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पौने छह लाख कैश अधिक देकर पार किया टोल
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खैराबाद स्थित टोल प्लाजा पर फास्टैग न होने पर पेनाल्टी भरते वाहन चालक।
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर टैक्स के ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था मंगलवार से लागू हो गई है। पहले दिन फास्टैग न होने से करीब 2500 वाहन चालकों को खैराबाद व इंटौजा टोल पार करने के लिए करीब पौने छह लाख रुपये अधिक देने पड़े। इसके बाद ही कैशलेस लेन से इंट्री मिल सकी। दिनभर दोगुना किराया देने को लेकर टोल कर्मियों और वाहन स्वामियों के बीच बहस होती रही।
15 फरवरी की आधी रात के बाद जिला मुख्यालय से लखनऊ और राजधानी से सीतापुर आने पर पड़ने वाले खैराबाद इंटौजा टोल प्लाजा की सभी लेन को कैशलेस कर दिया गया था। खैराबाद टोल प्लाजा पर 12 लेन हैं, जिसमें दो इमरजेंसी व 10 कैशेलस हो चुकी लेन हैं। इसी तरह से इंटौजा में 10 लेन हैं, उसमें दो इमरजेंसी व आठ कैशलेस हो चुकी हैं।
टोल प्लाजा के पूरी तरह से कैशलेस होने के अगले दिन मंगलवार दोपहर अमर उजाला की टीम टोल पर पहुंची। लेन से वाहनों के आने-जाने का सिलसिला जारी था। वाहनों की कतारें लगी थी, लेकिन जाम के हालात नहीं थे। नकद भुगतान के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।
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फास्टैग वाले वाहनों के आते ही बूम बैरियर उठ जा रहा था। लोग फर्राटा भरते हुए निकल जा रहे थे, लेकिन जिन वाहनों में फास्टैग की सुविधा नहीं थी, उन्हें दोगुना किराया अदा करने के बाद भी कैशलेस लेन से एंट्री मिल सकी। पूरे दिन यही सिलसिला चलता रहा।
हालांकि, इस व्यवस्था के लागू होने के बाद मंगलवार को दिन में कई बार ऐसे हालात पैदा हुए, जिसमें वाहन चालकों और स्वामियों से टोल कर्मियों की बहस और तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन कोई विवाद नहीं हुआ। सूत्रों की माने तो करीब 15 लोगों से डबल पैसे देने को लेकर बहस हुई।
समझाने और सरकार की गाइडलाइन का हवाला देने पर वे लोग पैसे देकर चले गए। टोल प्लाजा के जिम्मेदारों की माने तो टोल के पूरी तरह से कैशलेस होने के पहले दिन लोगों जेब ढीली हुई। फास्टैग न होने का असर सीधा उनके पॉकेट पर पड़ा।
कार में फास्टैग है तो दोनों तरफ का टैक्स 65, न होने पर 180 रुपये
खैराबाद और इंटौजा टोल का किराया एक समान है। फास्टैग लगा होने पर खैराबाद और इंटौजा से जाने पर 45 और 24 घंटे के भीतर आने पर 20 रुपये देने पड़ते हैं, लेकिन जिनमें फास्टैग नहीं है, उन्हें एक टोल को पार करने के लिए 45 की जगह 90 देने पड़ेंगे। ये किराया एक टोल का एक तरफ का है। उधर से आने पर फिर 90 देने पड़ेंगे। मसलन, एक टोल का अप-डाउन 180 रुपये।
इस तरह से खैराबाद और इंटौजा टोल के अप-डाउन पर बिना फास्टैग वालों को 360 रुपये देने पड़े। ऐसे में दोनों टोल से गुजरने पर सामान्य किराए से 230 रुपये अधिक देने पड़े। टोल प्लाजा के जिम्मेदारों का कहना है कि अभी यहां से रोजाना दस हजार वाहन गुजरते हैं, इसमें 25 फीसदी में फास्टैग नहीं है।
मसलन, रोजाना 2500 वाहन बिना फास्टैग के निकल रहे हैं। इस हिसाब से कैशलेस व्यवस्था के लागू होने से पहले दिन 2500 लोगों को करीब सामान्य किराए से अधिक पांच लाख 75 हजार रुपये देने पड़े। आंकड़ा अनुमानित है। जिम्मेदार भी बिना फास्टैग वाले वाहनों स्वामियों को भारी नुकसान होने की बात कह रहे हैं। फास्टैग लगा कर लोग समय और पैसा दोनों की बचत कर सकते हैं।
