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रेल से लखनऊ का सफर अभी दूर की कौड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:34 PM IST
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जिले के लोगों के लिए ट्रेन से लखनऊ का सफर अभी दूर की कौड़ी है। इसके लिए उन्हें अभी लंबा इंतजार करना होगा। निर्माण सामग्री की कमी से ऐशबाग सीतापुर छोटी रेल लाइन को बड़ी रेल लाइन में तब्दील करने का काम फिलहाल ठप हो गया है। अब रेलवे ने इस काम को फरवरी 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
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सीतापुर से लखनऊ के बीच आमान परिवर्तन के लिए 14 मई 2016 से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इस ट्रैक पर 1886 से रेल संचालन शुरू होने के बाद बदस्तूर 130 साल तक लोगों को यह सेवा सुलभ रही। छोटी लाइन को बदलकर बड़ी लाइन में परिवर्तित करने के लिए रेल संचालन बंद करने के बाद रेलवे ने मार्च 2017 में इस काम को पूरा करने का लक्ष्य तय किया था।
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हालांकि बाद में रेलवे को छोटे बड़े करीब एक सैकड़ा पुल व पुलियों के निर्माण की वजह से यह सीमा बढ़ाकर अक्टूबर 2017 करनी पड़ी थी। विभागीय जानकार बताते हैं, कि पहले सीतापुर के पास कुछ हिस्सों में बिछाने के लिए रेलवे को स्लीपर की आपूर्ति नहीं हो पाई। अब जीएसटी और बारिश के सीजन के चलते पिछले दो महीनों से मौरंग की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। इस वजह से काम रुक गया है। इन हालातों को देखते हुए रेलवे ने अब ट्रेनों के संचालन का नया लक्ष्य फरवरी 2018 तय किया गया है।
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इस साल के अंत तक सीतापुर लखनऊ के बीच बड़ी लाइन बनकर तैयार होने व ट्रेनों का संचालन चालू होने की आस लगाए बैठे हजारों मुसाफिरों में अभी लंबा इंतजार करने की खबर से मायूसी छा गई है। सबसे ज्यादा मजदूर तबका हताश है। कमलापुर क्षेत्र से लखनऊ मजदूरी के लिए जाने वाले रामदीन, बच्चूलाल व सुरेश बताते हैं कि नौकरी पेशा व अन्य लोग तो कमरा किराए पर लेकर या रोडवेज की एमएसटी बनवाकर काम चला रहे हैं। पर हम दैनिक मजदूरी करने वाले यह ज्यादा खर्च की वजह से यह नहीं कर पा रहे हैं। डग्गामार वाहन से जाने पर भी ट्रेन के मुकाबले तीन गुना ज्यादा खर्च होता है। लेट लतीफ हो गए तो काम भी नहीं मिलता है।