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परिषदीय परीक्षा : झुंड में बैठकर बच्चों ने दी परीक्षा

Wed, 23 Mar 2022 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 11:57 PM IST
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Sitting in the herd, the children gave the exam
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरौरा में झुंड बनाकर परीक्षा देते छात्र। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। परिषदीय वार्षिक परीक्षाएं मखौल बनकर रह गई है। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने इसकी हकीकत परखी। नौनिहाल झुंड में बैठकर नकल करते हुए मिले। कई विद्यालयों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे तो शिक्षकों ने मोबाइल पर प्रश्नपत्र मंगवाकर उनको बोलकर बच्चों को बताया। सीटिंग प्लान, कक्ष निरीक्षकों की अदला बदली सहित अन्य निर्देश हवा-हवाई ही दिखाई दिए। अफसरों ने भी परीक्षा का निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझा।
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परिषदीय परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई है। परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को अमर उजाला ने शहर, पिसावां, एलिया आदि विकासखंडों में चल रही परीक्षा की हकीकत परखी। इसमें विभाग के एक भी निर्देश का पालन होते हुए नहीं मिला। एलिया विकासखंड के तमाम स्कूल देर से खुले। जब नौनिहाल प्रश्नपत्र मांगने लगे तो प्रधानाध्यापिका ने मोबाइल के जरिये दूसरे विद्यालय से प्रश्नपत्र मंगवाए।
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उसके बाद प्रश्नों को बोलकर उन्हें हल भी करवा दिया। इसी तरह सीटिंग प्लान अधिकांश विद्यालयों में नहीं मिला। नौनिहाल झुंड में बैठकर परीक्षा देते हुए दिखाई दिए। यह सब शिक्षकों के सामने हो रहा था। इसी तरह प्रश्नपत्र का बंडल खोलते समय एसएमसी सदस्य की मौजूदगी की बात गई थी लेकिन एसएमसी सदस्यों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।
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छात्रों को नहीं मिला प्रश्नपत्र
एलिया विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बेलहरा में सुबह 9:58 बजे तक पेपर का वितरण नहीं हुआ। बच्चों के बैठने का कोई सीटिंग प्लान नहीं था। छात्र अपने स्कूली बैग व कापी-किताबों के साथ विद्यालय आए थे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरौरा में सुबह 10:10 बजे परीक्षा चल रही थी। मगर छात्र झुंड बनाकर बैठे थे। कक्षा आठ के विज्ञान का प्रश्नपत्र छात्रों को नहीं मिला था।
प्रधानाध्यापिका ने मोबाइल पर पेपर मंगवाकर बच्चों को प्रश्न बताए। कारण जानने पर बताया गया कि पेपर मिला ही नहीं। प्राथमिक विद्यालय बम्हौरा सुबह 10:24 बजे 71 बच्चों में सिर्फ 41 छात्र ही प्रश्नपत्र हल करते नजर आए। विद्यालय में कोई सीटिंग प्लान नहीं था।
शिक्षकों के सामने होती रही नकल
पिसावां विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय मुल्लाभीरी में बच्चे एक कमरे में परीक्षा दे रहे थे। वे झुंड में बैठाकर नकल करते हुए प्रश्नपत्र हल कर रहे थे। 125 में 115 बच्चे परीक्षा देते हुए मिले। बच्चों ने जमीन पर बैठकर परीक्षा दी। विद्यालय में मौजूद शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी नकल रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय खोजेपुर में नामांकित 269 में महज 176 बच्चे परीक्षा दे रहे थे। यहां पर बच्चे दूर-दूर बैठकर परीक्षा देते हुए दिखाई दिए।

बिना सीटिंग प्लान के बैठाए गए बच्चे
नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन में बच्चे सीट पर बैठे हुए मिले। सीटिंग प्लान नहीं था। बच्चे एक-दूसरे से प्रश्न पूछकर हल कर रहे थे। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय पंतनगर जेल रोड पर बच्चे झुंड में बैठकर परीक्षा देते हुए दिखाई दिए। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि जगह की कमी है। इसी वजह से एक साथ बैठाकर बच्चों की परीक्षा कराई जा रही है। उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर में बच्चे टाट पट्टी पर दूर-दूर बैठकर परीक्षा देते हुए मिले। यहां पर नकल नहीं हो रही थी।
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