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ऐसी लापरवाही... कैसे रोक पाएंगे कोरोना की तीसरी लहर
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जिला अस्पताल में दवाई लेने के लिए महिला काउंटर पर बिना सोशल डिस्टेसिंग खड़ी महिलाएं। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। कोरोना की बेकाबू दूसरी लहर को बीते अभी महज एक माह ही हुए है। उन दिनों के गहरे दर्द की पीड़ा आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है। जिन कारणों से ऐसे हालात बने थे, आज फिर से वही हालात पैदा करने की कोशिश हो रही है। अभी संक्रमण कम जरूर हुआ है, लेकिन खतरा बरकरार है।
लोग इस खतरे को भूलकर फिर से न तो मास्क लगा रहे है, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है। इस लापरवाही में अफसर से लेकर आम आदमी तक सब बेफिक्र है। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी भीड़ उमड़ रही है मानो यह लोग कोरोना को समझते ही नहीं है। यह लापरवाह तब बरती जा रही है जब एम्स के निदेशक ने दो दिन पहले ही ऐसे ही हालात को देखकर पांच से छह हफ्तों में तीसरी लहर आने की आशंका जताई है।
फिर भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं हो रहा है। कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर के बाद अब संक्रमण कम हुआ है। बाजार, कार्यालय, होटल खुलने लगे है। लेकिन एम्स के निदेशक ने जुलाई के अंत तक तीसरी लहर की आशंका जताकर फिर से कोरोना के प्रति आगाह कर दिया है। इस चेतावनी के बाद प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने भी मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का हर हाल में पालन व टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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इसका असर जिलेवासियों पर नहीं पड़ रहा है। वह बाजार खुलने को एक अवसर मानकर खुलेआम प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा रहे है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को वीकेंड लॉकडाउन के बाद रियलटी देखी तो हर तरफ हैरान करने वाले नजारे दिखाई दिए। लालबाग बाजार में खूब भीड़ उमड़ी। जिला अस्पताल, रोडवेज, बैंक व सरकारी कार्यालयों में सैनिटाइजर व कोविड हेल्प डेस्क गायब दिखी। अफसर से लेकर कर्मचारी तक बिना मास्क के ही कामकाज करते हुए दिखाई दिए।
दवा काउंटर पर उमड़ी भीड़
जिला अस्पताल में इस कदर भीड़ उमड़ रही है कि उसको नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। सोमवार को पर्चा काउंटर पर महिलाएं एक-दूसरे से चिपकी हुई खड़ी नजर आईं। अधिकांश महिलाओं के चेहरे पर मास्क नहीं थे। सोशल डिस्टेंसिंग तो मानो भूल ही गई हो। कुछ इसी तरह के हालात जिला अस्पताल के अंदर के वार्डों में दिखाई दिए। मरीज व तीमारदार बिना मास्क के ही आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दिए।
ग्राहक व दुकानदार दोनों लापरवाह
दो दिन के लॉकडाउन के बाद सोमवार को जब लालबाग बाजार खुला तो सुबह से ही बाजार में गहमागहमी दिखाई दी। सड़कें लोगों की भीड़ से गुलजार थी। ग्राहक बिना मास्क के ही घूम रहे थे। दुकानदार भी ग्राहकों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की कोई अपील नहीं की। दुकानों पर सैनिटाइजर का इंतजाम व दो गज की दूरी गायब रही।
बसों में लोग बरत रहे असावधानी
रोडवेज बस स्टॉप पर भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होता नहीं दिखा। यहां पर वेटिंग रूम में बैठे मुसाफिर आपस में बातचीत कर रहे थे। यहां के दुकानदान भी बिना मास्क के दिखाई दिए। जब रोडवेज बसों के अंदर की स्थिति देखी तो वहां पर भी प्रोटोकॉल गायब मिला। बिना मास्क के ही मुसाफिर सफर कर रहे थे। ड्राइवर व कंडक्टर के द्वारा प्रोटोकॉल पालन करने की कोई नसीहत भी नहीं दी जा रही थी।
दफ्तरों में कर्मचारी भी बेपरवाह
सरकारी कार्यालय के अफसर व कर्मचारी भी कोरोना से बेपरवाह हैं। विकास भवन के जिला ग्रामोद्योग अफसर सहित अन्य कर्मचारी बिना मास्क के आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दिए। ओडीएफ कक्ष में भी सोशल डिस्टेंसिंग गायब दिखी। बीएसए, डीआईओएस, जिला प्रोबेशन कार्यालय में भी प्रोटोकॉल नदारद दिखा। सब बेपरवाह होकर कामकाज निपटाते रहे।
