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निपुण असेसमेंट : बच्चों के इम्तिहान में फेल हो गए शिक्षक, 64 हजार से ज्यादा बच्चे कमजोर साबित
Fri, 13 Jan 2023 05:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jan 2023 05:29 PM IST
सार
निपुण असेसमेंट परीक्षा में 64 हजार से ज्यादा बच्चे कमजोर साबित हुए है। इस परीक्षा का आयोजन अक्तूबर में किया गया था। अब कमजोर बच्चों पर और फोकस किया जाएगा।
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परीक्षा में शामिल हुए बच्चे।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
नौनिहालों का ज्ञान बढ़ाने में शिक्षक फेल साबित हुए है। निपुण असेसमेंट परीक्षा में 64,342 बच्चे कमजोर साबित हुए। इन बच्चों ने 40 फीसदी से कम अंक हासिल किए। रिजल्ट से साफ हो गया है कि ये बच्चे महज पास ही हो पाए। जबकि जिले में करीब 15 हजार शिक्षक बच्चों को निपुण बनाने में जुटे हुए थे।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों का वैसे तो अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा कराकर उनके अर्जित ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है। इस परीक्षा के अंक के आधार पर ही उनकी श्रेणी व योग्यता तय होती है। इस बार पहली मर्तबा शासन ने ओएमआर शीट पर इनका ज्ञान परखने का निर्णय लिया था। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ व अयोध्या मंडल में परीक्षा आयोजित की गई थी।
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लखनऊ मंडल के सीतापुर जिले में 18 अक्तूबर 2022 को परीक्षा हुई थी। यह परीक्षा प्रत्येक विद्यालय में डायट के माध्यम से कराई गई थी। इस परीक्षा में नौनिहालों से उनके कोर्स से ही संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे। इनका जवाब नौनिहालों को ओएमआर शीट पर देना था। इस शीट को ऑनलाइन उसी दिन अपलोड करना था। करीब ढाई माह बाद इसका रिजल्ट घोषित कर दिया गया है।
इस रिजल्ट में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए है। बच्चों का रिजल्ट छह श्रेणियों में जारी किया गया है। इसमें 64,342 बच्चे सबसे फिसड्डी साबित हुए है। इनके अंक 40 फीसदी से कम आए है। यानी यह बच्चे अपने कोर्स के ज्ञान में कमजोर मिले। यह परीक्षा शिक्षकों की कसौटी परखने की भी थी, जिसमें शिक्षक भी इस कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए है। 43,348 बच्चे प्रथम श्रेणी में पास हुए है।
अब कमजोर बच्चों पर विशेष फोकस किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग में नौनिहालों का ज्ञान परखने के लिए शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक आदि लगे हैं। करीब 15 हजार शिक्षक इन बच्चों को प्रथम श्रेणी में पास नहीं करवा पाए। अब कमजोर बच्चों पर विशेष फोकस किया जाएगा।
यह रहा परिणाम
अंक (प्रतिशत में) बच्चे
90-100 - 43348
75-90 -51830
60-75 - 67737
50-60 - 38949
40-50 -60735
0-40 -64342
मार्च में फिर से होगी परीक्षा
अक्तूबर में पहली बार परीक्षा आयोजित की गई थी। अब दूसरे चरण की परीक्षा मार्च में प्रस्तावित है। इस परीक्षा से पहले कमजोर नौनिहालों पर विशेष फोकस किया जाएगा। शासन ने आगामी परीक्षा में और बेहतर रिजल्ट आने की उम्मीद जताई है। इस परीक्षा में 5,99,389 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 4,25,743 नौनिहालों की उत्तरपुस्तिका अपलोड की गई थी। इसमें 4,20,316 बच्चों का रिजल्ट घोषित किया गया है। 1,34,723 नौनिहाल अनुपस्थित रहे थे।
बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि निपुण असेसमेंट परीक्षा का रिजल्ट आ गया है। जिन नौनिहालों के ज्ञान का स्तर कम मिला है, उसे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों का वैसे तो अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा कराकर उनके अर्जित ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है। इस परीक्षा के अंक के आधार पर ही उनकी श्रेणी व योग्यता तय होती है। इस बार पहली मर्तबा शासन ने ओएमआर शीट पर इनका ज्ञान परखने का निर्णय लिया था। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ व अयोध्या मंडल में परीक्षा आयोजित की गई थी।
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लखनऊ मंडल के सीतापुर जिले में 18 अक्तूबर 2022 को परीक्षा हुई थी। यह परीक्षा प्रत्येक विद्यालय में डायट के माध्यम से कराई गई थी। इस परीक्षा में नौनिहालों से उनके कोर्स से ही संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे। इनका जवाब नौनिहालों को ओएमआर शीट पर देना था। इस शीट को ऑनलाइन उसी दिन अपलोड करना था। करीब ढाई माह बाद इसका रिजल्ट घोषित कर दिया गया है।
इस रिजल्ट में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए है। बच्चों का रिजल्ट छह श्रेणियों में जारी किया गया है। इसमें 64,342 बच्चे सबसे फिसड्डी साबित हुए है। इनके अंक 40 फीसदी से कम आए है। यानी यह बच्चे अपने कोर्स के ज्ञान में कमजोर मिले। यह परीक्षा शिक्षकों की कसौटी परखने की भी थी, जिसमें शिक्षक भी इस कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए है। 43,348 बच्चे प्रथम श्रेणी में पास हुए है।
अब कमजोर बच्चों पर विशेष फोकस किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग में नौनिहालों का ज्ञान परखने के लिए शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक आदि लगे हैं। करीब 15 हजार शिक्षक इन बच्चों को प्रथम श्रेणी में पास नहीं करवा पाए। अब कमजोर बच्चों पर विशेष फोकस किया जाएगा।
यह रहा परिणाम
अंक (प्रतिशत में) बच्चे
90-100 - 43348
75-90 -51830
60-75 - 67737
50-60 - 38949
40-50 -60735
0-40 -64342
मार्च में फिर से होगी परीक्षा
अक्तूबर में पहली बार परीक्षा आयोजित की गई थी। अब दूसरे चरण की परीक्षा मार्च में प्रस्तावित है। इस परीक्षा से पहले कमजोर नौनिहालों पर विशेष फोकस किया जाएगा। शासन ने आगामी परीक्षा में और बेहतर रिजल्ट आने की उम्मीद जताई है। इस परीक्षा में 5,99,389 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 4,25,743 नौनिहालों की उत्तरपुस्तिका अपलोड की गई थी। इसमें 4,20,316 बच्चों का रिजल्ट घोषित किया गया है। 1,34,723 नौनिहाल अनुपस्थित रहे थे।
बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि निपुण असेसमेंट परीक्षा का रिजल्ट आ गया है। जिन नौनिहालों के ज्ञान का स्तर कम मिला है, उसे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।