टोला प्लाजा के प्रबंधक अंकेश श्रीवास्तव ने बताया कि फास्टैग लोगों की सुविधा के लिए लागू किया गया है। लोग अपना कीमती समय बचा सकते हैं। फास्टैग से बिना देरी के लोग टोल पार कर अपने गंतव्य के लिए जा सकते हैं। फास्टैग न होने की सूरत में लोगों का समय भी अधिक खर्च होता है और आर्थिक नुकसान भी होता है। कार से जहां व्यक्ति 24 घंटे में 65 रुपये देता है, वहीं फास्टैग न होने से 90 की जगह 180 रुपए देने पड़ते हैं।
सभी को भरना होगा टोल
फास्टैग अनिवार्य होने के बाद अब टोल प्लाजा पर किसी का सिक्का नहीं चलेगा। सांसद, विधायक हों चाहे पुलिस वाले, सभी को टैक्स भरना होगा। पुलिस वाले विभाग की गाड़ी से होंगे तो निकलने दिया जाएगा। प्राइवेट वाहन से होंगे तो उन्हें भी टैक्स भरना होगा। लिस्टेड गाड़ी वालों का भी अब जलवा नहीं चलेगा। लिस्टेड गाड़ी वालों को फास्टैग लेने के लिए चंद दिनों की मोहलत दी गई है।
उसके बाद उन्हें भी फास्टैग न होने पर जुर्माना देकर निकलना होगा। किसानों को यदि कृषि से संबंधित किसी काम या वस्तु को लेकर निकलना है तो ही छूट होगी। यदि वह ट्रैक्टर ट्राली में मौरंग, ईंट आदि व्यावसायिक कार्य करेंगे तो उनको भी टैक्स देना होगा। पुलिस, एंबुलेंस, फायर बिग्रेड आदि को छूट हो गई।
सुरक्षा में मुस्तैद रहे पुलिस कर्मी
फास्टैग अनिवार्य होने के बाद टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था भी मंगलवार को बढ़ा दी गई थी। किसी अनहोनी से निपटने के लिए भारी फोर्स तैनात की गई थी। खैराबाद टोल प्लाजा पर एसओ रामकोट संजीत सोनकर हमराही बल के साथ मौजूद थे। उन्होंने बताया कि रामकोट से नौ पुलिस कर्मी, लहरपुर से एसआई सहित आठ पुलिस कर्मी, बिसवां से नौ पुलिसकर्मी व खैराबाद से चार पुलिस कर्मियों सहित कुल 30 पुलिसकर्मी डयूटी पर लगाए गए थे। मंगलवार को टोल प्लाजा पर सबकुछ शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा।
खैराबाद और इंटौजा टोल का किराया एक समान है। दोनों टोल से एक दिन में करीब 10 हजार वाहन गुजरते हैं। इसमें एक अनुमान के मुताबिक 25 फीसदी में फास्टैग नहीं लगा है। टोल के पूरी तरह से कैशलेस होने के बाद मंगलवार को वाहन चालकों और स्वामियों को दोगुना किराया देने से काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। एक वाहन को दोनों टोल पार करने के लिए सामान्य किराए से 280 रुपये रोजाना देने पड़ेंगे।
- अंकेश श्रीवास्तव, टोल मैनेजर खैराबाद
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15 फरवरी की आधी रात के बाद जिला मुख्यालय से लखनऊ और राजधानी से सीतापुर आने पर पड़ने वाले खैराबाद इंटौजा टोल प्लाजा की सभी लेन को कैशलेस कर दिया गया था। खैराबाद टोल प्लाजा पर 12 लेन हैं, जिसमें दो इमरजेंसी व 10 कैशेलस हो चुकी लेन हैं। इसी तरह से इंटौजा में 10 लेन हैं, उसमें दो इमरजेंसी व आठ कैशलेस हो चुकी हैं।
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टोल प्लाजा के पूरी तरह से कैशलेस होने के अगले दिन मंगलवार दोपहर अमर उजाला की टीम टोल पर पहुंची। लेन से वाहनों के आने-जाने का सिलसिला जारी था। वाहनों की कतारें लगी थी, लेकिन जाम के हालात नहीं थे। नकद भुगतान के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।
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फास्टैग वाले वाहनों के आते ही बूम बैरियर उठ जा रहा था। लोग फर्राटा भरते हुए निकल जा रहे थे, लेकिन जिन वाहनों में फास्टैग की सुविधा नहीं थी, उन्हें दोगुना किराया अदा करने के बाद भी कैशलेस लेन से एंट्री मिल सकी। पूरे दिन यही सिलसिला चलता रहा।
हालांकि, इस व्यवस्था के लागू होने के बाद मंगलवार को दिन में कई बार ऐसे हालात पैदा हुए, जिसमें वाहन चालकों और स्वामियों से टोल कर्मियों की बहस और तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन कोई विवाद नहीं हुआ। सूत्रों की माने तो करीब 15 लोगों से डबल पैसे देने को लेकर बहस हुई।
