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Sitapur News: 40 डिग्री पहुंचा तापमान, जेठ सी तपी वैशाख की दोपहरी
Fri, 17 Apr 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:39 AM IST
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तेज धूप से बचने के लिए चेहरा ढककर जाती महिला। -संवाद
सीतापुर। जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वैशाख की दोपहरी जेठ सी तपी। सूरज की तीखी किरणें और लू के थपेड़ों ने सभी को परेशान कर दिया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले 24 घंटों में बादलों की आवाजाही रहेगी, पर गर्मी से राहत मिलने का कोई आसार नहीं हैं।
अप्रैल में ही प्रचंड गर्मी आम जनमानस को बेचैन करने लगी है। बृहस्पतिवार को हालात ये रहे कि सुबह से ही तेज धूप से लोग परेशान दिखे। बदन झुलसा देने वाली तपिश से बचने के लिए दोपहर के समय लोग घरों व दफ्तरों में दुबके रहे, जिसके चलते सड़कें सूनी नजर आईं।
हालांकि, रोजमर्रा के कामों के लिए घर से निकले लोग गर्मी और तेज धूप से राहत पाने के लिए गमछे व छाते का सहारा लेते नजर आए। इसके बाद भी नौ किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले गर्म हवा के थपेड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ाते रहे।
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भीषण गर्मी में रह-रहकर गला सूखने पर बेचैन लोग बेल का जूस, गन्ने का रस, खीरा और अन्य तरावट वाले पेय पदार्थों का सेवन करते दिखे। खीरा विक्रेता राम दुलारे ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों में बिक्री बढ़ी है। जलजीरा का ठेला लगाने वाले राजू ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है।
गर्मी का आलम यह रहा कि दिन ढलने के बाद भी राहत नहीं मिली। घरों में भी लोग बेचैन रहे। प्रांशु ने बताया कि पंखे से राहत न मिलने पर कूलर की सफाई करने के बाद चलाया, तब कुछ सुकून मिला। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार को बादलों की आवाजाही के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, तापमान में गिरावट के आसार नहीं हैं।
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अप्रैल में ही प्रचंड गर्मी आम जनमानस को बेचैन करने लगी है। बृहस्पतिवार को हालात ये रहे कि सुबह से ही तेज धूप से लोग परेशान दिखे। बदन झुलसा देने वाली तपिश से बचने के लिए दोपहर के समय लोग घरों व दफ्तरों में दुबके रहे, जिसके चलते सड़कें सूनी नजर आईं।
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हालांकि, रोजमर्रा के कामों के लिए घर से निकले लोग गर्मी और तेज धूप से राहत पाने के लिए गमछे व छाते का सहारा लेते नजर आए। इसके बाद भी नौ किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले गर्म हवा के थपेड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ाते रहे।
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भीषण गर्मी में रह-रहकर गला सूखने पर बेचैन लोग बेल का जूस, गन्ने का रस, खीरा और अन्य तरावट वाले पेय पदार्थों का सेवन करते दिखे। खीरा विक्रेता राम दुलारे ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों में बिक्री बढ़ी है। जलजीरा का ठेला लगाने वाले राजू ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है।
गर्मी का आलम यह रहा कि दिन ढलने के बाद भी राहत नहीं मिली। घरों में भी लोग बेचैन रहे। प्रांशु ने बताया कि पंखे से राहत न मिलने पर कूलर की सफाई करने के बाद चलाया, तब कुछ सुकून मिला। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार को बादलों की आवाजाही के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, तापमान में गिरावट के आसार नहीं हैं।