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Sitapur News: फैसला फिर टला, अगली तारीख मिली 14 जुलाई
Tue, 01 Jul 2025 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:48 PM IST
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सीतापुर। नगर पालिका सीतापुर के चुनाव की पुनर्मतगणना कराने के मामले में मंगलवार को जिला जज ने फैसले की तारीख बढ़ा दी। अगली तारीख 14 जुलाई लगाई गई है। राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
मंगलवार को न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ता जिला जज के सामने पेश हुए। कागजी कार्रवाई के बाद फैसला सुनाने के लिए अगली तारीख 14 जुलाई दे दी गई। हालांकि फैसला मंगलवार को ही सुनाया जाना था। इसको लेकर कचहरी परिसर में गहमागहमी भी थी। दरअसल, नगर पालिका सीतापुर के चुनाव के बाद सपा प्रत्याशी रश्मि जायसवाल की ओर से पुनर्मतगणना कराने के साथ शपथ रोकने, मतपत्र सुरक्षित रखने की मांग की गई थी। मतपत्र सुरक्षित करने के बाद अन्य बिंदुओं पर पूर्व में न्यायालय फैसला नहीं सुना रही थी।
इस पर रश्मि जायसवाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 29 नवंबर को आदेश जारी करते हुए जिला न्यायालय को फैसला सुनाने का आदेश दिया था। जिला न्यायालय से पुनर्मतगणना का आदेश निरस्त होने के बाद यह पक्ष फिर हाईकोर्ट गया। हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय को चार सप्ताह में फैसला सुनाने का आदेश दिया। इस पर नेहा अवस्थी के पक्ष ने 26 मार्च को रिव्यू अप्लीकेशन डालकर कोर्ट से एक सप्ताह का समय बढ़वा भी लिया था। अभी तक मामले में कोई फैसला नहीं आया है।
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...तारीख पर तारीख बढ़ा रही धड़कन
सपा प्रत्याशी के पक्ष का कहना है कि फैसला सुनाने के लिए अब तक चार तारीखें मिल चुकी है। 19 मई को बहस खत्म हो चुकी थी। 25 मई को आदेश मिलने की बात कही गई थी। फिर 28 मई, 30 मई, एक जुलाई और अब 14 जुलाई तारीखें लगाई गई हैं। ऐसे में समय व्यर्थ हो रहा है। पक्षकार चाहते हैं कि जो भी फैसला हो वह सुना दिया जाए, क्योंकि निर्धारित समय पूरा हो चुका है, ताकि वह आगे की रणनीति बना सकें। वहीं, तारीख पर तारीख मिलने और फैसला न सुनाए जाने से प्रत्याशियों संग उनके कार्यकर्ताओं की धड़कनें हर तारीख पर बढ़ जाती हैंं।
यह है एक अहम बिंदु
तीन मार्च को न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने सपा प्रत्याशी की याचिका पर जिला जज को आदेश दिया था। जिसमें यह बिंदु था कि चुनाव कंट्रोल रूम से जारी सूचना के मुताबिक 67 हजार 841 वोट डाले गए। रिटर्निंग ऑफिसर के रिकॉर्ड के अनुसार 66 हजार 998 वोट ही पड़े। यह भी दलील दी गई कि रिटर्निंग ऑफिसर के एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार 66 हजार 990 वोट पड़े।
निर्णय का होगा सम्मान
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मुनेंद्र अवस्थी ने बताया कि न्यायालय के मामले में कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। वह अपने हिसाब से फैसला देगी, जो फैसला होगा वह माना भी जाएगा।
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मंगलवार को न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ता जिला जज के सामने पेश हुए। कागजी कार्रवाई के बाद फैसला सुनाने के लिए अगली तारीख 14 जुलाई दे दी गई। हालांकि फैसला मंगलवार को ही सुनाया जाना था। इसको लेकर कचहरी परिसर में गहमागहमी भी थी। दरअसल, नगर पालिका सीतापुर के चुनाव के बाद सपा प्रत्याशी रश्मि जायसवाल की ओर से पुनर्मतगणना कराने के साथ शपथ रोकने, मतपत्र सुरक्षित रखने की मांग की गई थी। मतपत्र सुरक्षित करने के बाद अन्य बिंदुओं पर पूर्व में न्यायालय फैसला नहीं सुना रही थी।
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इस पर रश्मि जायसवाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 29 नवंबर को आदेश जारी करते हुए जिला न्यायालय को फैसला सुनाने का आदेश दिया था। जिला न्यायालय से पुनर्मतगणना का आदेश निरस्त होने के बाद यह पक्ष फिर हाईकोर्ट गया। हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय को चार सप्ताह में फैसला सुनाने का आदेश दिया। इस पर नेहा अवस्थी के पक्ष ने 26 मार्च को रिव्यू अप्लीकेशन डालकर कोर्ट से एक सप्ताह का समय बढ़वा भी लिया था। अभी तक मामले में कोई फैसला नहीं आया है।
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...तारीख पर तारीख बढ़ा रही धड़कन
सपा प्रत्याशी के पक्ष का कहना है कि फैसला सुनाने के लिए अब तक चार तारीखें मिल चुकी है। 19 मई को बहस खत्म हो चुकी थी। 25 मई को आदेश मिलने की बात कही गई थी। फिर 28 मई, 30 मई, एक जुलाई और अब 14 जुलाई तारीखें लगाई गई हैं। ऐसे में समय व्यर्थ हो रहा है। पक्षकार चाहते हैं कि जो भी फैसला हो वह सुना दिया जाए, क्योंकि निर्धारित समय पूरा हो चुका है, ताकि वह आगे की रणनीति बना सकें। वहीं, तारीख पर तारीख मिलने और फैसला न सुनाए जाने से प्रत्याशियों संग उनके कार्यकर्ताओं की धड़कनें हर तारीख पर बढ़ जाती हैंं।
यह है एक अहम बिंदु
तीन मार्च को न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने सपा प्रत्याशी की याचिका पर जिला जज को आदेश दिया था। जिसमें यह बिंदु था कि चुनाव कंट्रोल रूम से जारी सूचना के मुताबिक 67 हजार 841 वोट डाले गए। रिटर्निंग ऑफिसर के रिकॉर्ड के अनुसार 66 हजार 998 वोट ही पड़े। यह भी दलील दी गई कि रिटर्निंग ऑफिसर के एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार 66 हजार 990 वोट पड़े।
निर्णय का होगा सम्मान
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मुनेंद्र अवस्थी ने बताया कि न्यायालय के मामले में कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। वह अपने हिसाब से फैसला देगी, जो फैसला होगा वह माना भी जाएगा।