{"_id":"6748b7af142e1d06970e2428","slug":"seeing-the-bodies-of-parents-bilkhe-masum-last-rites-on-a-coffin-sitapur-news-c-102-1-slko1055-122681-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: मां-बाप के शव देख बिलखे मासूम, एक चिता पर अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: मां-बाप के शव देख बिलखे मासूम, एक चिता पर अंतिम संस्कार
Fri, 29 Nov 2024 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:04 AM IST
विज्ञापन
दंपती की मौत पर बिलखते परिजन।
रामकोट (सीतापुर)। उरदौली में हाईवे पर हुई मार्ग दुर्घटना में जान गंवाने वाले दंपती का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को एक ही चिता पर किया गया। गमगीन माहौल में हुए अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भीड़ उमड़ी।
रामकोट के गौरा लिलसी निवासी विपिन कुमार (36) अपनी पत्नी उपासना (32) पुत्र अविनाश (2) के साथ महोली के टिकराखुर्द गांव गए थे। बुधवार दोपहर दंपती एक बाइक से घर आ रहे थे। हाईवे पर उरदौली बाजार के पास महोली से सीतापुर की तरफ जा रही कैसरबाग डिपो की रोडवेज बस ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी थी।
हादसे में दंपती की मौत हाे गई थी। बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दोनों के शव गौरा गांव पहुंचे, चीख-पुकार मच गई। विपिन की बूढ़ी मां अपने अन्य पुत्रों से गले लिपटकर रोने लगीं। दंपती के तीनों मासूम बच्चे कोने में खड़े होकर अपने माता-पिता के शव को पथराई आंखों से देख बिलखने लगे। दोनों शवों का अंतिम संस्कार गांव स्थित बाग में किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामकोट के गौरा लिलसी निवासी विपिन कुमार (36) अपनी पत्नी उपासना (32) पुत्र अविनाश (2) के साथ महोली के टिकराखुर्द गांव गए थे। बुधवार दोपहर दंपती एक बाइक से घर आ रहे थे। हाईवे पर उरदौली बाजार के पास महोली से सीतापुर की तरफ जा रही कैसरबाग डिपो की रोडवेज बस ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी थी।
विज्ञापन
हादसे में दंपती की मौत हाे गई थी। बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दोनों के शव गौरा गांव पहुंचे, चीख-पुकार मच गई। विपिन की बूढ़ी मां अपने अन्य पुत्रों से गले लिपटकर रोने लगीं। दंपती के तीनों मासूम बच्चे कोने में खड़े होकर अपने माता-पिता के शव को पथराई आंखों से देख बिलखने लगे। दोनों शवों का अंतिम संस्कार गांव स्थित बाग में किया गया।
विज्ञापन