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Sitapur News: 60 सीटर बस में सवार थे 93 यात्री
Mon, 27 May 2024 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 27 May 2024 01:09 AM IST
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कुंवरगड्डी। कमलापुर से श्रद्धालुओं को मां पूर्णागिरी के दरबार तक लेकर जाने वाली बस साठ सीटर ही थी। जबकि बस में 93 यात्री भरे हुए थे। इसमें 87 यात्री और चार छोटे बच्चे शामिल थे। इसके अलावा चालक व परिचालक भी सवार थे। बस में सभी श्रद्धालु सिधौली कस्बे से सवार हुए थे। मां पूर्णागिरी तक जाने की व्यवस्था बड़ा जटहा गांव निवासी रूपेश ने करवाई थी। हर साल रूपेश ही ग्रामीणों को मां पूर्णागिरी दरबार लेकर जाता था। मुन्नूलाल ने बताया कि प्रति यात्री 600 रुपये किराया लिया गया था। इस बस में रूपेश, उसकी पत्नी पूनम, पुत्र अजीत और बेटी प्रिया भी सवार थे। इस हादसे में अजीत की मौत हो गई।
1000 रुपये है नॉर्मल किराया
परिवहन विभाग के मुताबिक सिधौली से मां पूर्णागिरी के दरबार तक जाने का न्यूनतम किराया एक हजार रुपये है। कम किराये में रूपेश ग्रामीणों को पूर्णागिरी लेकर जा रहा था। शायद यही वजह रही होगी कि उसने अधिक यात्री बस में बैठा लिए थे।
सिधौली से खुटार तक पहुंच गई बस, किसी ने नहीं की चेकिंग
हैरत की बात यह है कि सिधौली से बस करीब 137 किलोमीटर दूर खुटार कस्बे तक पहुंच गई लेकिन किसी ने इस बस को चेक करने की जहमत नहीं उठाई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस सड़क किनारे खड़ी थी और यात्री ढाबे पर खाना खा रहे थे। वरना हादसे में मरने वालों की संख्या अधिक होती।
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1000 रुपये है नॉर्मल किराया
परिवहन विभाग के मुताबिक सिधौली से मां पूर्णागिरी के दरबार तक जाने का न्यूनतम किराया एक हजार रुपये है। कम किराये में रूपेश ग्रामीणों को पूर्णागिरी लेकर जा रहा था। शायद यही वजह रही होगी कि उसने अधिक यात्री बस में बैठा लिए थे।
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सिधौली से खुटार तक पहुंच गई बस, किसी ने नहीं की चेकिंग
हैरत की बात यह है कि सिधौली से बस करीब 137 किलोमीटर दूर खुटार कस्बे तक पहुंच गई लेकिन किसी ने इस बस को चेक करने की जहमत नहीं उठाई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस सड़क किनारे खड़ी थी और यात्री ढाबे पर खाना खा रहे थे। वरना हादसे में मरने वालों की संख्या अधिक होती।
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