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सिधौली : पुल की टूटी रेलिंग से खतरे में जान
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सिधौली (सीतापुर)। शारदा सहायक नहर पर हुसैनगंज पुल की टूटी रेलिंग हादसों का सबब बन रही है। अक्सर कोई न कोई राहगीर दुर्घटना का शिकार होता रहता है। कुछ की जान चली गई, जबकि कई राहगीर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सिधौली-बिसवां मार्ग पर शारदा सहायक नहर के हुसैनगंज पुल की बाई तरफ वाली रेलिंग पिछले पांच साल से टूटी है। करीब 12 फीट लंबाई में रेलिंग टूट जाने से पुल पर गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है। बाइक, साइकिल और पैदल राहगीरों के लिए यह टूटी रेलिंग हादसे की वजह बनी हुई है।
एक सैकड़ा से अधिक गांवों को यह मार्ग तहसील व ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ता है। दो तहसीलों को भी जोड़नेे वाले इस व्यस्ततम मार्ग पर हजारों राहगीरों का आवागमन रोजाना होता है।
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सामने से आ रहे किसी बड़े वाहन या दो वाहनों के क्रास करते समय बचने के प्रयास में बाइक और साइकिल सवार आए दिन हड़बड़ाकर नहर में गिर जाते हैं। कुछ राहगीरों को जान तक गंवानी पड़ी है।
पुल की टूटी रेलिंग को बनवाने के लिए स्थानीय नागरिक कई बार ब्लॉक व तहसील स्तरीय अधिकारियों के साथ नहर विभाग से भी शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी पिछले कई वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है।
लोग बोले, रेलिंग बनने पर ही रुकेंगे हादसे
हुसैनगंज पुल की टूटी रेलिंग बनने पर ही हादसे रुक सकते हैं। पुल के पास दुकान चलाने वाले शानू, रामआसरे व रामजीवन बताते हैं कि टूटी रेलिंग के कारण अक्सर बाइक और साइकिल सवार नहर में गिर जाते हैं।
दिन में दुर्घटनाग्रस्त होने वालों को दुकानदारों से मदद मिल जाती है लेकिन रात में अगर कोई नीचे गिर गया तो भगवान ही मालिक है। ग्रामीण रामजीवन, बेद, टोर्रा, शिवलाल, महेश, राजन, उमेश, जलील व अजय आदि हादसों की रोकथाम के लिए पुल की टूटी रेलिंग बनवाने की मांग की है।
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सिधौली-बिसवां मार्ग पर शारदा सहायक नहर के हुसैनगंज पुल की बाई तरफ वाली रेलिंग पिछले पांच साल से टूटी है। करीब 12 फीट लंबाई में रेलिंग टूट जाने से पुल पर गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है। बाइक, साइकिल और पैदल राहगीरों के लिए यह टूटी रेलिंग हादसे की वजह बनी हुई है।
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एक सैकड़ा से अधिक गांवों को यह मार्ग तहसील व ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ता है। दो तहसीलों को भी जोड़नेे वाले इस व्यस्ततम मार्ग पर हजारों राहगीरों का आवागमन रोजाना होता है।
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सामने से आ रहे किसी बड़े वाहन या दो वाहनों के क्रास करते समय बचने के प्रयास में बाइक और साइकिल सवार आए दिन हड़बड़ाकर नहर में गिर जाते हैं। कुछ राहगीरों को जान तक गंवानी पड़ी है।
पुल की टूटी रेलिंग को बनवाने के लिए स्थानीय नागरिक कई बार ब्लॉक व तहसील स्तरीय अधिकारियों के साथ नहर विभाग से भी शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी पिछले कई वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है।
लोग बोले, रेलिंग बनने पर ही रुकेंगे हादसे
हुसैनगंज पुल की टूटी रेलिंग बनने पर ही हादसे रुक सकते हैं। पुल के पास दुकान चलाने वाले शानू, रामआसरे व रामजीवन बताते हैं कि टूटी रेलिंग के कारण अक्सर बाइक और साइकिल सवार नहर में गिर जाते हैं।
दिन में दुर्घटनाग्रस्त होने वालों को दुकानदारों से मदद मिल जाती है लेकिन रात में अगर कोई नीचे गिर गया तो भगवान ही मालिक है। ग्रामीण रामजीवन, बेद, टोर्रा, शिवलाल, महेश, राजन, उमेश, जलील व अजय आदि हादसों की रोकथाम के लिए पुल की टूटी रेलिंग बनवाने की मांग की है।