Sitapur: बुखार से पीड़ित महिला को एक घंटे में तीन ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई, मुंह से निकला झाग, मौत
झोलाछाप डॉक्टर ने महिला को एक घंटे में तीन ग्लूकोज की बोतलें चढ़ा दी और घर भेज दिया। घर पहुंचते ही महिला की हालत बिगड़ने लगी और मौत हो गई।
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सीतापुर के परागीपुरवा गांव निवासी बुखार से पीड़ित महिला की बुधवार शाम मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रामकोट थाना क्षेत्र के परागीपुरवा गांव निवासी बबलू ने बताया कि उनकी पत्नी प्रेमा (30) बीते 2 दिनों से बुखार से परेशान थीं, जिसके चलते बबलू ने मंगलवार को उन्हें मधवापुर में स्थित झोलाछाप (खान क्लीनिक) पर दिखाया था। बुधवार शाम दोबारा तेज बुखार आने पर खान क्लीनिक ले गए, जहां झोलाछाप डॉक्टर ने एक घंटे में तीन बोतल ग्लूकोज चढ़ाई, जिसके बाद से प्रेमा की हालत और नाजुक हो गई। पीड़िता की हालत नाजुक होता देख फर्जी डॉक्टर ने मरीज को घर ले जाने को कहा और समस्या बढ़ने पर घर आकर इलाज करने की बात भी कही।
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बबलू के अनुसार रास्ते में ही प्रेमा के हाथ पैर ठंडे पड़ गए और मुंह से झाग गिरने लगा और घर पहुंचते ही प्रेमा की मौत हो गई। परिजनों ने आनन-फानन पुलिस को सूचना दी,जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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झोलाछाप के इलाज से पहले भी हो चुकी है महिला की मौत
झोलाछाप के इलाज से होने वाली मौत का यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी बीते शुक्रवार को बीहट गौर में बुखार से पीड़ित एक महिला की झोलाछाप के इलाज से जान चली गई थी। क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में झोलाछाप का मकड़जाल फैला हुआ है, यहां तक दर्जनों लोग क्षेत्र में भ्रमण करके भी लोगों का इलाज करने की कोशिश करते हैं।