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Sitapur News: सूरज ने बरसाए अंगारे, पारा 42 डिग्री पर
Mon, 22 May 2023 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 22 May 2023 12:04 AM IST
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सीतापुर। गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। दिन में चिलचिलाती धूप बदन झुलसने का अहसास करा रही है। रविवार को अधिकतम पारा उछलकर 42 डिग्री पर पहुंच गया। भीषण गर्मी से हर कोई बेचैन दिखाई दिया। दोपहर के समय सूरज के तेवर देख लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हो गए। जिससे शहर की सड़कें सूनी नजर आईं।
रविवार सुबह से ही कड़कती धूप ने लोगों को बेचैन कर दिया। दिन चढ़ने के साथ सूरज के तेवर लगातार तीखे होते रहे। दोपहर के समय अंगारे बरसाती सूरज की किरणें और तेज गर्म हवा की जुगलबंदी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया।
शनिवार के मुकाबले पारा भी एक डिग्री ऊपर चढ़ गया। भीषण गर्मी के कारण लोग दोपहर को बाहर निकलने से गुरेज करते रहे। जरूरी काम से जिन्हें निकलना पड़ा वह कपड़े से मुंह लपेटकर छाते के सहारे तपिश व गर्म हवा से बचाव का जतन करते नजर आए।
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इन दिनों गर्मी का आलम यह है, कि सांझ ढलने के बाद भी उमस से लोग पसीना-पसीना होते रहते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, संभलकर रहें
गर्मी बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में कार्यरत डॉ. गौरव मिश्रा बताते हैं, कि ऐसे में लोगों को बहुत संभलकर रहने की जरूरत है, क्योंकि गर्मी में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह लोगों को दी जा रही है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
त्वचा का लाल और शुष्क होना, शरीर का तपना तथा पल्स तेज होना।
मरीज के व्यवहार में परिवर्तन, चिड़चिड़ापन बढ़ जाना।
सिरदर्द, मचली, थकान और कमजोरी होना तथा चक्कर आना।
बचने के उपाय
अधिक से अधिक पानी का सेवन करें।
तेज धूप में निकलने से बचें, अगर तेज धूप में निकलना जरूरी है तो निकलते वक्त छाता लेकर निकलें।
ओआरएस, लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ पीएं।
चाय और कॉफी पीने से परहेज करें।
बासी भोजन अथवा खुले में बिकने वाला खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
उपचार
- मरीज को ठंडी जगह पर रखें।
- मरीज को ठंडी हवा करें तथा उसके शरीर को स्पंज अथवा गीले कपड़े से पोंछें।
- मरीज को ठंडे पानी के टब में लिटाएं या ठंडे पानी की पट्टियां शरीर पर रखें।
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रविवार सुबह से ही कड़कती धूप ने लोगों को बेचैन कर दिया। दिन चढ़ने के साथ सूरज के तेवर लगातार तीखे होते रहे। दोपहर के समय अंगारे बरसाती सूरज की किरणें और तेज गर्म हवा की जुगलबंदी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया।
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शनिवार के मुकाबले पारा भी एक डिग्री ऊपर चढ़ गया। भीषण गर्मी के कारण लोग दोपहर को बाहर निकलने से गुरेज करते रहे। जरूरी काम से जिन्हें निकलना पड़ा वह कपड़े से मुंह लपेटकर छाते के सहारे तपिश व गर्म हवा से बचाव का जतन करते नजर आए।
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इन दिनों गर्मी का आलम यह है, कि सांझ ढलने के बाद भी उमस से लोग पसीना-पसीना होते रहते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, संभलकर रहें
गर्मी बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में कार्यरत डॉ. गौरव मिश्रा बताते हैं, कि ऐसे में लोगों को बहुत संभलकर रहने की जरूरत है, क्योंकि गर्मी में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह लोगों को दी जा रही है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
त्वचा का लाल और शुष्क होना, शरीर का तपना तथा पल्स तेज होना।
मरीज के व्यवहार में परिवर्तन, चिड़चिड़ापन बढ़ जाना।
सिरदर्द, मचली, थकान और कमजोरी होना तथा चक्कर आना।
बचने के उपाय
अधिक से अधिक पानी का सेवन करें।
तेज धूप में निकलने से बचें, अगर तेज धूप में निकलना जरूरी है तो निकलते वक्त छाता लेकर निकलें।
ओआरएस, लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ पीएं।
चाय और कॉफी पीने से परहेज करें।
बासी भोजन अथवा खुले में बिकने वाला खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
उपचार
- मरीज को ठंडी जगह पर रखें।
- मरीज को ठंडी हवा करें तथा उसके शरीर को स्पंज अथवा गीले कपड़े से पोंछें।
- मरीज को ठंडे पानी के टब में लिटाएं या ठंडे पानी की पट्टियां शरीर पर रखें।