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महापर्व में खलेगी परदेशी बाबुओं की कमी

Wed, 23 Feb 2022 12:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 12:35 AM IST
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There will be a shortage of foreign babus in the Mahaparv
महापर्व में खलेगी परदेशी बाबुओं की कमी
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- जिले के निवासी मतदाता बड़ी संख्या में गैर राज्यों में करते हैं काम
अमरजीत सिंह
सीतापुर। गैर राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की कमी जिले के मतदान में खल सकती है। लोकतंत्र के महापर्व में मतदाता वोटों आहुति नहीं कर सकेंगे। ऐसे में मतदान प्रतिशत में कमी आ सकती है। 2022 के विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में जिले में बुधवार को मतदान होना है। इस बार मतदान शत प्रतिशत हो, इसके लिए डीएम लगातार मतदाताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं, विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा हैं। पोलिंग बूथ पर न आ पाने वाले मतदाताओं को पोस्टल बैलट की मदद से मतदान कराया जा रहा है।
जिले में विधानसभा चुनाव में 31 लाख 25 हजार 937 मतदाता वोट डालेंगे। चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए पोस्टल बैलेट को बढ़ावा दे रही है। शनिवार को जिले में पोस्टल बैलेट से मतदान की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई। लेकिन इन मतदाताओं में से एक बड़ी संख्या जिले से बाहर अन्य प्रदेशों में काम करती है। जिनमें से अधिकांश लोग इस मतदान में हिस्सा लेने नहीं आ पाते हैं। जिले के कितने लोग अन्य प्रदेशों में कार्यरत हैं, इसका सटीक आंकलन कर पाना तो संभव नहीं है, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक यह संख्या हजारों में आंकी जा रही है। बाहर काम कर रहे प्रवासी मजदूर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में काम करते हैं। सबसे ज्यादा संख्या दिल्ली, महाराष्ट्र में काम करने वाले प्रवासियों की बताई जा रही है।
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चुनावी दंगल में कूदे नेेताओं के समर्थक इन दिनों गैर राज्यों में काम रहे लोगों को रिझाने और मनाने में पूरी तरह से लगे हुए हैं। सुबह से शाम तक कई बार फोन पर हाल चाल लिया जा रहा है। आने के लिए किराया खर्चा भी देने को तैयार हैं। कमोबेश हर विधानसभा क्षेत्र में ही यही हाल है। दूसरी ओर लोकतंत्र के पर्व में हर कोई गोता लगाने को बेकरार है, लेकिन कुछ लोगों की मजबूरियां भी होती हैं। वह काम धंधे की तलाश में मजबूरी में अपने गांव की माटी का मोह छोड़कर परदेश कमा रहे हैं, लेकिन वोटों का महत्व उन्हें बखूबी पता है। सदर विधानसभा क्षेत्र से लेकर महोली, मिश्रिख, हरगांव और बिसवां क्षेत्र से गांवों में कई ऐसे लोग आ चुके हैं, जिन्हें वोट देने हैं। (संवाद)
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केेस-1
महोली विकास खंड के ग्राम सभा रमुवापुर के प्रधान धर्मेंद्र ने बताया कि मौजूदा समय में उनकी ग्राम पंचायत के 50 से अधिक लोग अन्य प्रदेशों में नौकरी कर रहे हैं, इससे यह लोग चुनाव में अपने वोट नहीं कर सकेंगे।
केस-2
ग्राम पंचायत सेमरांवा के प्रधान अतुल ने बताया कि उनकी ग्राम सभा के लगभग दो सौ से अधिक लोग दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में मजदूरी करते हैं। यह लोग चुनाव में अपने मतों का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
केस-3
ग्राम पंचायत घर का तारा के प्रधान वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि उनकी ग्राम सभा के लगभग सौ से अधिक लोग गैर प्रान्त में कार्य कर रहे हैं। इन सभी का इस विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए आना लगभग नामुकिन ही है।

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यह होती हैं न आने की वजहें
ग्राम प्रधानों ने बताया कि दूरी अधिक होने के कारण आने जाने में किराया और समय दोनों अधिक लगते हैं। गांव के बाहर जाने वाले लोगों में अधिकांश लोग मजदूरी पेशा से जुड़े हैं। जिनका मतदान के लिए आना संभव नहीं है।
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