फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   The patients kept wandering with doctors

कोरोना : चिकित्सकों के पास भटकता रहा मरीज, नहीं भांप सके मर्ज

Fri, 20 Mar 2020 12:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2020 12:03 AM IST
विज्ञापन
The patients kept wandering with doctors
सीतापुर। पड़ोसी जिला लखीमपुर के मैगलगंज में तुर्की से लौटकर आए यात्री में कोरोना वायरस की पुष्टि ने स्वास्थ्य महकमे की बड़ी लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। बीमार होने परमरीज ने महोली से लेकर सीतापुर तक कई बार दौड़ लगाई। जिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन हैरानी की बात है कि कोई भी डॉक्टर मर्ज पकड़ नहीं सका।
विज्ञापन

तुर्की से आने की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टर मामले को लेकर संजीदा नहीं हुए। विदेश की यात्रा करके आने वाले यात्रियों को आईसोलेट करने की व्यवस्था लागू होने के बाद भी डॉक्टरों ने संदिग्ध मरीज को रैपिड रिस्पांस टीम के हवाले करने की जरूरत तक नहीं समझी। कोरोना महामारी से बचाव और जागरूकता के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाले स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आखिर इस ओर क्यों नहीं गया।
विज्ञापन

गनीमत रही कि महोली, सीतापुर से लेकर कहीं भी मरीज को फायदा न मिलने पर उसने खुद लखनऊ पहुंचकर जांच करा ली, जिससे कोरोना की पुष्टि हो गई। अगर स्वास्थ्य महकमे के डॉक्टरों की तरह मरीज ने भी लापरवाही बरती होती तो ये महामारी सामने नहीं आ पाती और इसका नुकसान बड़े पैमाने पर लोगों को उठाना पड़ सकता था। इसको लेकर जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग ने डिप्टी सीएमएस, दो डॉक्टर, काउंसलर, कंपाउंडर समेत जिन सात लोगों को आईसोलेट किया है, वे वह लोग हैं, जिनके नाम लखनऊ में भर्ती मरीज ने खुद बताएं है।
उसी आधार पर विभाग ने उन्हें आईसोलेट किया है, लेकिन विदेश से बीमारी लेकर आने वाले मैगलगंज के मरीज ने रास्ते में सफर के दौरान, दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने और उसके बाद घर तक आने, कई दिनों तक घर में रहने, गांव आने-जाने, बीमार पड़ने पर दो बार सीतापुर, एक बार महोली आने के दौरान न जाने कितने लोगों के संपर्क में आया होगा।
6 मार्च को एयरपोर्ट पर उतरने के बाद तब से लेकर बुधवार (18 मार्च) सीतापुर से लखनऊ जाने तक न जाने कितनों को संक्रमित कर दिया होगा। ऐसे में कोरोना के मरीजों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
जिला अस्पताल के एक विभागीय सूत्रों की माने तो डिप्टी सीएमएस के पास 16 मार्च को मैगलगंज का यात्री दिखाने आया था, उस वक्त वह काफी डरा हुआ था। उसे लग रहा था कि कोरोना के लक्षण हो सकते हैं, लेकिन फिर भी डिप्टी सीएमएस से बीमारी पहचानने में भूल हो गई।
पुलिस की मदद से पिता-पुत्री को कराया भर्ती
कोरोना के मरीज के संपर्क में आने से स्वास्थ्य विभाग को पिता-पुत्री के संदिग्ध मरीज होने की आशंका है। इसी को लेकर दोनों को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों भर्ती नहीं हो रहे थे।
सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि इसके लिए पुलिस की मदद ली गई है। जानकार बताते हैं कि मैगलगंज का कोरोना से संक्रमित मरीज खुद को दिखाने के लिए जा रहा था, इस बीच महोली में उसके रिश्तेदार हरदोई जिले के पिहानी निवासी पिता-पुत्री मिल गए थे। रिश्ता होने की वजह से बेटी ने मरीज के पैर छू लिए थे। इसकी जानकारी उसने अफसरों को दी।

इस बीच दोनों को कुछ परेशानी भी हुई। वह लोग महोली में अस्पताल में बुधवार से भर्ती थे। इसी आधार पर गुरुवार को महोली सीएचसी अधीक्षक और जिला मुख्यालय से गई स्वास्थ्य टीम ने दोनों को जिला अस्पताल आकर आईसोलेट किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed