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फर्जी प्रमाणपत्र से दो ने हथियाई नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:42 PM IST
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एक ने दूसरे के नंबर को हाईजैक कर अपना नाम दर्ज कर लिया। इसके बाद उसने इस रोल नंबर पर अंकित टीईटी अंक भी बढ़ा दिए। जबकि दूसरे ने नौकरी पाने के फेर में टीईटी अंकों में 33 अंक बना दिए।
दस्तावेजों में फर्जीवाडे़ का खुलासा ऑनलाइन जांच में हुआ। बीएसए ने दोनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। बीईओ को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। दोनों शिक्षक सीतापुर जिले के मूल निवासी है।
प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती चल रही है। इसमें खैराबाद विकास खंड के ग्राम परसपुर निवासी विनोद कुमार गौतम ने आवेदन किया था। आवेदन के बाद नाम मेरिट सूची में आ गया था। 23 जनवरी 2015 को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के लिए डायट पर बुलाया गया था।
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जॉइनिंग लेटर प्राप्त करते समय उन्होंने जो मूल प्रमाणपत्र जमा किए थे, उसमें टीईटी अनुक्रमांक 16035248 व टीईटी में 110 अंक दर्शाया गए थे। चयन के बाद विनोद को हरगांव विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय काजीपुर में तैनाती दी गई थी। उसने छह माह का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लिया।
मौलिक नियुक्ति के लिए उसे 24 व 25 अगस्त को परीक्षा देनी थी पर उससे पहले ही ऑनलाइन प्रमाणपत्र सत्यापन में दस्तावेजों के फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। जांच में इस रोल नंबर पर संतोष कुमार कठेरिया का नाम दर्ज है। जबकि टीईटी में 106 नंबर दर्ज पाए गए।
इसी प्रकार दूसरे शिक्षक बिसवां तहसील के भिठमनी निवासी अशोक कुमार का टीईटी अनुक्रमांक 0717729 है। इन्होंने 23 जनवरी को जॉइनिंग लेटर प्राप्त कर लिया था। मूल प्रमाणपत्र में टीईटी नंबर 115 दर्शाए गए थे। उसे महोली विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय जमनुहा में तैनाती दी गई थी।
ऑनलाइन हुई जांच में इस नंबर पर टीईटी में 82 अंक दर्ज पाए गए। अशोक ने नौकरी पाने के चक्कर 33 नंबर बढ़ा लिए। खास बात यह है दोनों शिक्षक छह माह का मानदेय भी प्राप्त कर चुके हैं। सत्यापन में अभिलेखों के फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संजीव सिंह ने दोनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। इनके खिलाफ संबंधित विकासखंड के खंड शिक्षाधिकारियों को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है।
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दस्तावेजों में फर्जीवाडे़ का खुलासा ऑनलाइन जांच में हुआ। बीएसए ने दोनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। बीईओ को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। दोनों शिक्षक सीतापुर जिले के मूल निवासी है।
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प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती चल रही है। इसमें खैराबाद विकास खंड के ग्राम परसपुर निवासी विनोद कुमार गौतम ने आवेदन किया था। आवेदन के बाद नाम मेरिट सूची में आ गया था। 23 जनवरी 2015 को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के लिए डायट पर बुलाया गया था।
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जॉइनिंग लेटर प्राप्त करते समय उन्होंने जो मूल प्रमाणपत्र जमा किए थे, उसमें टीईटी अनुक्रमांक 16035248 व टीईटी में 110 अंक दर्शाया गए थे। चयन के बाद विनोद को हरगांव विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय काजीपुर में तैनाती दी गई थी। उसने छह माह का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लिया।
मौलिक नियुक्ति के लिए उसे 24 व 25 अगस्त को परीक्षा देनी थी पर उससे पहले ही ऑनलाइन प्रमाणपत्र सत्यापन में दस्तावेजों के फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। जांच में इस रोल नंबर पर संतोष कुमार कठेरिया का नाम दर्ज है। जबकि टीईटी में 106 नंबर दर्ज पाए गए।
इसी प्रकार दूसरे शिक्षक बिसवां तहसील के भिठमनी निवासी अशोक कुमार का टीईटी अनुक्रमांक 0717729 है। इन्होंने 23 जनवरी को जॉइनिंग लेटर प्राप्त कर लिया था। मूल प्रमाणपत्र में टीईटी नंबर 115 दर्शाए गए थे। उसे महोली विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय जमनुहा में तैनाती दी गई थी।
ऑनलाइन हुई जांच में इस नंबर पर टीईटी में 82 अंक दर्ज पाए गए। अशोक ने नौकरी पाने के चक्कर 33 नंबर बढ़ा लिए। खास बात यह है दोनों शिक्षक छह माह का मानदेय भी प्राप्त कर चुके हैं। सत्यापन में अभिलेखों के फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संजीव सिंह ने दोनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। इनके खिलाफ संबंधित विकासखंड के खंड शिक्षाधिकारियों को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है।