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Sitapur News: यूजीसी बिल से खत्म होगा जातिगत भेदभाव
Sat, 04 Apr 2026 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:58 PM IST
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फोटो-26महमूदाबाद में समता सम्मेलन को संबोधित करती पल्लवी पटेल। संवाद
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महमूदाबाद (सीतापुर)। देश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में भविष्य संवारने गए विद्यार्थियों को जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इसी भेदभाव को समाप्त करने के लिए यूजीसी बिल आया था। भाजपा ने इसे कानूनी दांवपेच में फंसाकर हमारे समाज के बच्चों का भविष्य खतरे में डाल दिया है। यह समय जागरूक और एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का है।
यह बातें शनिवार को जिला पंचायत गेस्ट हाउस में आयोजित मंडलीय समता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल ने कहीं।उन्होंने कहा कि यूजीसी की रिपोर्ट में बताया गया कि 10 साल के अंतराल में विश्वविद्यालय में जातिगत भेदभाव का आंकड़ा 118 प्रतिशत तक बढ़ा है।
हमारी एक ही मांग है कि बिल पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए और उच्च शिक्षा संस्थानों में इसको लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछड़े, वंचित समाज के लोगों को लाइन में लगाने का काम किया। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा, किसानों को खाद नहीं मिल रही है।
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यह बातें शनिवार को जिला पंचायत गेस्ट हाउस में आयोजित मंडलीय समता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल ने कहीं।उन्होंने कहा कि यूजीसी की रिपोर्ट में बताया गया कि 10 साल के अंतराल में विश्वविद्यालय में जातिगत भेदभाव का आंकड़ा 118 प्रतिशत तक बढ़ा है।
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हमारी एक ही मांग है कि बिल पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए और उच्च शिक्षा संस्थानों में इसको लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछड़े, वंचित समाज के लोगों को लाइन में लगाने का काम किया। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा, किसानों को खाद नहीं मिल रही है।
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