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मिड डे मील बनाने में लापरवाही जारी: खुले में बन रही तहरी, रसोर्ई घरों में भी गंदगी
Sat, 15 Oct 2022 04:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 04:53 PM IST
सार
सीतापुर में छिपकली गिरा दूध बच्चों को देने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। इस घटना के बाद भी लापरवाही जारी है। मिड डे मील में खुले में तहरी बन रही है। किचन के बाहर गंदगी पड़ी है।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
बच्चों को दिए जाने वाले दूध में छिपकली गिर जाने की घटना के बाद भी एमडीएम को बनाने से लेकर इसे वितरित कराने की जिम्मेदार संभालने वाले कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं। उक्त चंद मामले इस बात की बानगी भर है कि विद्यालयों में सुरक्षा मानक ताक पर रखकर बनाए व परोसे जा रहे एमडीएम से नौनिहालों की जान कभी भी दांव पर लग सकती है। कई विद्यालयों में एमडीएम बनाने में उपयोग लाए जा रहे रसोइघर में गंदगी के साथ ही आस पास झाड़ियां उगी है तो कई जगह बच्चों के लिए तैयार भोजन पकाने के बाद खुले में रखा जा रहा है। रसोइघर में मौजूद रसोइयां भी बिना एप्रेन और हाथ में ग्लव्ज पहने गंदगी के बीच खाना बना रहे हैं।
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गोंदलामऊ विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय गोपालपुर पश्चिमी में दो दिन पहले दूध में छिपकली गिरने से 20 बच्चे बीमार हो गए थे। उसके बाद बीएसए ने इस मामले में रसोइये को दोषी बताते हुए उसे विद्यालय से हटाने के साथ ही प्रधानाध्यापिका को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई की थी। साथ ही बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को बच्चों का भोजन पकाते समय विशेष सावधानी के साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी सुनिश्चित कराने का निर्देशित किया था। इसके बावजूद नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार पूरी तरह उदासीन बने हैं। कई जगह एमडीएम में गुणवत्ता विहीन भोजन पकाने के साथ ही घटिया किस्म के लोकल ब्रांड मसाले तक इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं जो कि बच्चों की सेहत पर कभी भी भारी पड़ सकते हैं।
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डीसी एमडीएम बृजमोहन सिंह का कहना है कि सभी विद्यालयों को निर्देश है कि वह एमडीएम बनवाते समय सभी सुरक्षा मानकों का विशेष तौर पर पालन करें। एमडीएम बनाने व बच्चों को खाना वितरित करने वाले स्थानों पर प्रधान की मदद से नियमित तौर पर साफ सफाई करवाएं। जिले के सभी विद्यालयों में प्राथमिकता पर गैस कनेक्शन दिए गए हैं, इसके बाद भी अगर कही चूल्हे पर एमडीएम पक रहा है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई तय होगी।
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किचन के बाहर गंदगी, उगी झाड़ियां
एलिया विकासखंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोहई में एमडीएम बनाने में इस्तेमाल आने वाले किचन के बाहर गंदगी के साथ ही झाड़ियां उगी मिली। बाउंड्रीविहीन इस विद्यालय में खतरनाक जीवजंतु का खतरा भी बना रहता है। सुरक्षा मानक के तहत जरूरी मास्क, ग्लब्स व एप्रिन के बिना ही रसोइया खाना बनाने में जुटा दिखा। प्राथमिक विद्यालय सरायजीत में भी रसोइघर के आसपास झाड़ियां उगी मिली। बीते दिनों इन्हीं झाड़ी में सांप भी देखा गया था।
खुले में रखी मिली तहरी
गोंदलामऊ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में शुक्रवार मिड डे मील में बनी तहरी रसोई घर में खुला रखी हुई मिली। पकाने के बाद बच्चों को परोसी जा रही तहरी को बिना ढके रखा गया था। ऐसे में किसी भी जहरीले जीव के इस तहरी में गिर जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। स्कूल के बच्चे खुले में रखी इसी तहरी के बर्तन के पास ही बैठकर भोजन कर रहे थे।
खाना खाते बच्चों के पास घूमता मिला कुत्ता
गोंदलामऊ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय कुनेरा में बच्चों को तैयार एमडीएम खुले में ही परिसर के बाहर परोसा जाता है। इतना ही नहीं एमडीएम में बनी तहरी खाते बच्चों के आस पास आवारा कुत्ते भी बेखौफ होकर घूमते हैं। जबकि विकासखंड मछरेहटा के फतेहनगर विद्यालय में गैस चूल्हे की जगह मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ियां जलाकर भोजन पकाया जाता मिला। जबकि सभी स्कूलों को गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।