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Sitapur News: महंगे फोन के लिए छात्र ने रची थी अपहरण की फर्जी कहानी
Thu, 16 Mar 2023 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:10 AM IST
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सीतापुर। शहर कोतवाली में एक महंगे फोन के लिए कक्षा नौ के छात्र ने खुद के ही अपहरण की फर्जी कहानी गढ़ डाली। अपहरण कर फिरौती मांगे जाने की सूचना पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। करीब पांच घंटे बाद छात्र खुद ही स्थानीय चौकी के पास आ गया। काफी देर तक वह फर्जी कहानी पुलिस को बताता रहा लेकिन कुछ देर बाद उसने सारी हकीकत बता दी। शहर कोतवाली के मोहल्ला पक्काबाग निवासी हमजला जुनैद कक्षा 9 का छात्र है। वह म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में पढ़ाई करता है। मंगलवार की शाम बजे वह घर से पुराना सीतापुर निवासी अपनी बुआ निगार के घर खाना लेने के लिए निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया। उसने अपने दोस्त अरमान को अपने ही फोन से बताया कि उसे दो बदमाश उठाकर खैराबाद के शीशे वाली मस्जिद पर लेकर आ गए हैं। बदमाश तीन लाख रुपए की फिरौती मांग रहे हैं। इसके बाद छात्र के परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी। इसके बाद कई बार उसने अपनी बुआ के फोन पर कॉल करके पैसे की मांग की। इधर छात्र का पता लगाने के लिए स्वाॅट सर्विलांस की टीम भी जुट गई । देर रात करीब 12 बजे छात्र टहलता हुआ कोहना चौकी के पास आ गया । पूछने पर उसने बताया कि दो नकाबपोश बदमाश उसे उठाकर मुंशीगंज पानी टंकी के पास ले गए थे और तीन लाख रुपए की मांग कर रहे थे। छात्र ने बताया कि बदमाशों ने पैसे लाने के लिए जबरन गलत जगह शीशे वाली मस्जिद आने के लिए कहा था । ताकि परिजनों को बदमाशों का पता न लगे। जैसे तैसे वह उनके चंगुल से छूट कर चला आया है। पूरी घटना पुलिस के गले से उतर नहीं रही थी। पुलिस ने छात्र से कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि उसे एक कंपनी का महंगा फोन चाहिए था। इसके लिए उसने सारी कहानी रच डाली। वह अपनी बुआ के घर के पास में ही एक सुनसान इलाके में बैठ कर फोन से बार-बार बात और व्हाटसएप पर मैसेज करता रहा। जब उसे लगा कि उसके परिजन पैसे नहीं दे पाएंगे तो वह पैदल ही घर चला आया। सीओ सुशील सिंह ने बताया कि फोन लेने के लिए छात्र ने खुद ही पूरी कहानी बनाई थी। कार्यवाही के बाद उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
मां का उठ चुका है साया, पिता पूरी कर देता था हर ख्वाहिश
छात्र का पिता जुनैद पुराने सीतापुर में फुटपाथ पर कपड़े लगाकर जीवन यापन करता है। छात्र के पैदा होने के छह महीने बाद ही उसकी मां की मौत हो गई थी। मौत होने के बाद से पिता उसका बहुत ख्याल रखता था। हाल ही में छात्र के कहने पर उसके पिता ने एक नया फोन भी लेकर दिया था। एक महंगी कंपनी का फोन लेने के लिए छात्र ने कभी अपने पिता से नहीं कहा था। ताऊ की पुत्री से छात्र ने फोन लेने की चाहत जताई थी।
अपराधी को ढूंढ़ निकालने वाली पुलिस, छात्र को नहीं ढूंढ़ पाई
एक मिनट में ही घटनाओं के खुलासे का दंभ भरने वाले पुलिस को एक 15 साल का छात्र छकाता रहा। उसकी तलाश में शहर कोतवाली, सीओ सिटी, स्वाट, सर्विलांस की टीमें लगी थीं। परिजनों की मानें तो उसके मोबाइल की लोकेशन भी पुराने सीतापुर के स्टेशन के करीब आ रही थी। पांच घंटे के बाद भी पुलिस उसको ढूंढ़ नहीं सकी। मामला अपहरण से जुडा होने के चलते आईजी रेंज तक को घटना की जानकारी हुई। वह भी समय-समय पर एसपी और शहर कोतवाल से जानकारी लेते रहे।
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फिल्मी और सीरियल देखकर दिमाग में आया था फितूर
बरामद होने के बाद पुलिस की हिरासत में छात्र डरा हुआ था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि फोन लेने के लिए उसके दिमाग में अचानक यह फितूर आया गया कि अपहरण होने की बात से घर वाले डरकर पैसा दे देंगे। उसने कई बार फिल्मों और सीरियल में ऐसे देखा था। जिसे देखकर उसके दिमाग में यह फितूर जागा था।
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मां का उठ चुका है साया, पिता पूरी कर देता था हर ख्वाहिश
छात्र का पिता जुनैद पुराने सीतापुर में फुटपाथ पर कपड़े लगाकर जीवन यापन करता है। छात्र के पैदा होने के छह महीने बाद ही उसकी मां की मौत हो गई थी। मौत होने के बाद से पिता उसका बहुत ख्याल रखता था। हाल ही में छात्र के कहने पर उसके पिता ने एक नया फोन भी लेकर दिया था। एक महंगी कंपनी का फोन लेने के लिए छात्र ने कभी अपने पिता से नहीं कहा था। ताऊ की पुत्री से छात्र ने फोन लेने की चाहत जताई थी।
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अपराधी को ढूंढ़ निकालने वाली पुलिस, छात्र को नहीं ढूंढ़ पाई
एक मिनट में ही घटनाओं के खुलासे का दंभ भरने वाले पुलिस को एक 15 साल का छात्र छकाता रहा। उसकी तलाश में शहर कोतवाली, सीओ सिटी, स्वाट, सर्विलांस की टीमें लगी थीं। परिजनों की मानें तो उसके मोबाइल की लोकेशन भी पुराने सीतापुर के स्टेशन के करीब आ रही थी। पांच घंटे के बाद भी पुलिस उसको ढूंढ़ नहीं सकी। मामला अपहरण से जुडा होने के चलते आईजी रेंज तक को घटना की जानकारी हुई। वह भी समय-समय पर एसपी और शहर कोतवाल से जानकारी लेते रहे।
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फिल्मी और सीरियल देखकर दिमाग में आया था फितूर
बरामद होने के बाद पुलिस की हिरासत में छात्र डरा हुआ था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि फोन लेने के लिए उसके दिमाग में अचानक यह फितूर आया गया कि अपहरण होने की बात से घर वाले डरकर पैसा दे देंगे। उसने कई बार फिल्मों और सीरियल में ऐसे देखा था। जिसे देखकर उसके दिमाग में यह फितूर जागा था।