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Sitapur News: समझ से परे नदियों का मिजाज, ग्रामीण हलकान
Sun, 27 Jul 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:10 AM IST
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। जिले में बहने वाली सरयू और शारदा नदियों का मिजाज इस बार समझ से परे है। नदी का जलस्तर लगातार घटने-बढ़ने से लोग स्थितियों को भांप नहीं पा रहे हैं। राहत यह है कि इस बार जुलाई बीतने को है और बाढ़ नहीं आई। लेकिन बारिश और बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी लोगों की बेचैनी बढ़ा रहा है।
फिलहाल तटवर्ती गांवों के लोग संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर भयभीत हैं। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को फिर 10 सेंटीमीटर बढ़ने से 117.30 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 1.70 मीटर नीचे बह रहा है। जिले में शुक्रवार की शाम से शनिवार सुबह तक 86 मिलीमीटर बारिश हुई है।
वहीं, गिरिजापुरी बैराजों से शनिवार को 1.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे सरयू का पानी एक बार फिर बढ़ने लगा है। हर रोज घटता-बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों के सैकड़ों लोगों की परेशानी का कारण जरूर बना हुआ है। क्षेत्रीय निवासी मनीष ने बताया कि पानी नदी की सतह से करीब डेढ़ फीट नीचे ही बह रहा है। यदि जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो बाढ़ और कटान का खतरा हो सकता है।
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फिलहाल तटवर्ती गांवों के लोग संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर भयभीत हैं। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को फिर 10 सेंटीमीटर बढ़ने से 117.30 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 1.70 मीटर नीचे बह रहा है। जिले में शुक्रवार की शाम से शनिवार सुबह तक 86 मिलीमीटर बारिश हुई है।
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वहीं, गिरिजापुरी बैराजों से शनिवार को 1.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे सरयू का पानी एक बार फिर बढ़ने लगा है। हर रोज घटता-बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों के सैकड़ों लोगों की परेशानी का कारण जरूर बना हुआ है। क्षेत्रीय निवासी मनीष ने बताया कि पानी नदी की सतह से करीब डेढ़ फीट नीचे ही बह रहा है। यदि जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो बाढ़ और कटान का खतरा हो सकता है।
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