{"_id":"64ce70db6c15422a0d0a8a84","slug":"the-heartbeat-of-the-villagers-increased-again-with-the-water-level-of-saryu-sitapur-news-c-102-1-slko1053-1062-2023-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: सरयू के जलस्तर के साथ फिर बढ़ीं ग्रामीणों की धड़कनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: सरयू के जलस्तर के साथ फिर बढ़ीं ग्रामीणों की धड़कनें
Sat, 05 Aug 2023 09:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 05 Aug 2023 09:25 PM IST
विज्ञापन
रामपुर मथुरा/सीतापुर। सरयू के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से तराई क्षेत्र के बाशिंदे हलकान हैं। सरयू का जलस्तर 20 सेमी बढ़कर शनिवार को 118.70 मीटर पर पहुंच गया। पानी अब खतरे के निशान से महज 30 सेमी नीचे है। सरयू में फिर उफान आने से तटवर्ती करीब 20 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराते देख ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बेकाबू लहरें किनारे के खेतों का लगातार कटान भी कर रही हैं।
उधर, बैराजों से 3 लाख 39 हजार 643 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। यह पानी जिले में पहुंचने से हालात बिगड़ सकते हैं। इस बार सरयू नदी का मिजाज समझ से परे है। सरयू के पानी में पिछले एक माह से उतार-चढ़ाव जारी है। पानी घटने से तराई क्षेत्र के ग्रामीणों को राहत की उम्मीद नजर आती है, तो कुछ दिन बाद जलस्तर फिर बढ़ने लगता है।
गांजर इलाके में पिछले एक सप्ताह से पानी लगातार उतर रहा था। इसी बीच शनिवार को जलस्तर में 20 सेमी इजाफा हो गया। फत्तेपुरवा गांव के पास लगे मीटर गेज पर सरयू का जलस्तर 118.70 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान से पानी अब महज 30 सेमी दूर है। हालांकि पानी अभी नदी के दायरे में है लेकिन उफान मारती लहरों ने तटवर्ती अंगरौरा, अखरी, बाबा कुटी, कनरखी, शुकुलपुरवा, अटौरा, शंकरपुरवा, बंगालीपुरवा समेत करीब 20 गांवों के ग्रामीणों में हलचल बढ़ा दी है। इन गांवों पर एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन
शंकरपुरवा के हरि प्रसाद ने बताया नदी की धारा किनारे के खेतों का लगातार कटान कर रही है। अखरी के धर्मराज तिवारी ने बताया कि इस बार नदी का मिजाज समझ से परे है।
बाढ़ आई तो जानवरों को क्या खिलाएंगे
एक पखवाड़े पहले सरयू में उफान आने से तलहटी के लगभग 400 बीघा खेत व बाग इत्यादि बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इससे खाना बनाने के लिए ईंधन व जानवरों के चारे की समस्या खड़ी हो गई थी। कुछ दिन बाद पानी घटने पर ग्रामीणों ने सामर्थ्य के अनुसार ईंधन व चारे का इंतजाम किया था। अब सरयू का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक जानवरों का चारा लगभग खत्म हो चुका है। प्रशासन की ओर से अभी तक भूसे की व्यवस्था भी नहीं करवाई गई है। ऐसे में चारे का संकट हो सकता है।
बाढ़ जैसे हालात नहीं
सरयू के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि हुई है, पर बाढ़ जैसे हालात अभी नहीं हैं। बाढ़ क्षेत्रो के लेखपाल, कानूनगो व अन्य कर्मचारियों को सतत् निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
- सुखवीर सिंह, तहसीलदार महमूदाबाद
विज्ञापन
उधर, बैराजों से 3 लाख 39 हजार 643 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। यह पानी जिले में पहुंचने से हालात बिगड़ सकते हैं। इस बार सरयू नदी का मिजाज समझ से परे है। सरयू के पानी में पिछले एक माह से उतार-चढ़ाव जारी है। पानी घटने से तराई क्षेत्र के ग्रामीणों को राहत की उम्मीद नजर आती है, तो कुछ दिन बाद जलस्तर फिर बढ़ने लगता है।
विज्ञापन
गांजर इलाके में पिछले एक सप्ताह से पानी लगातार उतर रहा था। इसी बीच शनिवार को जलस्तर में 20 सेमी इजाफा हो गया। फत्तेपुरवा गांव के पास लगे मीटर गेज पर सरयू का जलस्तर 118.70 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान से पानी अब महज 30 सेमी दूर है। हालांकि पानी अभी नदी के दायरे में है लेकिन उफान मारती लहरों ने तटवर्ती अंगरौरा, अखरी, बाबा कुटी, कनरखी, शुकुलपुरवा, अटौरा, शंकरपुरवा, बंगालीपुरवा समेत करीब 20 गांवों के ग्रामीणों में हलचल बढ़ा दी है। इन गांवों पर एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन
शंकरपुरवा के हरि प्रसाद ने बताया नदी की धारा किनारे के खेतों का लगातार कटान कर रही है। अखरी के धर्मराज तिवारी ने बताया कि इस बार नदी का मिजाज समझ से परे है।
बाढ़ आई तो जानवरों को क्या खिलाएंगे
एक पखवाड़े पहले सरयू में उफान आने से तलहटी के लगभग 400 बीघा खेत व बाग इत्यादि बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इससे खाना बनाने के लिए ईंधन व जानवरों के चारे की समस्या खड़ी हो गई थी। कुछ दिन बाद पानी घटने पर ग्रामीणों ने सामर्थ्य के अनुसार ईंधन व चारे का इंतजाम किया था। अब सरयू का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक जानवरों का चारा लगभग खत्म हो चुका है। प्रशासन की ओर से अभी तक भूसे की व्यवस्था भी नहीं करवाई गई है। ऐसे में चारे का संकट हो सकता है।
बाढ़ जैसे हालात नहीं
सरयू के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि हुई है, पर बाढ़ जैसे हालात अभी नहीं हैं। बाढ़ क्षेत्रो के लेखपाल, कानूनगो व अन्य कर्मचारियों को सतत् निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
- सुखवीर सिंह, तहसीलदार महमूदाबाद