फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Teachers raging on delay in release

कार्यमुक्त में देरी पर भड़के शिक्षक

Wed, 03 Feb 2021 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 11:27 PM IST
विज्ञापन
Teachers raging on delay in release
सीतापुर में मंगलवार देर रात बीएसए कार्यालय के बाहर रिलीविंग को लेकर हंगामा करते शिक्षक। - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। अंतरजनपदीय स्थानांतरण में कार्यमुक्त होने में हो रही देरी पर बीती आधी रात को शिक्षक भड़क गए। बीएसए दफ्तर का घेराव करते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की। आक्रोशित शिक्षकों ने बीएसए के वाहन की हवा निकाल दी। इसके बाद भी शिक्षकों का आक्रोश नहीं थमा तो कार्यालय के मुख्य गेट को ही तोड़ने लगे। इससे बीएसए व कर्मचारी बैकफुट पर आ गए। हालात बेकाबू होते देख इसकी सूचना पुलिस को दी गई। एसडीएम सदर और शहर कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर गुस्साए शिक्षकों को शांत कराया।
विज्ञापन

एसडीएम ने बीएसए से शिक्षकों की बात कराकर उनका गुस्सा शांत किया। विरोध के बाद विभाग सक्रिय हुआ। बुधवार शाम तक जिले के करीब 1100 शिक्षक कार्यमुक्त होकर अपने जिले को रवाना हो गए। जिले में इस समय अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया चल रही है। इस स्थानांतरण के तहत जिले से 1418 शिक्षकों का गैर जनपद ट्रांसफर हुआ है। इनको दो दिन से कार्यमुक्त किया जा रहा है।
विज्ञापन

मंगलवार दिनभर कार्यमुक्त आदेश जारी होते रहे। रात करीब 11 बजे बीएसए ने शिक्षकों से अगले दिन कार्यमुक्त कहने की बात कही। इसके बाद शिक्षक आक्रोशित हो गए। बीएसए कार्यालय के सामने जमा करीब 250 शिक्षक हो हल्ला करने लगे। कुछ ही देर में शिक्षकों ने आक्रोशित होकर कार्यालय के सामने बीएसए के खड़े वाहन की हवा निकाल दी। इससे बीएसए व कर्मचारियों ने कार्यालय के मुख्य गेट को अंदर से बंद कर लिया। शिक्षक मुख्य गेट को ही तोड़ने की कोशिश करने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे परेशान बीएसए ने एसडीएम व पुलिस को सूचना दी। एसडीएम करीब 12 बजे पुलिस बल के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे शिक्षकों को शांत कराया। उनकी बात सुनी। शिक्षक तत्काल कार्यमुक्त होने पर अड़ गए। इसके बाद बीएसए से शिक्षकों ने वार्ता की। बीएसए ने उसके बाद और अधिक सक्रियता दिखाते हुए कार्यमुक्त की प्रक्रिया जारी रखी। बुधवार को दिनभर कार्यमुक्त आदेश जारी होते रहे। शाम तक जिले से करीब 1100 शिक्षक कार्यमुक्त होकर अपने जिले को रवाना हो गए है। इस पूरे घटनाक्रम से कार्यालय के कर्मचारी भी दहशत में रहे।
पहले भी हो चुके है प्रदर्शन
शिक्षकों की ओर से कार्यमुक्त होने को लेकर देर रात तक बीएसए कार्यालय पर हंगामा करना विभाग के लिए कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार शिक्षक ऐसा प्रदर्शन कर चुके हैं। करीब तीन साल पहले 72 हजार शिक्षक भर्ती के तहत जब शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलने में देरी हो रही थी तो उस समय भी शिक्षकों ने बीएसए के वाहन के शीशे तोड़ दिए थे। शिक्षामित्रों ने भी समायोजन रद्द होने के बाद आक्रोशित होकर हंगामा किया था।

एक शिक्षक को कार्यमुक्त करने के लिए काफी समय लगता है। जिले से भारी संख्या में शिक्षक कार्यमुक्त होने थे। अधिक समय लगने की वजह से शिक्षक भड़क गए। उसके बाद एसडीएम ने खुद ही बैठकर पूरी प्रक्रिया को देखा। शाम तक सभी शिक्षक कार्यमुक्त कर दिए गए हैं। अब वही शिक्षक रह गए हैं जो ट्रांसफर के बाद आए नहीं है।
अजीत कुमार, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed