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Sitapur News: सावन में सड़कें लेंगी कांवड़ियों की परीक्षा

Sun, 06 Jul 2025 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sun, 06 Jul 2025 11:39 PM IST
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The roads will test the devotees in the month of Saavan
सीतापुर। सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। सावन माह में महज चार दिन बचे हैं, लेकिन कई शिवालयों की ओर जाने वाले मार्ग अब तक खस्ताहाल हैं। सावन में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियाें को इन बदहाल मार्गों से होकर निकलना पड़ेगा।
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जिले के कई शिवालयों पर सावन में कांवड़िये जलाभिषेक करते हैं। सावन के सोमवार को श्रद्धालु भी भोलेनाथ की उपासना करने शिवालय जाते हैं। सावन शुरू होते ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाएगी। जिले के रेउसा इलाके में बहने वाली सरयू नदी, नैमिषारण्य की आदि गंगा गोमती और कन्नौज के राजघाट से कांवड़ियों का जत्था जल लाता है।
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कांवड़िये विभिन्न शिवालयों पर जलाभिषेक करते हैं। पहले सोमवार तक कांवड़ियों के जत्थे जल लेकर लौटेंगे। इस बार कांवड़ियों की राह मुश्किल नजर आ रही है। दरअसल, जिले में शिवालयों तक पहुंचने वाले कई मार्ग जर्जर हैं। कहीं गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं तो किसी मार्ग पर गड्ढे, जलभराव और कीचड़ है। कांवड़ियों को इन बदहाल मार्गों से गुजरना पड़ेगा। ऐसे में उन्हें समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।
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छह माह में ही उखड़ गईं सड़कें

महमूदाबाद में नगर पालिका की ओर से छह महीने पहले रोडवेज बस स्टेशन से बजाजा चौराहा तक प्रीमिक्स सड़क का निर्माण कराया गया था। यह सड़क 19.75 लाख की लागत से बनाई गई थी। छह महीने भी नहीं बीते और सड़क उखड़ने लगी है। सड़क की गिट्टी उखड़कर जगह-जगह बिखर रही है। कई जगह गड्ढे भी हो गए हैं। प्राचीन संकटा देवी मंदिर परिसर के शिवालय में सैकड़ों कांवड़िये जलाभिषेक करने आते हैं। स्थानीय निवासी शिवाकांत विश्वकर्मा, कृष्ण मुरारी, अशोक कुमार, दिलीप, शिवम सक्सेना, शिवेंद्र प्रताप यादव आदि का कहना है कि कब सड़कें दुरुस्त होंगी, पता नहीं। महमूदाबाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र दुबे ने बताया कि पानी भरने से सड़क में गड्ढे हो गए हैं। संबंधित ठेकेदार को सड़क दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए गए हैं।


कीचड़ और जलभराव बनेगा मुसीबत
पहला विकास खंड क्षेत्र के रमनगरा स्थित चंद्र मौलि आश्रम में भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। सावन में यहां जलाभिषेक करने कांवड़ियाें का जत्था पहुंचता है। कलिमापुर, शंकरपुर, सैर, लालपुर आदि गावों से श्रद्धालु भी दर्शन-पूजन करने आते हैं। चंद्र मौलि आश्रम जाने वाले मार्ग पर कई जगह कीचड़ है। बारिश होने पर सड़क के गड्डों में पानी भर जाता है। जिससे श्रद्धालुओं को जलभराव और कीचड में होकर निकलना पड़ता है। इस मार्ग पर प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नही है। हालात यही रहे तो सावन में कांवड़ियों को समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।




सकरन में भी सड़कें खस्ताहाल
सकरन इलाके में हजारों कांवडिये लालूपुरवा स्थित त्यागी महाराज की कुटी के पास किवानी नदी से जल लाने के लिए भोलवा बाबा मंदिर व ठाकुरद्वारा से अपनी कांवड़ यात्रा प्रारंभ करते हैं। भोलवाबाबा मंदिर से ठाकुरद्वारा होते हुए मुख्य मार्ग तक जाने वाली आरसीसी सड़क जर्जर हो चुकी है। नाली चोक होने के कारण मार्ग पर कीचड़ व जलभराव रहता है। जगह-जगह से टूटे इस मार्ग पर सावन में कांवड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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