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14 शिक्षकों का दो जिले में प्रदर्शित हो रहा डाटा
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सीतापुर। जिले में कार्यरत चौदह परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का डाटा दो जिलों में प्रदर्शित हो रहा है। इनके आधार नंबर, पैन नंबर व अन्य जानकारी एक ही जैसी प्रदर्शित हो रही है। फर्जी शिक्षक की आशंका को देखते हुए शासन ने इनकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए से इन शिक्षकों की रिपोर्ट तलब की है।
जिले में अब तक 15 फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं। यह शिक्षक फर्जी प्रपत्र तैयार करके नौकरी कर रहे थे। अब पूरे प्रदेश में 2010 के बाद नियुक्ति शिक्षकों की जांच चल रही है। इससे और भी शिक्षक फर्जी सामने आ जाएंगे।
हाल ही में पैन नंबर बदलकर नौकरी करने वाले शिक्षक सामने आए हैं। ऐसे में शासन ने सभी जिलों से आंकड़ा एकत्र किया है। जिसमें जिले में काम कर चुके व वर्तमान के मिलाकर 14 शिक्षक ऐसे पकड़ में आए है। जिनके पैन नंबर, आधार नंबर सहित अन्य जानकारियां दो जिलो में प्रदर्शित हो रही है। इससे शासन को फर्जीवाड़ा होने की आशंका प्रतीत हो रही है। इस पर शासन ने इन शिक्षकों की सूची बीएसए को सौंप दी है। बीएसए ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
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गैर जनपद के तमाम शिक्षक जिले में तैनात थे। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के बाद यह शिक्षक अपने घर वापस चले गए हैं। जब वह अपने ग़ृह जनपद पहुंचे तो वहां से सैलरी उठा रहे हैं। लेकिन कई शिक्षकों ने खुद ही बीएसए को शिकायती पत्र दिया है। जिसमें कहा है कि सीतापुर जिले से स्थानांतरण होने के बाद सैलरी डाटा ट्रेजरी से डिलीट नहीं किया गया है। इससे जब मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग हो रही है तो यह डाटा दो जिलों में प्रदर्शित हो रहा है। इससे दिक्कतें आ रही हैं। वही कई शिक्षक ऐसे भी है कि उनके एकाउंट नंबर दोनों जिलों में एक ही है।
बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि पैन कार्ड नंबर व अन्य जानकारियां दोनों जिले में एक ही जैसी होने से 14 शिक्षकों की सूची शासन से मिली है। इसकी जांच प्रक्रिया चल रही है।
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जिले में अब तक 15 फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं। यह शिक्षक फर्जी प्रपत्र तैयार करके नौकरी कर रहे थे। अब पूरे प्रदेश में 2010 के बाद नियुक्ति शिक्षकों की जांच चल रही है। इससे और भी शिक्षक फर्जी सामने आ जाएंगे।
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हाल ही में पैन नंबर बदलकर नौकरी करने वाले शिक्षक सामने आए हैं। ऐसे में शासन ने सभी जिलों से आंकड़ा एकत्र किया है। जिसमें जिले में काम कर चुके व वर्तमान के मिलाकर 14 शिक्षक ऐसे पकड़ में आए है। जिनके पैन नंबर, आधार नंबर सहित अन्य जानकारियां दो जिलो में प्रदर्शित हो रही है। इससे शासन को फर्जीवाड़ा होने की आशंका प्रतीत हो रही है। इस पर शासन ने इन शिक्षकों की सूची बीएसए को सौंप दी है। बीएसए ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
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गैर जनपद के तमाम शिक्षक जिले में तैनात थे। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के बाद यह शिक्षक अपने घर वापस चले गए हैं। जब वह अपने ग़ृह जनपद पहुंचे तो वहां से सैलरी उठा रहे हैं। लेकिन कई शिक्षकों ने खुद ही बीएसए को शिकायती पत्र दिया है। जिसमें कहा है कि सीतापुर जिले से स्थानांतरण होने के बाद सैलरी डाटा ट्रेजरी से डिलीट नहीं किया गया है। इससे जब मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग हो रही है तो यह डाटा दो जिलों में प्रदर्शित हो रहा है। इससे दिक्कतें आ रही हैं। वही कई शिक्षक ऐसे भी है कि उनके एकाउंट नंबर दोनों जिलों में एक ही है।
बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि पैन कार्ड नंबर व अन्य जानकारियां दोनों जिले में एक ही जैसी होने से 14 शिक्षकों की सूची शासन से मिली है। इसकी जांच प्रक्रिया चल रही है।