संक्रमण कम हुआ है लेकिन लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है। जरूरत होने पर ही बाहर निकलें। कोविड प्रोटोकॉल का हर हाल में पालन करें।
डॉ. मधु गैराला, सीएमओ
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लोग इस खतरे को भूलकर फिर से न तो मास्क लगा रहे है, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है। इस लापरवाही में अफसर से लेकर आम आदमी तक सब बेफिक्र है। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी भीड़ उमड़ रही है मानो यह लोग कोरोना को समझते ही नहीं है। यह लापरवाह तब बरती जा रही है जब एम्स के निदेशक ने दो दिन पहले ही ऐसे ही हालात को देखकर पांच से छह हफ्तों में तीसरी लहर आने की आशंका जताई है।
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फिर भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं हो रहा है। कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर के बाद अब संक्रमण कम हुआ है। बाजार, कार्यालय, होटल खुलने लगे है। लेकिन एम्स के निदेशक ने जुलाई के अंत तक तीसरी लहर की आशंका जताकर फिर से कोरोना के प्रति आगाह कर दिया है। इस चेतावनी के बाद प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने भी मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का हर हाल में पालन व टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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इसका असर जिलेवासियों पर नहीं पड़ रहा है। वह बाजार खुलने को एक अवसर मानकर खुलेआम प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा रहे है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को वीकेंड लॉकडाउन के बाद रियलटी देखी तो हर तरफ हैरान करने वाले नजारे दिखाई दिए। लालबाग बाजार में खूब भीड़ उमड़ी। जिला अस्पताल, रोडवेज, बैंक व सरकारी कार्यालयों में सैनिटाइजर व कोविड हेल्प डेस्क गायब दिखी। अफसर से लेकर कर्मचारी तक बिना मास्क के ही कामकाज करते हुए दिखाई दिए।
दवा काउंटर पर उमड़ी भीड़
जिला अस्पताल में इस कदर भीड़ उमड़ रही है कि उसको नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। सोमवार को पर्चा काउंटर पर महिलाएं एक-दूसरे से चिपकी हुई खड़ी नजर आईं। अधिकांश महिलाओं के चेहरे पर मास्क नहीं थे। सोशल डिस्टेंसिंग तो मानो भूल ही गई हो। कुछ इसी तरह के हालात जिला अस्पताल के अंदर के वार्डों में दिखाई दिए। मरीज व तीमारदार बिना मास्क के ही आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दिए।
ग्राहक व दुकानदार दोनों लापरवाह
दो दिन के लॉकडाउन के बाद सोमवार को जब लालबाग बाजार खुला तो सुबह से ही बाजार में गहमागहमी दिखाई दी। सड़कें लोगों की भीड़ से गुलजार थी। ग्राहक बिना मास्क के ही घूम रहे थे। दुकानदार भी ग्राहकों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की कोई अपील नहीं की। दुकानों पर सैनिटाइजर का इंतजाम व दो गज की दूरी गायब रही।
बसों में लोग बरत रहे असावधानी
रोडवेज बस स्टॉप पर भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होता नहीं दिखा। यहां पर वेटिंग रूम में बैठे मुसाफिर आपस में बातचीत कर रहे थे। यहां के दुकानदान भी बिना मास्क के दिखाई दिए। जब रोडवेज बसों के अंदर की स्थिति देखी तो वहां पर भी प्रोटोकॉल गायब मिला। बिना मास्क के ही मुसाफिर सफर कर रहे थे। ड्राइवर व कंडक्टर के द्वारा प्रोटोकॉल पालन करने की कोई नसीहत भी नहीं दी जा रही थी।
दफ्तरों में कर्मचारी भी बेपरवाह
सरकारी कार्यालय के अफसर व कर्मचारी भी कोरोना से बेपरवाह हैं। विकास भवन के जिला ग्रामोद्योग अफसर सहित अन्य कर्मचारी बिना मास्क के आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दिए। ओडीएफ कक्ष में भी सोशल डिस्टेंसिंग गायब दिखी। बीएसए, डीआईओएस, जिला प्रोबेशन कार्यालय में भी प्रोटोकॉल नदारद दिखा। सब बेपरवाह होकर कामकाज निपटाते रहे।
संक्रमण कम हुआ है लेकिन लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है। जरूरत होने पर ही बाहर निकलें। कोविड प्रोटोकॉल का हर हाल में पालन करें।
डॉ. मधु गैराला, सीएमओ