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Sitapur News: जिले में भी रोजगारपरक काेर्सों की कमी नहीं, बना सकते हैं कॅरिअर

Sat, 25 Apr 2026 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sat, 25 Apr 2026 01:45 AM IST
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There is no dearth of employment related courses in the district too, one can make a career
सीतापुर। 12वीं पास विद्यार्थियों को कॅरिअर बनाने के लिए अब जिला छोड़ने की जरूरत नहीं है। पांरपरिक स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ अब रोजगारपरक कोर्स भी जिले में उपलब्ध हैं। सीतापुर में मेडिकल, इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्टिनक कॉलेज मौजूद हैं। इनमें विद्यार्थी दाखिला लेकर अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। यूपी बोर्ड के 12वीं में इस बार 36591 विद्यार्थी सफल हुए हैं।
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आरएमपी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव बताते हैं कि विद्यार्थी अब पारंपरिक कोर्सों के बजाय रोजगारपरक कोर्सों में अधिक रूचि दिखाते है। अब वह मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ, बीसीए, बीबीए में अधिक दाखिला लेते हैं। वहीं, छात्राएं नर्सिंग की तरफ आकर्षित हो रही हैं। सीतापुर की बात की जाए तो यहां पर इंजीनियरिंग के कई कॉलेज हैं। बीबीए, बीसीए की भी सुविधा है। छात्राओं के लिए नर्सिंग के कॉलेज भी कम नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों को गैर जनपदों की ओर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह सीतापुर में भी रहकर अपना मनचाहा कॅरिअर बना सकते हैं। इन कॉलेजों की फीस भी अन्य कॉलेजों की ही तरह है।
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जिले में बने कॅरिअर काउंसिलिंग सेंटर
प्राचार्य डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव का मानना है कि विद्यार्थी 12वीं पास कर लेते हैं। इसके बाद उनको गाइड करने वाला कोई नहीं है। वह अपने दोस्तों, रिश्तेदारों से बातचीत करके आगे की पढ़ाई करते हैं। अगर जिले में एक काउंसिलिंग सेंटर बन जाए तो वहां पर विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलेगी। काउंसलर उनकी प्रतिभा देखकर उनके बेहतर भविष्य की सलाह देंगे। सीतापुर के लिए यह बहुत ही जरूरी है।
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डिग्री न लें, क्षमता बनाएं
डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव का मानना है कि विद्यार्थी अपने अंदर रोजगारपरक क्षमता को विकसित करें। केवल डिग्री तक ही सीमित न रहें।
जिले में हैं बेहतर विकल्प
राजकीय पॉलीटेक्निक एलिया के प्रधानाचार्य हरिओम वर्मा ने बताया कि 12वीं के बाद जिले में बेहतर विकल्प हैं। पॉलीटेक्निक में मैकेनिकल व टेक्सटाइल में अधिक विद्यार्थी रुचि दिखाते हैं। कॉलेज की तरफ से सौ फीसदी प्लेसमेंट दिया जा रहा है। जिले में दो सरकारी व 18 प्राइवेट कॉलेज हैं। विद्यार्थियों को सबसे पहले अपनी रुचि देखनी चाहिए। उसके बाद अपनी पसंद के अनुसार कॅरिअर चुनना चाहिए।
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