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एक्सपायर्ड डीएल पर वाहन चला रहे 41 हजार लोग
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सीतापुर। कोरोना काल में लगाई गई पाबंदियों में राहत नहीं मिलने का खामियाजा जिले के 41 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को भुगतना पड़ रहा है। समयसीमा पूरी होने के बाद नवीनीकरण नहीं हो पाने के कारण लोग एक्सपायर्ड लाइसेंस पर वाहन चलाने को मजबूर हैं। लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर आवेदन करने के बाद भी स्लॉट खाली नहीं होने की वजह से कोई नौ माह तो कोई एक साल से तारीख का इंतजार कर रहा है, लेकिन तारीख नहीं मिल रही है। ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के सामने ये बड़ी समस्या बनकर खड़ी हो गई है। इसको लेकर वह चिंतित हैं पर सिस्टम को चलाने वाले हुक्मरानों की इस ओर नजरें इनायत नहीं हो रही हैं।
दो साल पहले कोरोना महामारी की दस्तक के बाद लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए कई नियमों में बदलाव किया गया था। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की व्यवस्था बदल दी थी। एआरटीओ विभाग से जुड़े जानकारों की मानें तो कोविड के पहले एक दिन में करीब 220 लोगों के लाइसेंस नवीनीकरण के स्लॉट (स्थान) खाली रहते थे।
ऐसे में उन्हें आसानी से स्लॉट मिल जाते थे और नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, लेकिन कोरोनाकाल में करीब दो साल पहले विभाग ने एक दिन में स्लॉट की संख्या कम करके 33 कर दी थी। इससे सुबह से शाम तक तीन शिफ्ट में होने वाले नवीनीकरण के लिए 33 से अधिक ऑनलाइन आवेदन नहीं किए जा सकते हैं।
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कोरोना की पहली, दूसरी व तीसरी लहर भी आकर चली गई। सरकार ने कोविड को लेकर लगाई गईं तमाम पाबंदियों में छूट दे दी है। मास्क लगाने की अनिवार्यता भी सरकार ने खत्म कर दी है। कोरोना संक्रमण का खतरा भी अब काफी कम हो चुका है। सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो चुका है, लेकिन परिवहन विभाग ने दो साल पहले कोरानाकाल में ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की जो व्यवस्था लागू की थी, वह अब भी चल रही है।
यही वजह है कि विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले के 41 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हो चुके हैं। इसमें निजी और कॉमर्शियल लाइसेंस धारक भी शामिल हैं। ये सभी निर्धारित तारीख की समयसीमा पार कर चुके हैं। हालांकि जानकार बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि सभी निजी लाइसेंस कोविड नियमों की वजह से नवीनीकरण नहीं हो पाए हैं, लेकिन अब लाइसेंस नवीनीकरण कराने में दिक्कत जरूर आ रही है। स्लॉट लगातार फुल चल रहे हैं, इस वजह से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आवेदन करने के बाद लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कोई नौ माह तो कोई एक साल से तारीख का इंतजार कर रहा है, लेकिन किसी को भी तारीख नहीं मिल सकी है। सभी के आवेदन प्रतीक्षारत हैं।
जानकारों की मानें तो नया ड्राइविंग लाइसेंस विभाग से 20 साल तक के लिए या फिर आवेदक की उम्र 50 साल पूरी होने तक की अवधि के लिए जारी किया जाता है, इससे अधिक अवधि के लिए विभाग लाइसेंस नहीं जारी करता है। जानकार बताते हैं कि जो लाइसेंस एक्सपायर हो चुके हैं, वह इसी श्रेणी में आते हैं।
जानकार बताते हैं कि स्लॉट की संख्या अचानक कम किए जाने से ये दिक्कत खड़ी हुई। पहले 220 से घटकर एक दिन में 33 आवेदन ही होने की वजह से आवेदकों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती गई। लाइसेंस रिन्यूवल के लिए एक दिन में औसतन 100 आवेदन आते हैं। ऐसे में 33 लोगों को ही स्लॉट मिलने से उनके लाइसेंस नवीनीकरण हो पाते हैं। जबकि रोजाना 77 लोग लाइसेंस नवीनीकरण कराने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में पिछले दो साल से लगातार पर्याप्त स्लॉट नहीं मिल पाने से समस्या दिनोंदिन बढ़ती गई।
लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर इन दिनों बड़ी समस्या खड़ी हुई है। आलम ये है कि सुबह 11 बजे जैसे ही साइट खुलती है। लोग पहले से ही ऑनलाइन आवेदन के लिए तैयार रहते हैं। जानकार बताते हैं कि 15 से 20 सेकेंड में सभी स्लॉट फुल हो जाते हैं। जिन लोगों का ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पाता, वे अगले दिन का इंतजार करते हैं। ये सिलसिला काफी समय से चला आ रहा है।
लाइसेंस नवीनीकरण न होने की वजह से लाइसेंस धारकों को दोहरी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। एक तो लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद तारीख नहीं मिल पा रही है। दूसरा अगर वाहन चेकिंग के दौरान एक्सपायरी लाइसेंस पर पकड़े गए तो पांच हजार रुपये जुर्माना भी भुगतना पड़ रहा है। हालांकि सरकार ने कोविड को देखते हुए एक फरवरी 2021 से 31 अक्तूूबर 2021 तक बिना लाइसेंस नवीनीकरण के पकड़े जाने पर जुर्माना नहीं करने का आदेश दिया था, लेकिन उस आदेश की भी समय सीमा पूरी हो चुकी है।
लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो पाने की वजह से कई लाइसेंस धारकों को अपनी नौकरी तक गवांनी पड़ गई। सूत्रों की मानें तो ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हो जाने के बाद अगर कोई दुर्घटना हो गई तो कानूूनी दांवपेंच में फंसने की आशंका रहती है। इसके चलते कई वाहन स्वामियों ने चालकों को नौकरी से ही निकाल दिया। ऐसे में कई चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया।
जानकारों की मानें तो ड्राइविंग लाइसेंस धारकों में जागरूकता का अभाव भी है। अगर लाइसेंस एक्सपायर होने के पहले ही नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया जाए तो ये दिक्कतें नहीं आएंगी। तय समय पर उनका आवेदन मान्य होगा और नवीनीकरण हो जाएगा, इससे ये दिक्कतें नहीं आएंगी।
एआरटीओ प्रशासन माला वाजपेयी ने बताया कि स्लॉट को लेकर दिक्कतें हैं। आवेदन करने पर 90 दिन का समय मिल रहा है। कई हजार लोगों को तारीख मिलने का इंतजार है। लाइसेंस नवीनीकरण की समस्याएं बढ़ रहीं हैं। लोगों की परेशानी देखते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर गुजारिश की गई है कि कोविडकाल से पहले की व्यवस्था लागू कर दी जाए।
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दो साल पहले कोरोना महामारी की दस्तक के बाद लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए कई नियमों में बदलाव किया गया था। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की व्यवस्था बदल दी थी। एआरटीओ विभाग से जुड़े जानकारों की मानें तो कोविड के पहले एक दिन में करीब 220 लोगों के लाइसेंस नवीनीकरण के स्लॉट (स्थान) खाली रहते थे।
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ऐसे में उन्हें आसानी से स्लॉट मिल जाते थे और नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, लेकिन कोरोनाकाल में करीब दो साल पहले विभाग ने एक दिन में स्लॉट की संख्या कम करके 33 कर दी थी। इससे सुबह से शाम तक तीन शिफ्ट में होने वाले नवीनीकरण के लिए 33 से अधिक ऑनलाइन आवेदन नहीं किए जा सकते हैं।
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कोरोना की पहली, दूसरी व तीसरी लहर भी आकर चली गई। सरकार ने कोविड को लेकर लगाई गईं तमाम पाबंदियों में छूट दे दी है। मास्क लगाने की अनिवार्यता भी सरकार ने खत्म कर दी है। कोरोना संक्रमण का खतरा भी अब काफी कम हो चुका है। सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो चुका है, लेकिन परिवहन विभाग ने दो साल पहले कोरानाकाल में ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की जो व्यवस्था लागू की थी, वह अब भी चल रही है।