समझाने और सरकार की गाइडलाइन का हवाला देने पर वे लोग पैसे देकर चले गए। टोल प्लाजा के जिम्मेदारों की माने तो टोल के पूरी तरह से कैशलेस होने के पहले दिन लोगों जेब ढीली हुई। फास्टैग न होने का असर सीधा उनके पॉकेट पर पड़ा।
कार में फास्टैग है तो दोनों तरफ का टैक्स 65, न होने पर 180 रुपये
खैराबाद और इंटौजा टोल का किराया एक समान है। फास्टैग लगा होने पर खैराबाद और इंटौजा से जाने पर 45 और 24 घंटे के भीतर आने पर 20 रुपये देने पड़ते हैं, लेकिन जिनमें फास्टैग नहीं है, उन्हें एक टोल को पार करने के लिए 45 की जगह 90 देने पड़ेंगे। ये किराया एक टोल का एक तरफ का है। उधर से आने पर फिर 90 देने पड़ेंगे। मसलन, एक टोल का अप-डाउन 180 रुपये।
इस तरह से खैराबाद और इंटौजा टोल के अप-डाउन पर बिना फास्टैग वालों को 360 रुपये देने पड़े। ऐसे में दोनों टोल से गुजरने पर सामान्य किराए से 230 रुपये अधिक देने पड़े। टोल प्लाजा के जिम्मेदारों का कहना है कि अभी यहां से रोजाना दस हजार वाहन गुजरते हैं, इसमें 25 फीसदी में फास्टैग नहीं है।
मसलन, रोजाना 2500 वाहन बिना फास्टैग के निकल रहे हैं। इस हिसाब से कैशलेस व्यवस्था के लागू होने से पहले दिन 2500 लोगों को करीब सामान्य किराए से अधिक पांच लाख 75 हजार रुपये देने पड़े। आंकड़ा अनुमानित है। जिम्मेदार भी बिना फास्टैग वाले वाहनों स्वामियों को भारी नुकसान होने की बात कह रहे हैं। फास्टैग लगा कर लोग समय और पैसा दोनों की बचत कर सकते हैं।
टोला प्लाजा के प्रबंधक अंकेश श्रीवास्तव ने बताया कि फास्टैग लोगों की सुविधा के लिए लागू किया गया है। लोग अपना कीमती समय बचा सकते हैं। फास्टैग से बिना देरी के लोग टोल पार कर अपने गंतव्य के लिए जा सकते हैं। फास्टैग न होने की सूरत में लोगों का समय भी अधिक खर्च होता है और आर्थिक नुकसान भी होता है। कार से जहां व्यक्ति 24 घंटे में 65 रुपये देता है, वहीं फास्टैग न होने से 90 की जगह 180 रुपए देने पड़ते हैं।
सभी को भरना होगा टोल
फास्टैग अनिवार्य होने के बाद अब टोल प्लाजा पर किसी का सिक्का नहीं चलेगा। सांसद, विधायक हों चाहे पुलिस वाले, सभी को टैक्स भरना होगा। पुलिस वाले विभाग की गाड़ी से होंगे तो निकलने दिया जाएगा। प्राइवेट वाहन से होंगे तो उन्हें भी टैक्स भरना होगा। लिस्टेड गाड़ी वालों का भी अब जलवा नहीं चलेगा। लिस्टेड गाड़ी वालों को फास्टैग लेने के लिए चंद दिनों की मोहलत दी गई है।
उसके बाद उन्हें भी फास्टैग न होने पर जुर्माना देकर निकलना होगा। किसानों को यदि कृषि से संबंधित किसी काम या वस्तु को लेकर निकलना है तो ही छूट होगी। यदि वह ट्रैक्टर ट्राली में मौरंग, ईंट आदि व्यावसायिक कार्य करेंगे तो उनको भी टैक्स देना होगा। पुलिस, एंबुलेंस, फायर बिग्रेड आदि को छूट हो गई।
सुरक्षा में मुस्तैद रहे पुलिस कर्मी
फास्टैग अनिवार्य होने के बाद टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था भी मंगलवार को बढ़ा दी गई थी। किसी अनहोनी से निपटने के लिए भारी फोर्स तैनात की गई थी। खैराबाद टोल प्लाजा पर एसओ रामकोट संजीत सोनकर हमराही बल के साथ मौजूद थे। उन्होंने बताया कि रामकोट से नौ पुलिस कर्मी, लहरपुर से एसआई सहित आठ पुलिस कर्मी, बिसवां से नौ पुलिसकर्मी व खैराबाद से चार पुलिस कर्मियों सहित कुल 30 पुलिसकर्मी डयूटी पर लगाए गए थे। मंगलवार को टोल प्लाजा पर सबकुछ शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा।
खैराबाद और इंटौजा टोल का किराया एक समान है। दोनों टोल से एक दिन में करीब 10 हजार वाहन गुजरते हैं। इसमें एक अनुमान के मुताबिक 25 फीसदी में फास्टैग नहीं लगा है। टोल के पूरी तरह से कैशलेस होने के बाद मंगलवार को वाहन चालकों और स्वामियों को दोगुना किराया देने से काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। एक वाहन को दोनों टोल पार करने के लिए सामान्य किराए से 280 रुपये रोजाना देने पड़ेंगे।
- अंकेश श्रीवास्तव, टोल मैनेजर खैराबाद