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Sitapur News: बाघिन को कैद करने के लिए तीसरी बार बांधा गया पड़वा
Fri, 28 Aug 2026 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:49 AM IST
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बाघिन को पकड़ने के लिए बांधा पड़वा। - संवाद
संदना। किसान को निवाला बनाने वाली बाघिन को पकड़ने में अभी तक वन विभाग नाकाम है। उसे काबू करने के लिए वन विभाग का रेस्क्यू अभियान 43वें दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। वहीं बारिश के चलते कॉम्बिंग प्रभावित रही और बाघिन के पगचिह्न तलाशने में दिक्कत आई। विभाग द्वारा बाघिन को पकड़ने के लिए तीसरा पड़वा बांधा गया है।
पहले बांधे गए पड़वा को बाघिन ने अपना शिकार बना लिया था। वह अभी वन विभाग के जाल में नहीं फंस सकी है। बृहस्पतिवार को तीसरा पड़वा बांधा गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण खेतों और कच्चे रास्तों पर पानी भर गया है, इससे पगचिह्न तलाशने में दिक्कत आ रही है। इसके बावजूद संभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है।
लंबे समय से चल रहे रेस्क्यू के बावजूद बाघिन के पकड़ में न आने से ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी है। कुडरीपुरवा क्षेत्र में लंबे समय से पिंजरा लगा है और निगरानी के लिए मचान भी बनाए गए हैं। उसे पकड़ने के लिए तीसरी बार पड़वा बांधा गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की दहशत के चलते खेतों में जाना और पशुओं के लिए चारा लाना मुश्किल हो गया है। जब तक बाघिन पकड़ी नहीं जाती, तब तक ग्रामीणों का डर खत्म होने वाला नहीं है।
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बारिश के कारण कॉम्बिंग में परेशानी आई, उसके ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं। बाघिन को पकड़ने के लिए तीसरी बार पड़वा बांधा गया है। टीम लगातार निगरानी कर रही है।
-सिकंदर सिंह, रेंजर मिश्रिख।
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पहले बांधे गए पड़वा को बाघिन ने अपना शिकार बना लिया था। वह अभी वन विभाग के जाल में नहीं फंस सकी है। बृहस्पतिवार को तीसरा पड़वा बांधा गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण खेतों और कच्चे रास्तों पर पानी भर गया है, इससे पगचिह्न तलाशने में दिक्कत आ रही है। इसके बावजूद संभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है।
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लंबे समय से चल रहे रेस्क्यू के बावजूद बाघिन के पकड़ में न आने से ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी है। कुडरीपुरवा क्षेत्र में लंबे समय से पिंजरा लगा है और निगरानी के लिए मचान भी बनाए गए हैं। उसे पकड़ने के लिए तीसरी बार पड़वा बांधा गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की दहशत के चलते खेतों में जाना और पशुओं के लिए चारा लाना मुश्किल हो गया है। जब तक बाघिन पकड़ी नहीं जाती, तब तक ग्रामीणों का डर खत्म होने वाला नहीं है।
बारिश के कारण कॉम्बिंग में परेशानी आई, उसके ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं। बाघिन को पकड़ने के लिए तीसरी बार पड़वा बांधा गया है। टीम लगातार निगरानी कर रही है।
-सिकंदर सिंह, रेंजर मिश्रिख।