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Sitapur News: बकरी को उठा ले गया था बाघ, वन दरोगा कॉम्बिंग न कर पटाखा देकर लौटे
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गांव में लाठी-डंडे लेकर टहल रहे लोग।
- फोटो : गांव में लाठी-डंडे लेकर टहल रहे लोग।
इमलिया सुल्तानपुर (सीतापुर)। हरगांव वन रेंज के रोजहा गांव के बाहर मंगलवार को बाघ महिला के सामने बकरी को दबोच ले गया, लेकिन इसके बाद भी वन विभाग की टीम ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र में कॉम्बिंग नहीं की। ग्रामीणों ने बताया कि वन दरोगा उन लोगों को पटाखा देकर लौट गए।
बता दें कि मंगलवार को रोजहा गांव के बाहर खेतों की ओर बकरी चराने गई गेंदन की पत्नी के सामने से बाघ बकरी को दबोच ले गया था। महिला के शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी डंडा लेकर वहां पहुंचे थे। तब तक बाघ गन्ने के खेत में भाग गया था। वहीं घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को सतर्क किया था। यही नहीं रेंजर ने जल्द ही बाघ के पिंजरे में कैद होने की संभावना जताई थी। इसके बावजूद बुधवार को वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में कॉम्बिंग करना जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों ने बताया कि बीट के वन दरोगा गुर नरायन गांव आए थे और ग्रामीणों को पटाखा देकर चले गए।
ग्रामीणों ने बताया कि 23 अगस्त को अटरिया निवासी जगदीश की भैंस पर बाघ ने हमला किया था। इसके बाद सोमवार को अटरिया में पिंजरा लगाया गया था। यही नहीं रामनिवास ने मंगलवार सुबह बाघ देखा था और उसको मोबाइल में कैद भी किया था। इसके बावजूद बीट के वन दरोगा की लापरवाही से ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
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बता दें कि मंगलवार को रोजहा गांव के बाहर खेतों की ओर बकरी चराने गई गेंदन की पत्नी के सामने से बाघ बकरी को दबोच ले गया था। महिला के शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी डंडा लेकर वहां पहुंचे थे। तब तक बाघ गन्ने के खेत में भाग गया था। वहीं घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को सतर्क किया था। यही नहीं रेंजर ने जल्द ही बाघ के पिंजरे में कैद होने की संभावना जताई थी। इसके बावजूद बुधवार को वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में कॉम्बिंग करना जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों ने बताया कि बीट के वन दरोगा गुर नरायन गांव आए थे और ग्रामीणों को पटाखा देकर चले गए।
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ग्रामीणों ने बताया कि 23 अगस्त को अटरिया निवासी जगदीश की भैंस पर बाघ ने हमला किया था। इसके बाद सोमवार को अटरिया में पिंजरा लगाया गया था। यही नहीं रामनिवास ने मंगलवार सुबह बाघ देखा था और उसको मोबाइल में कैद भी किया था। इसके बावजूद बीट के वन दरोगा की लापरवाही से ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
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