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Sitapur News: जादू-टोना के फेर में हुई थी तांत्रिक की हत्या
Fri, 29 May 2026 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 29 May 2026 11:49 PM IST
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सीतापुर। संदना इलाके में हुई तांत्रिक की हत्या का बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि तांत्रिक ने उसकी मां को वश में कर लिया था। इस वजह से हत्या कर दी।
एएसपी (दक्षिणी) दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि संदना इलाके में 13 मई को एक अज्ञात अधेड़ का शव मिला था। मृतक की पहचान लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के नजरनगर गांव निवासी सत्यनारायण यादव उर्फ परदेसी बाबा के रूप में हुई थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मलिहाबाद के नवीनगर गांव निवासी नागेंद्र को गिरफ्तार किया। आरोपी नागेंद्र ने पूछताछ में बताया कि परदेसी बाबा तांत्रिक था। उसकी मां सियावती का 17-18 साल से परदेसी बाबा इलाज कर रहा था।
बाबा उसकी मां को पूरी तरीके से ठीक नहीं कर रहा था। इससे नागेंद्र बहुत परेशान था। उसे शक था कि परदेसी बाबा ने उसकी मां को अपने तंत्रमंत्र में फंसा रखा है। छह माह पहले आरोपी का परदेसी बाबा से झगड़ा भी हुआ था। इस पर परदेसी बाबा ने कहा था कि वह उसकी मां को नहीं छोड़ेगा। इसी बात से नाराज होकर आरोपी नागेंद्र 12 मई को परदेसी बाबा को बहाने से संदना लाया और गला काटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि उसे किसी ने बताया था कि अगर किसी तांत्रिक को मारकर उसके हाथ-पैरों में कीलें ठोक दी जाएं तो उसकी आत्मा नहीं भटकती है। इस वजह से आरोपी ने बाबा के दोनों हाथ-पैरों में कीलें ठोक दी थीं।
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नदी में फेंका मोबाइल, तालाब किनारे चाकू
पुलिस की मानें तो आरोपी ने घटना के बाद साक्ष्य मिटाने का पूरा प्रयास किया था। उसने परदेसी बाबा का आधार कार्ड, पर्स, कपड़े व घटना के समय खुद के पहने हुए कपड़े, जूते व दस्ताने जला दिए थे। पुलिस टीम को मौके से राख मिली थी, जिसकी फोटोग्राफी की गई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही के आधार पर ग्राम दोना (थाना काकोरी, लखनऊ) के बाहर मेला मैदान के पास स्थित तालाब के किनारे से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने परदेसी बाबा का मोबाइल सिधौली के पास बालजती पुल से सरायन नदी में फेंक दिया था।
डेढ़ माह पूर्व आरोपी ने देखा था घटनास्थल
परदेसी बाबा की गुमशुदगी की सूचना मलिहाबाद पुलिस के पास थी। संदना में शव मिलने पर पुलिस ने शाहजहांपुर, हरदोई व लखनऊ आदि जनपदों में फोटो भेजी। इसी बीच मलिहाबाद पुलिस से परदेसी बाबा की गुमशुदगी की सूचना मिली। बाबा के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों ने शव की पहचान परदेसी बाबा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस, सीडीआर व अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि बाबा की हत्या करने के लिए डेढ़ महीने पहले उसने घूम-घूमकर सुनसान स्थान देखे। फिर संदना में हत्या करने की साजिश रची और उसे अंजाम दे दिया।
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एएसपी (दक्षिणी) दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि संदना इलाके में 13 मई को एक अज्ञात अधेड़ का शव मिला था। मृतक की पहचान लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के नजरनगर गांव निवासी सत्यनारायण यादव उर्फ परदेसी बाबा के रूप में हुई थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मलिहाबाद के नवीनगर गांव निवासी नागेंद्र को गिरफ्तार किया। आरोपी नागेंद्र ने पूछताछ में बताया कि परदेसी बाबा तांत्रिक था। उसकी मां सियावती का 17-18 साल से परदेसी बाबा इलाज कर रहा था।
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बाबा उसकी मां को पूरी तरीके से ठीक नहीं कर रहा था। इससे नागेंद्र बहुत परेशान था। उसे शक था कि परदेसी बाबा ने उसकी मां को अपने तंत्रमंत्र में फंसा रखा है। छह माह पहले आरोपी का परदेसी बाबा से झगड़ा भी हुआ था। इस पर परदेसी बाबा ने कहा था कि वह उसकी मां को नहीं छोड़ेगा। इसी बात से नाराज होकर आरोपी नागेंद्र 12 मई को परदेसी बाबा को बहाने से संदना लाया और गला काटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि उसे किसी ने बताया था कि अगर किसी तांत्रिक को मारकर उसके हाथ-पैरों में कीलें ठोक दी जाएं तो उसकी आत्मा नहीं भटकती है। इस वजह से आरोपी ने बाबा के दोनों हाथ-पैरों में कीलें ठोक दी थीं।
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नदी में फेंका मोबाइल, तालाब किनारे चाकू
पुलिस की मानें तो आरोपी ने घटना के बाद साक्ष्य मिटाने का पूरा प्रयास किया था। उसने परदेसी बाबा का आधार कार्ड, पर्स, कपड़े व घटना के समय खुद के पहने हुए कपड़े, जूते व दस्ताने जला दिए थे। पुलिस टीम को मौके से राख मिली थी, जिसकी फोटोग्राफी की गई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही के आधार पर ग्राम दोना (थाना काकोरी, लखनऊ) के बाहर मेला मैदान के पास स्थित तालाब के किनारे से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने परदेसी बाबा का मोबाइल सिधौली के पास बालजती पुल से सरायन नदी में फेंक दिया था।
डेढ़ माह पूर्व आरोपी ने देखा था घटनास्थल
परदेसी बाबा की गुमशुदगी की सूचना मलिहाबाद पुलिस के पास थी। संदना में शव मिलने पर पुलिस ने शाहजहांपुर, हरदोई व लखनऊ आदि जनपदों में फोटो भेजी। इसी बीच मलिहाबाद पुलिस से परदेसी बाबा की गुमशुदगी की सूचना मिली। बाबा के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों ने शव की पहचान परदेसी बाबा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस, सीडीआर व अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि बाबा की हत्या करने के लिए डेढ़ महीने पहले उसने घूम-घूमकर सुनसान स्थान देखे। फिर संदना में हत्या करने की साजिश रची और उसे अंजाम दे दिया।