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स्कूल में उगी सब्जियों का स्वाद लेंगे विद्यार्थी

Mon, 27 Jun 2022 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 11:09 PM IST
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Students will taste vegetables grown in school
एलिया क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भगवंतपुर में उगी सब्जियां। -संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। जिले के 3511 परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डेन बनाया जाएगा। गार्डेन में उगी ताजी सब्जियों से ही नौनिहालों के लिए भोजन पकाया जाएगा। पहले चरण में करीब दो सौ विद्यालयों को पांच-पांच हजार रुपये का बजट दिया गया है। इससे सब्जी के लिए जमीन तैयार करके बीज रोपित किए जाएंगे। इस गार्डेन की रखवाली का पूरा जिम्मा विद्यालय के प्रधानाध्यापक का होगा।
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। नौनिहालों के लिए यह भोजन स्कूल में ही पकाया जाता है। सब्जी से लेकर अन्य खाद्य सामग्री का इंतजाम प्रधानाध्यापक करते है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से बजट दिया जाता है। अब नौनिहालों को स्कूल में ही उगी हुई ताजी सब्जियों से भोजन बनवाया जाएगा। इसकी शुरुआत हो गई है। पहले चरण में करीब 200 विद्यालयों को चयनित किया गया है। इन विद्यालयों को किचन गार्डेन बनाने के लिए पांच-पांच हजार रुपये का बजट दिया गया है।
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इस बजट से विद्यालय के प्रधानाध्यापक वहां पर जमीन तैयार करेंगे। सब्जी के बीज रोपित कराते हुए उत्पादन कराएंगे। यह किचन गार्डेन स्कूल प्रांगण में ही बनाया जाएगा। किचन गार्डेन में रसोइयां की भी मदद ली जाएगी। पहले चरण की सफलता के बाद इसे पूरे जिले के विद्यालयों में बनाया जाएगा। जिले के 3511 विद्यालयों में एक साल के अंदर किचन गार्डेन बनाये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे इन विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 5.48 लाख नौनिहालों को रोजाना सब्जियां खाने को मिलेंगी।
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मौसमी फल पर भी रहेगा जोर
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को प्रत्येक सोमवार को फल दिए जाते है। इसके लिए प्रति नौनिहाल चार रुपये का बजट तय किया गया है। यह फल मौसमी होने चाहिए। इसलिए इन किचन गार्डेन में पहले चरण में सब्जी का उत्पादन किया जाएगा। उसके बाद इस गार्डेन में फलों के पौधे भी रोपित किए जाएंगे, जिससे नौनिहाल सब्जी के साथ फल का स्वाद भी ले सकेंगे।
अफसर निरीक्षण में करेंगे मूल्यांकन
किचन गार्डेन का मूल्यांकन भी किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अफसर जब विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे तो वहां एमडीएम की गुणवत्ता को परखेंगे। किचन गार्डेन को देखेंगे। इसका मूल्यांकन करके वह एमडीएम रजिस्टर पर अंकित करेंगे। अगर बेहतर तरीके से गार्डेन मिलेगा तो प्रधानाध्यापक को शाबासी दी जाएगी।
ये उगाई जाएंगी सब्जियां
प्रत्येक विद्यालय में किचन गार्डेन बनाया जाएगा। इस गार्डेन में लौकी, टमाटर, भिंडी, बैंगन, तोरई, मिर्च, मूली आदि का उत्पादन किया जाएगा। बरसात से पहले शिक्षकों को स्कूल में जमीन चिह्नित करते हुए वहां पर किचन गार्डेन के लिए जमीन तैयार करने के निर्देश दिए गए है। जिससे बरसात के समय ही सब्जियों के उत्पादन की प्रक्रिया शुुरू कर दी जाए।

सभी विद्यालयों में किचन गार्डेन बनाए जाएंगे। पहले चरण में 200 विद्यालयों को पैसा भेजा गया है। अन्य विद्यालयों में जमीन मिलने के बाद जल्द वहां पर भी किचन गार्डेन बनाए जाने की कवायद शुरू होगी।
- बृजमोहन सिंह, डीसी एमडीएम
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