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एसडीएम ने कोटेदार को जड़ा थप्पड़
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सिधौली (सीतापुर)। तहसील परिसर में गुरुवार की शाम उस वक्त हंगामा मच गया जब एक कोटेदार ने एसडीएम पर पिटाई का आरोप लगाया। मामले की खबर मिलते ही क्षेत्रीय विधायक मनीष रावत मौके पर पहुंच गए। इसके बाद मामला ने तूल पकड़ लिया। देर रात तक तहसील परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
तहसील क्षेत्र के पूरनपुर में गुरुवार को कोटे का चयन किया गया। आदर्श कुमार का चयन कोटेदार के रूप में हुआ। हीरपुर का कोटेदार रामसहारे आपूर्ति दफ्तर आदर्श कुमार के साथ चयन के आदेश की कॉपी लेने गया था। वहां सप्लाई इंस्पेक्टर मंजुषा यादव यह कहकर निकल गईं कि वापस आकर आदेश की कॉपी देंगी। शाम को सप्लाई इंस्पेक्टर वापस आईं तो अगले दिन आदेश की कॉपी देने को कहा। कोटेदार रामसहारे ने सवाल किया तो सप्लाई इंस्पेक्टर ने बताया आदेश बन चुका है, कुछ औपचारिकता शेष हैं। इस पर कोटेदार रामसहारे ने आदेश की कॉपी दिखाने की बात कही।
उधर, एसडीएम ने अपने ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे के जरिये शाम लगभग सात बजे सप्लाई इंस्पेक्टर के दफ्तर में अंधेरा होने के बाद भी किसी व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि देखी तो अर्दली व चालक को भेजा। कुछ देर बाद पीछे से एसडीएम भी पहुंच गए। पूछताछ के लिए कोटेदार रामसहारे को एसडीएम दफ्तर ले जाया गया। एसडीएम ने वहां कोटेदार के बयान दर्ज किए। बयान देकर कोटेदार रामसहारे बाहर निकला तो एसडीएम पर पिटाई का आरोप जड़ दिया।
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कोटेदार का आरोप है कि एसडीएम ने उसकी पिटाई की और सप्लाई इंस्पेक्टर ने भी अभद्र व्यवहार किया। खबर मिलते ही विधायक मनीष रावत तहसील पहुंच गए, इसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा। लगभग डेढ़ घंटे तक तहसील में हंगामा चलता रहा और गहमागहमी रही।
सीओ यादुवेन्द्र यादव ने विधायक को मामले की जांच उच्चाधिकारी से कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक वहां से चले गए। मामले पर विधायक कुछ भी बोलते से बचते रहे। उन्होंने इतना ही कहा कि कोटेदार को न्याय मिलना चाहिए।
पिटाई का आरोप निराधार
सप्लाई दफ्तर में शाम सात बजे अंधेरे के बीच सीसीटीवी कैमरे में एक व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करते देखा तो अर्दली व चालक को भेजा। पीछे से खुद पहुंच गया। जब उस व्यक्ति ने बताया कि वह कोटेदार है तो सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ के मामले में अपने ऑफिस लाकर बयान दर्ज कर लिए। पिटाई का आरोप निराधार है।
- अजय कुमार सिंह, एसडीएम
सीसीटीवी से सामने आएगा सच
आरोप प्रत्यारोप का सच क्या है, यह सीसीटीवी में कैद है। कोटेदार के आरोप को सच माने तो पिटाई की फुटेज सीसीटीवी में होगी। फुटेज खंगालने पर सच सामने आ जाएगा। यही एसडीएम के पिटाई न करने वाली बात पर भी लागू होता है।
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तहसील क्षेत्र के पूरनपुर में गुरुवार को कोटे का चयन किया गया। आदर्श कुमार का चयन कोटेदार के रूप में हुआ। हीरपुर का कोटेदार रामसहारे आपूर्ति दफ्तर आदर्श कुमार के साथ चयन के आदेश की कॉपी लेने गया था। वहां सप्लाई इंस्पेक्टर मंजुषा यादव यह कहकर निकल गईं कि वापस आकर आदेश की कॉपी देंगी। शाम को सप्लाई इंस्पेक्टर वापस आईं तो अगले दिन आदेश की कॉपी देने को कहा। कोटेदार रामसहारे ने सवाल किया तो सप्लाई इंस्पेक्टर ने बताया आदेश बन चुका है, कुछ औपचारिकता शेष हैं। इस पर कोटेदार रामसहारे ने आदेश की कॉपी दिखाने की बात कही।
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उधर, एसडीएम ने अपने ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे के जरिये शाम लगभग सात बजे सप्लाई इंस्पेक्टर के दफ्तर में अंधेरा होने के बाद भी किसी व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि देखी तो अर्दली व चालक को भेजा। कुछ देर बाद पीछे से एसडीएम भी पहुंच गए। पूछताछ के लिए कोटेदार रामसहारे को एसडीएम दफ्तर ले जाया गया। एसडीएम ने वहां कोटेदार के बयान दर्ज किए। बयान देकर कोटेदार रामसहारे बाहर निकला तो एसडीएम पर पिटाई का आरोप जड़ दिया।
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कोटेदार का आरोप है कि एसडीएम ने उसकी पिटाई की और सप्लाई इंस्पेक्टर ने भी अभद्र व्यवहार किया। खबर मिलते ही विधायक मनीष रावत तहसील पहुंच गए, इसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा। लगभग डेढ़ घंटे तक तहसील में हंगामा चलता रहा और गहमागहमी रही।
सीओ यादुवेन्द्र यादव ने विधायक को मामले की जांच उच्चाधिकारी से कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक वहां से चले गए। मामले पर विधायक कुछ भी बोलते से बचते रहे। उन्होंने इतना ही कहा कि कोटेदार को न्याय मिलना चाहिए।
पिटाई का आरोप निराधार
सप्लाई दफ्तर में शाम सात बजे अंधेरे के बीच सीसीटीवी कैमरे में एक व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करते देखा तो अर्दली व चालक को भेजा। पीछे से खुद पहुंच गया। जब उस व्यक्ति ने बताया कि वह कोटेदार है तो सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ के मामले में अपने ऑफिस लाकर बयान दर्ज कर लिए। पिटाई का आरोप निराधार है।
- अजय कुमार सिंह, एसडीएम
सीसीटीवी से सामने आएगा सच
आरोप प्रत्यारोप का सच क्या है, यह सीसीटीवी में कैद है। कोटेदार के आरोप को सच माने तो पिटाई की फुटेज सीसीटीवी में होगी। फुटेज खंगालने पर सच सामने आ जाएगा। यही एसडीएम के पिटाई न करने वाली बात पर भी लागू होता है।