भोजन हल्का लें। भारी भोजन लेने से परहेज करें। फास्ट फूड का भी सेवन न करें।
ओपीडी में बढ़ रही भीड़
चिल्ड्रेन वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो ओपीडी भी बच्चों की फुल जा रही है। चिकित्सकों के मुताबिक इस समय ओपीडी में करीब 150 बच्चे रोजाना आ रहे हैं। पहले इनकी संख्या 70 से 80 के करीब होती थी। जब संख्या बढ़ रही है तो बच्चों की ओपीडी में लाइनें लग रही है। इससे जांच करवाकर दवा लेने में बच्चों को काफी अधिक समय लगता है।
चिल्ड्रेन वार्ड में बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसी वजह से बेड कम पड़ रहे है। अधिकतर भर्ती बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे है। अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था है।
- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल