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हत्यारे को उम्रकैद
Amarujala Bureau
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:06 PM IST
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अदालत का फैसला
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अपर सत्र न्यायाधीश देवी शंकर प्रसाद श्रीवास्तव ने हत्या के एक मामले में एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में दो को मारपीट का दोषी पाते हुए एक वर्ष केे सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने की।
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नगर के रोडवेज बस स्टैंड चौराहे पर 15 वर्ष पूर्व टैक्सी ले जाने के विवाद का बीच-बचाव कर रहे दूरसंचार विभाग के एक जूनियर इंजीनियर कैलाश चंद शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कैलाश के भाई राजकिशोर व भतीजे रंजय टैक्सी चलवाते थे।
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पांच जून 2001 को जीप किराए पर ले जाने से मना करने पर उसका खैराबाद के दहेलिया निवासी विनोद तिवारी से विवाद हो गया था। कैलाश चंद भी मौके पर मामला सुलझाने पहुंच गए थे। विवाद के दौरान विनोद ने फायरिंग कर दी, जिससे कैलाश हो गोली लग गई थी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
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राजकिशोर ने शहर कोतवाली में विनोद तिवारी, सुबोध तिवारी, महेश्वर दयाल, लालबाबू, बिन्नू उर्फ विनीत, भूरे उर्फ पप्पू, बौना उर्फ राजेश, अनूप व राकेश को नामजद किया था। कोर्ट साक्ष्यों के आधार पर विनोद तिवारी को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जबकि विनीत व पप्पू को मारपीट के लिए दोषी ठहराया और एक साल के सश्रम कारावास की सजा दी।