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ठगी मामले में फिर से होगी विवेचना
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सीतापुर। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का पीआरओ बताकर ठगी करने वाले के विरुद्ध पेश लचर आरोप पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की विवेचना फिर से किसी निरीक्षक स्तर के विवेचक से कराने के निर्देश दिए।
गिरिजा शंकर अवस्थी ने सुशील कुमार पाल के विरुद्ध ठगी का एक मुकदमा दर्ज कराया था। वादी के मुताबिक सुशील कुमार पाल ने अपने को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का पीआरओ बताकर उससे बिजली विभाग में ठेकेदार के लिए न सिर्फ 10 लाख रुपये की मांग की थी बल्कि 4.50 लाख रुपये ले भी लिए थे। उसके द्वारा बाकायदा मंत्री के हस्ताक्षर से एक वर्कआर्डर भी उपलब्ध कराया गया। जिसे विवेचक ने विवेचना में शामिल किया।
ऊर्जा मंत्री का नाम शामिल होने के बावजूद जिस सतही ढंग से विवेचना की गई और बगैर गिरफ्तारी किए अभियुक्त को लाभ पहुंचाया गया, न्यायालय ने उसे गैर वाजिब बताया। इस पर सीजेएम अमर चौधरी ने मंगलवार को पुलिस द्वारा पेश आरोप पत्र को खारिज करते हुए अग्रिम विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए। यह भी कहा एक माह के भीतर निरीक्षक स्तर से किसी अधिकारी से विवेचना कराते हुए वर्तमान विवेचक की भूमिका की भी जांच की जाए। इससे तीन मार्च तक न्यायालय को अवगत कराया जाए।
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गिरिजा शंकर अवस्थी ने सुशील कुमार पाल के विरुद्ध ठगी का एक मुकदमा दर्ज कराया था। वादी के मुताबिक सुशील कुमार पाल ने अपने को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का पीआरओ बताकर उससे बिजली विभाग में ठेकेदार के लिए न सिर्फ 10 लाख रुपये की मांग की थी बल्कि 4.50 लाख रुपये ले भी लिए थे। उसके द्वारा बाकायदा मंत्री के हस्ताक्षर से एक वर्कआर्डर भी उपलब्ध कराया गया। जिसे विवेचक ने विवेचना में शामिल किया।
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ऊर्जा मंत्री का नाम शामिल होने के बावजूद जिस सतही ढंग से विवेचना की गई और बगैर गिरफ्तारी किए अभियुक्त को लाभ पहुंचाया गया, न्यायालय ने उसे गैर वाजिब बताया। इस पर सीजेएम अमर चौधरी ने मंगलवार को पुलिस द्वारा पेश आरोप पत्र को खारिज करते हुए अग्रिम विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए। यह भी कहा एक माह के भीतर निरीक्षक स्तर से किसी अधिकारी से विवेचना कराते हुए वर्तमान विवेचक की भूमिका की भी जांच की जाए। इससे तीन मार्च तक न्यायालय को अवगत कराया जाए।
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