यही वजह है कि विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले के 41 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हो चुके हैं। इसमें निजी और कॉमर्शियल लाइसेंस धारक भी शामिल हैं। ये सभी निर्धारित तारीख की समयसीमा पार कर चुके हैं। हालांकि जानकार बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि सभी निजी लाइसेंस कोविड नियमों की वजह से नवीनीकरण नहीं हो पाए हैं, लेकिन अब लाइसेंस नवीनीकरण कराने में दिक्कत जरूर आ रही है। स्लॉट लगातार फुल चल रहे हैं, इस वजह से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आवेदन करने के बाद लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कोई नौ माह तो कोई एक साल से तारीख का इंतजार कर रहा है, लेकिन किसी को भी तारीख नहीं मिल सकी है। सभी के आवेदन प्रतीक्षारत हैं।
जानकारों की मानें तो नया ड्राइविंग लाइसेंस विभाग से 20 साल तक के लिए या फिर आवेदक की उम्र 50 साल पूरी होने तक की अवधि के लिए जारी किया जाता है, इससे अधिक अवधि के लिए विभाग लाइसेंस नहीं जारी करता है। जानकार बताते हैं कि जो लाइसेंस एक्सपायर हो चुके हैं, वह इसी श्रेणी में आते हैं।
जानकार बताते हैं कि स्लॉट की संख्या अचानक कम किए जाने से ये दिक्कत खड़ी हुई। पहले 220 से घटकर एक दिन में 33 आवेदन ही होने की वजह से आवेदकों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती गई। लाइसेंस रिन्यूवल के लिए एक दिन में औसतन 100 आवेदन आते हैं। ऐसे में 33 लोगों को ही स्लॉट मिलने से उनके लाइसेंस नवीनीकरण हो पाते हैं। जबकि रोजाना 77 लोग लाइसेंस नवीनीकरण कराने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में पिछले दो साल से लगातार पर्याप्त स्लॉट नहीं मिल पाने से समस्या दिनोंदिन बढ़ती गई।
लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर इन दिनों बड़ी समस्या खड़ी हुई है। आलम ये है कि सुबह 11 बजे जैसे ही साइट खुलती है। लोग पहले से ही ऑनलाइन आवेदन के लिए तैयार रहते हैं। जानकार बताते हैं कि 15 से 20 सेकेंड में सभी स्लॉट फुल हो जाते हैं। जिन लोगों का ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पाता, वे अगले दिन का इंतजार करते हैं। ये सिलसिला काफी समय से चला आ रहा है।
लाइसेंस नवीनीकरण न होने की वजह से लाइसेंस धारकों को दोहरी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। एक तो लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद तारीख नहीं मिल पा रही है। दूसरा अगर वाहन चेकिंग के दौरान एक्सपायरी लाइसेंस पर पकड़े गए तो पांच हजार रुपये जुर्माना भी भुगतना पड़ रहा है। हालांकि सरकार ने कोविड को देखते हुए एक फरवरी 2021 से 31 अक्तूूबर 2021 तक बिना लाइसेंस नवीनीकरण के पकड़े जाने पर जुर्माना नहीं करने का आदेश दिया था, लेकिन उस आदेश की भी समय सीमा पूरी हो चुकी है।
लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो पाने की वजह से कई लाइसेंस धारकों को अपनी नौकरी तक गवांनी पड़ गई। सूत्रों की मानें तो ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हो जाने के बाद अगर कोई दुर्घटना हो गई तो कानूूनी दांवपेंच में फंसने की आशंका रहती है। इसके चलते कई वाहन स्वामियों ने चालकों को नौकरी से ही निकाल दिया। ऐसे में कई चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया।
जानकारों की मानें तो ड्राइविंग लाइसेंस धारकों में जागरूकता का अभाव भी है। अगर लाइसेंस एक्सपायर होने के पहले ही नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया जाए तो ये दिक्कतें नहीं आएंगी। तय समय पर उनका आवेदन मान्य होगा और नवीनीकरण हो जाएगा, इससे ये दिक्कतें नहीं आएंगी।
एआरटीओ प्रशासन माला वाजपेयी ने बताया कि स्लॉट को लेकर दिक्कतें हैं। आवेदन करने पर 90 दिन का समय मिल रहा है। कई हजार लोगों को तारीख मिलने का इंतजार है। लाइसेंस नवीनीकरण की समस्याएं बढ़ रहीं हैं। लोगों की परेशानी देखते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर गुजारिश की गई है कि कोविडकाल से पहले की व्यवस्था लागू कर दी जाए।