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गन्ना किसानों को नहीं मिले 143 करोड़ रुपये

Thu, 05 Nov 2020 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 11:06 PM IST
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Sugarcane farmers did not get Rs 143 crore
सीतापुर। जिले की चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को बकाया भुगतान किए बिना नया पेराई सत्र शुरू कर दिया है। डालमियां ग्रुप की दोनों मिलों समेत तीन मिल चालू हो गई हैं। इन मिलों पर 101 करोड़ गन्ना किसानों का भुगतान बकाया है। सभी पांचों चीनी मिलों पर 143 करोड़ की देनदारी है। अन्य दो मिलों ने अभी पेराई की घोषणा नहीं की है लेकिन दिवाली तक इन्हें भी चलाने की तैयारी है। ये मिलें भी किसानों की करीब 42 करोड़ रुपये की कर्जदार हैं। इनमें सर्वाधिक 38 करोड़ रुपये हरगांव मिल पर बकाया है।
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जिले में रामगढ़, जवाहरपुर, हरगांव, बिसवां तथा महमूदाबाद चीनी मिल संचालित हैं। डालमिया ग्रुप की रामगढ़ व जवाहरपुर मिल का नवीन पेराई सत्र तीन नवंबर को शुरू हो चुका है। हरगांव मिल ने छह नवंबर को पेराई सत्र चालू कर दिया है। बिसवां चीनी मिल 21 नवंबर तक और महमूदाबाद मिल दिवाली के बाद चलाने की तैयारी है। मिलों ने नया गन्ना खरीदना शुरू कर दिया है। पिछले सत्र का 143.23 करोड़ रुपये अब तक किसानों को भुगतान नहीं किया है।
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रामगढ़ चीनी पर 31 करोड़, जवाहरपुर पर 32 करोड़, हरगांव पर 38 करोड़, बिसवां पर 28.23 करोड़ और महमूदाबाद पर 14 करोड़ रुपये की बकाएदारी है। इनमें हर साल बकाया भुगतान करने में फिसड्डी रहने वाली महमूदाबाद की सरकारी मिल का अबकी बेहतर प्रदर्शन रहा है। महमूदाबाद पर सबसे कम 14 करोड़ रुपये ही बकाया है।
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समय से भुगतान न होने से किसान परेशान
महमूदाबाद क्षेत्र के सुकईपुर गांव निवासी किसान रोहित सिंह ने बताया कि पिछले सत्र गन्ने का दो लाख रुपये बकाया है। पहले धान अब गेहूं की बुवाई व खाद खरीदने की समस्या हो रही है। दीपावली का पर्व आने वाला है। रुपये नहीं मिलने से त्योहार फीका हो गया है।
बाछिलपुर की रहने वाली गुड्डी देवी ने बताया कि लगभग सात हजार रुपये बकाया है। पैसों के अभाव में काफी समस्या हो रही है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हरगांव क्षेत्र के किसान सरदार ज्ञानी गुरदीप सिंह चीमा के मुताबिक उनका लगभग एक लाख रुपये से अधिक गन्ना का भुगतान शुगर मिल पर बकाया है। जिससे खेती व घरेलू खर्च को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है।

भुगतान को लेकर जिले में पिछड़ी हरगांव मिल
हरगांव चीनी मिल भुगतान करने को लेकर मंडल में अव्वल है। लेकिन जिले की पांच चीनी मिलों में सबसे पीछे है। वर्तमान समय में हरगांव मिल पर सबसे अधिक 38 करोड़ रुपये बकाया है।
सभी चीनी मिलों ने पिछले पेराई सत्र का अधिकांश भुगतान कर दिया है। कुछ भुगतान बकाया है, वह भी जल्द करा दिया जाएगा।
- संजय सिसौदिया, जिला गन्ना अधिकारी
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