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Sitapur News: क्रय केंद्र 40 किमी दूर, सस्ते में धान बेचने को मजबूर
Mon, 03 Nov 2025 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:11 AM IST
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। ब्लॉक में एक भी धान क्रय केंद्र नहीं है। यहां से निकटतम धान क्रय केंद्र महमूदाबाद में है। इसकी दूरी करीब 40 किमी है। छोटे काश्तकार क्रय केंद्र दूर होने से अपना धान सस्ते दाम पर बिचौलियों के हाथों बेचने को मजबूर हैं। धान क्रय केंद्र न होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
सरकार किसानों की आय दोगुनी करने में जुटी है। इसके लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं पर अधिकारियों की मनमानी से गांजर के किसान अपनी उपज की लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं। दरअसल, रामपुर मथुरा ब्लॉक में कोई धान क्रय केंद्र नहीं बनाया गया है। क्षेत्र के सारे क्रय केंद्र मंडी समिति महमूदाबाद में बना दिए गए हैं। महमूदाबाद स्थित मंडी समिति से रामपुर मथुरा की दूरी 40 से 45 किमी है। किसान मैकू ने बताया कि 25 बीघा धान लगाया था। पैदावार अच्छी हुई है पर खरीदार नहीं मिल रहे हैं। क्रय केंद्र की दूरी ज्यादा होने से वहां तक धान पहुंचाने में किराया काफी खर्च होता है।
शेष कुमार ने बताया कि 10 बीघा में धान लगाया था। गेहूं की बोआई के लिए पैसे की व्यवस्था के उद्देश्य से धान बेचने के लिए व्यापारियों के चक्कर लगा रहा हूं। व्यापारी कहते हैं कि पैसा एक महीने बाद यदि लेना है तो 1550 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदेंगे। क्रय केंद्र दूर होने से वहां ले जाने में भी खर्च ज्यादा आ रहा है। किसान भानु ने बताया कि क्रय केंद्र इतनी दूर बनाए जाने का निर्णय किसानों के हित में नहीं है।
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क्षेत्रीय स्तर पर में धान क्रय केंद्र की स्थापना होने से किसान अपनी उपज आसानी से उचित दर पर बेच सकता था। शिवकुमार, कुबेर, मुंशी, रामानंद, तालुक, रमेश, गुड्डू आदि किसानों ने क्रय केंद्र बहादुरगंज, रामपुर मथुरा, भगौतीपुर, बांसुरा व चांदपुर आदि कस्बों में स्थापित किए जाने की मांग उठाई है। महमूदाबाद तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि धान क्रय केंद्रों का आवंटन व निर्धारण खाद्य एवं विपणन विभाग करता है। क्रय पर आने वाले किसानाें को कोई दिक्कत नहीं होती है।
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सरकार किसानों की आय दोगुनी करने में जुटी है। इसके लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं पर अधिकारियों की मनमानी से गांजर के किसान अपनी उपज की लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं। दरअसल, रामपुर मथुरा ब्लॉक में कोई धान क्रय केंद्र नहीं बनाया गया है। क्षेत्र के सारे क्रय केंद्र मंडी समिति महमूदाबाद में बना दिए गए हैं। महमूदाबाद स्थित मंडी समिति से रामपुर मथुरा की दूरी 40 से 45 किमी है। किसान मैकू ने बताया कि 25 बीघा धान लगाया था। पैदावार अच्छी हुई है पर खरीदार नहीं मिल रहे हैं। क्रय केंद्र की दूरी ज्यादा होने से वहां तक धान पहुंचाने में किराया काफी खर्च होता है।
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शेष कुमार ने बताया कि 10 बीघा में धान लगाया था। गेहूं की बोआई के लिए पैसे की व्यवस्था के उद्देश्य से धान बेचने के लिए व्यापारियों के चक्कर लगा रहा हूं। व्यापारी कहते हैं कि पैसा एक महीने बाद यदि लेना है तो 1550 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदेंगे। क्रय केंद्र दूर होने से वहां ले जाने में भी खर्च ज्यादा आ रहा है। किसान भानु ने बताया कि क्रय केंद्र इतनी दूर बनाए जाने का निर्णय किसानों के हित में नहीं है।
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क्षेत्रीय स्तर पर में धान क्रय केंद्र की स्थापना होने से किसान अपनी उपज आसानी से उचित दर पर बेच सकता था। शिवकुमार, कुबेर, मुंशी, रामानंद, तालुक, रमेश, गुड्डू आदि किसानों ने क्रय केंद्र बहादुरगंज, रामपुर मथुरा, भगौतीपुर, बांसुरा व चांदपुर आदि कस्बों में स्थापित किए जाने की मांग उठाई है। महमूदाबाद तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि धान क्रय केंद्रों का आवंटन व निर्धारण खाद्य एवं विपणन विभाग करता है। क्रय पर आने वाले किसानाें को कोई दिक्कत नहीं होती है।